रायपुर: छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के एक विधायक ने रविवार को आरोप लगाया कि राज्य के स्वास्थ्य मंत्री टी एस सिंह देव के इशारे पर सुरगुजा जिला में उनके काफिले पर हमला कराया गया. रामानुजगंज सीट से सत्तारूढ़ पार्टी के विधायक ने आरोप लगाया कि तीन लोगों ने उन पर हमला किया. इनमें से एक ने बताया कि वह मंत्री का दूर का रिश्तेदार है.Also Read - अंतर्कलह से जूझ रही कांग्रेस से भाजपा का मुकाबला करने की उम्मीद करना बेमानी: उमर अब्दुल्ला

विधायक बृहस्पति सिंह ने दावा किया कि शनिवार शाम को अंबिकापुर शहर में उनके काफिले पर हुए हमले के पीछे कारण यह है कि उन्होंने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की प्रशंसा की थी, जिन्हें सिंह देव पसंद नहीं करते हैं. सुरगुजा विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले मंत्री ने हालांकि कहा कि राज्य और उनके क्षेत्र की जनता उनकी छवि से परिचित है. इसके अलावा इस मुद्दे पर कहने के लिए उनके पास कुछ नहीं है. Also Read - पंजाब के बाद क्या राजस्थान और छत्तीसगढ़ में होगा उलटफेर, कैसी है कांग्रेस की तैयारी?

कांग्रेस विधायक बृहस्पति सिंह ने अपने काफिले पर हमले का आरोप लगाते  हुए कहा, एक कार्यक्रम के लिए अंबिकापुर के रास्ते में, ‘टीएस बाबा’ (छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंह देव) के एक रिश्तेदार ने हमारे एक वाहन का पीछा किया, ड्राइवर से चाबी छीन ली और कार में तोड़फोड़ की. वह मुझसे मांगते रहे, लेकिन मैं पहले ही जा चुका था. Also Read - कन्हैया कुमार और जिग्नेश मेवानी 28 सितम्बर को कांग्रेस में हो सकते हैं शामिल, हार्दिक पटेल कर रहे मध्यस्थता

बृहस्पति सिंह ने कहा, क्या आदिवासी विधायक पर हमला कर कोई बनेगा सीएम? अगर वह सोचते हैं कि 4-5 विधायकों को मारकर वह (टीएस देव) सीएम बन जाएंगे, तो उनके लिए सौभाग्य की बात है. मुझे आशंका है कि मुझ पर हमला कराने के अलावा वह मुझे मार भी सकते हैं. सोनिया गांधी, राहुल गांधी से उन्हें बाहर निकालने की अपील करता हूं.

बृहस्पति सिंह ने कहा, यह समझने के लिए कि मेरी गलती क्या है, मुझे पता चला कि पिछले महीने एक प्रेस ब्रीफिंग में मैंने कहा था कि छत्तीसगढ़ के सीएम का फैसला आलाकमान करेगा… मैंने तो बस इतना ही कहा था. तब से वह (टीएस सिंह देव) कॉल का जवाब नहीं देते, उनके लोग साजिश रचते हैं.

पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि वाहन चालक की शिकायत के आधार पर तीन आरोपियों सचिन सिंह देव, धन्नो उराव और संदीप रजक को रविवार को गिरफ्तार कर लिया गया. उन्होंने बताया कि घटना के सही कारणों का तत्काल पता नहीं चल पाया है और आगे की जांच की जा रही है.