नई दिल्ली. छत्तीसगढ़ में इस साल के आखिर में राजस्थान और मध्यप्रदेश के साथ-साथ विधानसभा चुनाव होने हैं. इसके मद्देनजर सीएम रमण सिंह की सरकार पहले से ही चुनावी तैयारियों में जुट गई है. समाचार एजेंसी पीटीआई को दिए गए एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा है कि राज्य सरकार प्रदेश में ‘संचार क्रांति योजना’ शुरू करने वाली है. इसके तहत प्रदेश में एक तरफ जहां लोग स्मार्ट फोन से लैस होंगे, वहीं टेलीकॉम टावर के जरिए इंटरनेट कवरेज बढ़ने से राज्य में आधुनिक तकनीक का विकास होगा. बता दें कि मध्यप्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में इस साल नवंबर में विधानसभा चुनाव होने हैं. इन तीनों ही राज्योंं में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी के मुकाबले में कांग्रेस पार्टी है. मध्यप्रदेश में जहां कांग्रेस सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के खिलाफ पिछले कई महीनों से मोर्चा खोले हुए हैं. वहीं राजस्थान में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पार्टी के युवा नेता सचिन पायलट ने प्रदेश की वसुंधरा राजे सरकार के खिलाफ मोर्चाबंदी कर रखी है. Also Read - Chhattisgarh Corona Update: छत्तीसगढ़ में नहीं सुधर रहे हालात, 24 घंटे में कोरोना के 2958 नए मामले, 16 की मौत

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सीएम ने कहा- विकास की बयार बहेगी Also Read - 6 नक्‍सलियों के मारे जाने की रिपोर्ट्स की हम जांच कर रहे हैं, स्‍थानीय नक्‍सलियों ने की थीं हत्‍याएं: आईजी

छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री रमन सिंह ने पीटीआई को दिए इंटरव्यू में कहा कि जल्द ही राज्य के सभी इलाकों खासकर वन क्षेत्रों में ‘विकास की बयार’ बहेगी और नक्सली हिंसा तथा नक्सल गतिविधियां पुराने दिनों की बात हो जाएगी. सीएम ने कहा, ‘सरकार राज्य में संचार क्रांति योजना (स्काई) शुरू करने वाली है. इसके तहत राज्य में और ज्यादा टेलीकॉम टावर लगाएंगे. यह आने वाले विधानसभा चुनाव से पहले हमारे लिए बहुत बड़ी परियोजना है.’ सिंह ने कहा, ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य के नक्सल प्रभावित जिलों के विकास के लिए हाल में 600 करोड़ रुपए की परियोजनाओं को मंजूरी दी है. यह केंद्र से मिला बहुत बड़ा सहयोग है. हमारी जो भी मांगें हैं, वे पूरी हो रही हैं.’

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मुफ्त में बांटेंगे 50 लाख स्मार्ट फोन

छत्तीसगढ़ में लगातार तीन कार्यकाल पूरा करने की ओर बढ़ रहे सीएम रमण सिंह को राज्य में ‘चावल वाले बाबा’ के रूप में भी जाना जाता है. ऐसा इसलिए क्योंकि उन्होंने ही प्रदेश में सबसे पहले सब्सिडी रेट पर लोगों को चावल उपलब्ध कराने की योजना की शुरुआत की थी. इसी कड़ी में अब वे प्रदेश की जनता को मुफ्त में स्मार्ट फोन भी मुहैया कराने वाले हैं. मुख्यमंत्री ने कहा, ‘हम राज्य के लोगों को मुफ्त में 50 लाख स्मार्ट फोन भी देंगे. साथ ही हर क्षेत्र में लोगों को फोन इस्तेमाल करने के लिए अच्छी कनेक्टिविटी मिले, यह भी राज्य सरकार सुनिश्चित करेगी.’

इधर, कांग्रेस लगा रही खदान आवंटन में गड़बड़ी का आरोप

एक तरफ मुख्यमंत्री रमण सिंह छत्तीसगढ़ में विकास की बयार बहाने की बातें कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगा रही है. ताजा मामला छह खदानों के आवंटन का है, जिसको लेकर बीते दिनों प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष भूपेश बघेल ने बकायदा प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार पर आरोप लगाया था कि सरकार परोक्ष रूप से अडानी समूह को लाभ पहुंचा रही है. बघेल ने कहा था कि तथ्य और आंकड़े बताते हैं कि छत्तीसगढ़ की छह बड़ी खदानें सार्वजनिक क्षेत्रों की कंपनियों को आवंटित कर दिए गए हैं और इन सभी में पिछले दरवाजे से अडानी की कंपनियों को प्रवेश दिया गया है. बघेल ने कहा कि कोल ब्लॉक जरूर सार्वजनिक क्षेत्रों की कंपनियों के नाम हैं, लेकिन खदानों की असली मिल्कियत अडानी की कंपनियों के पास है. उन्होंने कहा कि राज्य में कुल 88 मिलियन टन प्रति वर्ष कोयला निकालने का काम या तो अडानी की कंपनी के पास पहुंच चुका है या फिर इसकी तैयारी अंतिम चरणों में है. सरकार कोशिश कर रही है कि इसकी जानकारी सार्वजनिक न हो पाए. इसलिए टेंडर की पूरी कॉपी नहीं दे रही है और यह भी नहीं बता रही है कि माइन डेवलेपर और ऑपरेटर की नियुक्ति किस आधार पर हुई है.