रायपुर. छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के लिए गुरुवार को दो प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल किया. आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के पहले चरण में 18 सीटों के लिए नामांकन के तीसरे दिन दो प्रत्याशी ने अपना नामांकन पत्र दाखिल किया. अधिकारियों ने बताया कि दंतेवाड़ा से निर्दलीय के तौर पर छबिन्द्र कर्मा ने अपना नामांकन पत्र दाखिल किया. वहीं बीजापुर से संतोष पुनेम ने समाजवादी पार्टी से अपना नामांकन पत्र भरा. शेष किसी भी निर्वाचन क्षेत्र से कोई नामांकन पत्र दाखिल नहीं किया गया. Also Read - स्टार प्रचारक का दर्जा रद्द: कमलनाथ बोले- EC ने मुझे कोई नोटिस नहीं दिया, मेरे वकील देखेंगे इस मामले को

छबिंद्र कर्मा राज्य के पूर्व नेता प्रतिपक्ष महेंद्र कर्मा के पुत्र है. झीरम घाटी हमले में महेंद्र कर्मा की हत्या के बाद कांग्रेस ने उनकी पत्नी देवती कर्मा को टिकट दी थी. देवती कर्मा दंतेवाड़ा से विधायक हैं. लेकिन इस बार के चुनाव में देवती कर्मा को अपने बेटे छबिंद्र कर्मा के ही विरोध का सामना करना पड़ रहा है. कांग्रेस के सूत्रों के मुताबिक छबिंद्र ने कांग्रेस से टिकट की मांग की थी. लेकिन जब उन्हें टिकट नहीं मिला तब उन्होंने स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में लड़ने का फैसला किया है. Also Read - Bihar Assembly Election 2020 : तेजस्वी का भाजपा पर निशाना, 'पहले महंगाई इनके लिए 'डायन' थी, अब 'भौजाई' बन गई'

राज्य में पहले चरण के लिए कांग्रेस ने 12 उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की है. कांग्रेस ने देवती कर्मा को एक बार फिर दंतेवाड़ा से अपना उम्मीदवार बनाया है. छत्तीसगढ़ में दो चरणों में हो रहे निर्वाचन के पहले चरण में 18 सीटों के लिए 23 अक्टूबर तक नामांकन पत्र भरे जा सकते हैं. 24 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी तथा प्रत्याशी 26 अक्टूबर तक अपना नाम वापस ले सकेंगे. प्रथम चरण के लिए 12 नवंबर को मतदान होगा जबकि दूसरे चरण के लिए 20 नवंबर को मतदान होगा. मतगणना 11 दिसंबर को होगी. Also Read - यूपी में बीजेपी के लिए अब पहली चुनौती अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी, क्‍या बसपा का ग्राफ गिरेगा?

छत्तीसगढ़ में पहले चरण के चुनाव में 31 लाख 79 हजार 520 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे. शत-प्रतिशत मतदान सुनिश्चित करने के लिए चार हजार 336 मतदान केन्द्र बनाए गए हैं. इस चरण में 16 लाख 21 हजार 839 महिलाएं, 15 लाख 57 हजार 592 पुरूष तथा 89 तृतीय लिंग के मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे.