रायपुर/दंतेवाड़ा:  पिछले कुछ दिनों की सियासी उठा-पटक के बीच दंतेवाड़ा से कांग्रेस के लिए राहत भरी खबर आई है. छविंद्र कर्मा ने आखिरकार कांग्रेस प्रत्याशी अपनी मां के खिलाफ आगामी विधानसभा चुनाव न लड़ने का फैसला किया और उन्होंने अपना नामांकन शुक्रवार को वापस ले लिया.

खूब हुआ सियासी ड्रामा
दंतेवाड़ा में यह सियासी ड्रामा पिछले कुछ दिनों से जारी था. बता दें कि छविंद्र कर्मा कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ना चाहते थे, लेकिन कांग्रेस ने पुन: उनकी मां देवती कर्मा को ही प्रत्याशी घोषित कर दिया. जिससे नाराज छविंद्र ने निर्दलीय चुनाव लड़ने की घोषणा की और नामांकन दाखिल कर दिया. इसी ड्रामे में समाजवादी पार्टी भी कूद पड़ी थी और छविंद्र को अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया था.

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कुछ दिनों पूर्व गोंडवाना गणतंत्र पार्टी और समाजवादी पार्टी ने राजधानी में एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में छविंद्र को दंतेवाड़ा से सपा का प्रत्याशी घोषित किया था, लेकिन उसके बाद छविंद्र ने निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर नामांकन दाखिल किया. सूत्रों के अनुसार, इस बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की ओर से मान-मनौवल का दौर जारी रहा. आखिरकार नामांकन वापसी के दिन छविंद्र ने अपना नाम वापस ले लिया.

बेटे को मना लेने का था पूरा भरोसा
देवती कर्मा ने पहले ही कहा था कि वह अपने बेटे को मना लेंगी. वहीं कांग्रेस के आला वरिष्ठ नेता भी लगातार छविंद्र को मना लेने की बात कह रहे थे. गौरतलब है कि छविंद्र कर्मा कांग्रेस के शीर्ष पंक्ति के नेता दिवंगत महेंद्र कर्मा के बेटे हैं. महेंद्र कर्मा झीरम घाटी में नक्सलियों की गोलीबारी में मारे गए थे. छविंद्र पिछली बार भी चुनाव लड़ना चाहते थे, लेकिन कांग्रेस ने महेंद्र कर्मा की पत्नी देवती कर्मा को टिकट दे दिया था.

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इस बार भी छविंद्र ने अपनी दावेदारी जताते हुए फॉर्म जमा किया था. गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के लिए प्रथम चरण का मतदान 12 नवंबर को होगा. नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि 26 नवंबर है. मतगणना 11 दिसंबर को होगी. (इनपुट एजेंसी)