नई दिल्ली: छत्तीसगढ़ में हो रहे विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान के लिए मतदान दलों को सुरक्षित पहुंचाना और शांतिपूर्वक चुनाव संपन्न कराना सुरक्षा बलों के लिए बड़ी चुनौती है. राज्य में चुनाव के लिए सुरक्षा बल के लगभग एक लाख जवानों को तैनात किया गया है. छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव में पहले चरण के लिए सोमवार 12 तारीख को मतदान होगा. राज्य में माओवादियों ने चुनाव के बहिष्कार की घोषणा की है और पिछले 15 दिनों में तीन बड़ी घटनाओं को अंजाम दिया है. ऐसे में राज्य के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मानते हैं कि मतदान दलों को सुरक्षित मतदान केंद्रों तक पहुंचाना, शांतिपूर्वक मतदान कराना और दलों को ईवीएम के साथ सुरक्षित वापस लाना चुनौती भरा काम है.

हेलीकॉप्टर की मदद
राज्य के नक्सल विरोधी अभियान के विशेष पुलिस महानिदेशक डी एम अवस्थी ने बताया कि राज्य में शांतिपूर्ण मतदान संपन्न कराने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. इसके लिए सुरक्षा बलों के लगभग एक लाख जवानों को तैनात किया गया है. अवस्थी ने बताया कि प्रथम चरण के मतदान के लिए मतदान दलों को रवाना किया जा रहा है. राज्य के नक्सल प्रभावित अंदरूनी क्षेत्रों के लिए 650 मतदान दलों को हेलीकॉप्टर से भेजा गया है. इन क्षेत्रों में मतदान दलों को सुरक्षित पहुंचा दिया गया है. इस कार्य के लिए भारतीय वायु सेना, सीमा सुरक्षा बल और निजी हेलीकाप्टरों की सेवाएं ली गई हैं. वहीं जहां मतदान दल सड़क मार्ग से जा सकते हैं वहां के लिए दल को सुरक्षा के साथ रवाना किया जाएगा.

सुरक्षा बलों की 650 कंपनियां तैनात
वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि राज्य में शांतिपूर्ण मतदान के लिए सुरक्षा बलों की 650 कंपनियां आई हैं. वहीं यहां पहले से बड़ी संख्या में सुरक्षा बल के जवान तैनात हैं. सभी को चुनाव कार्य में लगा दिया गया है. अवस्थी ने बताया कि सुरक्षा बल के जवानों को नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पूरी सतर्कता बरतने को कहा गया है. वहीं उन्हें प्रशिक्षण भी दिया गया है. सुरक्षा बल से कहा गया है कि वे किसी भी प्रकार के सामान को लाने या अन्य कार्यों के लिए सड़क का उपयोग तब तक नहीं करें जब तक क्षेत्र में रोड ओपनिंग पार्टी न लगी हो या क्षेत्र को बारूदी सुरंगों से रहित न किया गया हो. उन्होंने बताया के क्षेत्र में बारूदी सुरंग लगे होने की खबरें लगातार आ रही हैं. माओवादी चुनाव में बारूदी सुरंग लगाकर ही गड़बड़ी फैलाने का प्रयास करेंगे. इसलिए सुरक्षा बल को आईईडी से बचने के उपाय बताए गए हैं.

बरती जा रही है अतिरिक्त सुरक्षा
अवस्थी ने बताया कि जहां पर मतदान केंद्र हैं और मतदान दल साथ जा रहा है वहां अतिरिक्त सुरक्षा और सतर्कता बरतने के लिए कहा गया है. जैसे कि आसपास के क्षेत्र को ‘डीमाईन’ करना. खुद की सुरक्षा का ध्यान रखना और ध्यान से चलना. नक्सली इन क्षेत्रों में स्पाईक और बारूदी सुरंग लगाते हैं. यदि पैदल जंगल की ओर चलें तब स्पाईक लगाते हैं और सड़क की ओर चलो तब आईईडी का शिकार होने का खतरा रहता है. नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पिछले 10 दिनों में तीन सौ से ज्यादा बारूदी सुरंग निकाली और नष्ट की गई हैं.

रविवार को बड़ा मूवमेंट
वरिष्ठ पुलिस अधिकारी बताते हैं कि रविवार को मतदान वाले जिले में बड़ा मूवमेंट होगा. इस दौरान सबसे बड़ा खतरा बारूदी सुरंगों से है और नक्सलियों को इस बात की जानकारी है कि यहां मतदान केंद्र हैं और यहां मतदान दल और सुरक्षा बल का दल निकलेगा. इन क्षेत्रों में मतदान दल को सुरक्षित पहुंचाना, मतदान कराना और वापस लाना चुनौती भरा काम है. इसके साथ ही इन क्षेत्रों में राजनीतिक दलों की सुरक्षित रैली कराना भी चुनौती पूर्ण काम था जो शनिवार को संपन्न हो गया.

छत्तीसगढ़ में दो चरणों में मतदान होना है. पहले चरण में राज्य के नक्सल प्रभावित बस्तर क्षेत्र के सात जिले और राजनांदगांव जिले के 18 विधानसभा सीटों के लिए सोमवार 12 तारीख को मतदान होगा. सोमवार को राजनांदगांव जिले के मोहला-मानपुर, कांकेर जिले के अंतागढ़, भानुप्रतापपुर और कांकेर, कोंडागांव जिले के केशकाल और कोंडागांव, नारायणपुर जिले के नारायणपुर, दंतेवाड़ा जिले के दंतेवाड़ा, बीजापुर जिले के बीजापुर और सुकमा जिले के कोंटा विधानसभा में सुबह सात बजे से दोपहर तीन बजे तक वोट डाले जाएंगे.
वहीं जिस आठ विधानसभा क्षेत्रों में मतदान का समय सुबह आठ बजे से शाम पांच बजे तक निर्धारित है, उनमें राजनांदगांव जिले के पांच विधानसभा क्षेत्र खैरागढ़, डोंगरगढ़, राजनांदगांव, डोंगरगांव और खुज्जी और बस्तर जिले के तीन विधानसभा क्षेत्र बस्तर, जगदलपुर एवं चित्रकोट शामिल हैं. राज्य में नक्सलियों ने चुनाव बहिष्कार की घोषणा की है और पिछले 15 दिनों में तीन बड़ी घटनाओं को अंजाम दिया है.

तीन बड़े नक्सली हमले
इस महीने की आठ तारीख को नक्सलियों ने बारूदी सुरंग में विस्फोट कर एक यात्री बस को उड़ा दिया था. इस घटना में चार नागरिक और केंदीय औद्योगिक सुरक्षा बल के एक जवान की मौत हो गई थी. इससे पहले नक्सलियों ने 30 अक्टूबर को दंतेवाड़ा जिले के अरनपुर में पुलिस दल पर हमला कर दिया था. इस घटना में दूरदर्शन के एक कैमरामैन और तीन पुलिस जवानों की मृत्यु हो गई थी.वहीं 27 अक्टूबर को नक्सलियों ने बीजापुर जिले के आवापल्ली थानाक्षेत्र में सीआरपीएफ के बुलेट प्रुफ बंकर वाहन को उड़ा दिया था. इस घटना में सीआरपीएफ के चार जवानों की मृत्यु हो गई थी.