नई दिल्ली: छत्तीसगढ़ आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग के लिए नौकरियों और शिक्षा में 10 प्रतिशत आरक्षण लागू करने वाला पहला कांग्रेसी राज्य बनने जा रहा है. गुजरात ने सबसे पहले उसके बाद झारखंड ने इस कानून को अपने यहां लागू किया था. बीजेपी शासित राज्य उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश ने भी अपने-अपने राज्य में आरक्षण को मंजूरी दे दी है. सोमवार को कैबिनेट की मीटिंग के बाद विधान संबंधी मामलों के मंत्री रवींद्र चौबे ने कहा कि कांग्रेस के प्रदेश इनचार्ज पहले भी कह चुके हैं कि राज्य में आरक्षण लागू किया जाएगा. यह कब और कैसे होगा इस पर जल्द फैसला लिया जाएगा.

हालांकि यह भी कम दिलचस्प नहीं है कि छत्तीसगढ़ में सामान्य वर्ग की जनसंख्या सिर्फ 8 फीसदी है. इसमें ब्राह्मण 5 फीसदी, राजपूत 2.5 फीसदी और बनिया 0.5 फीसदी हैं. संसद ने इस महीने की शुरुआत में सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों को शिक्षा एवं सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान करने वाला संशोधन विधेयक पारित किया था.

बिहार में भी लागू होगा आरक्षण
दूसरी ओर बिहार के मुख्यमंत्री और जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने सोमवार को कहा कि राज्य में सवर्ण आरक्षण को लागू करने के लिए कानूनी सलाह ली जा रही है. पटना के एक अणे मार्ग में सोमवार को आयोजित लोक संवाद के बाद मीडियाकर्मियों के द्वारा सवर्ण आरक्षण को बिहार में लागू किए जाने को लेकर पूछे गए एक प्रश्न का उत्तर देते हुए नीतीश ने कहा कि संविधान संशोधन द्वारा केंद्रीय सेवाओं में इसे लागू किया गया है.

अनुसूचित जाति/जनजाति, पिछड़े वर्ग के आरक्षण की सीमा को बिना छेड़े इसे लागू किया गया है. बिहार में 10 प्रतिशत सवर्णों के लिए आरक्षण लागू किया जाएगा, इसके लिए कानूनी सलाह ली जा रही है कि इसे एक्ट बनाकर लागू किया जाए या एक्जक्यूटिव ऑर्डर के द्वारा ही लागू किया जा सकता है.

पीएम बोले- हमने दिखाई राजनीतिक इच्छा
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का कहना है कि सामान्य वर्ग के गरीबों को दस प्रतिशत आरक्षण के लिए संवैधानिक संशोधन करना उनकी सरकार की राजनीतिक इच्छा के कारण संभव हो पाया और इसे आगामी शैक्षणिक वर्ष से ही लागू किया जाएगा. मोदी ने कहा कि पहले से मौजूद सामाजिक आरक्षण को प्रभावित किए बिना आर्थिक आधार पर आरक्षण दिया गया है. नया आरक्षण इसी शैक्षणिक वर्ष से देश के 900 विश्वविद्यालयों के 40 हजार कॉलेजों में लागू किया जाएगा. सीटें दस प्रतिशत बढाई जाएंगी. मोदी ने कहा कि उनकी सरकार समाज के सभी वर्गों को समान अवसर देने के लिए प्रतिबद्ध है.