रायपुर: छत्तीसगढ़ के राज्यपाल बलरामजी दास टंडन को बेचैनी की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया. इसके बाद इलाज के दौरान दोपहर में उनका निधन हो गया. उनकी उम्र 90 साल की थी. अपने लंबे राजनीतिक कॅरियर में टंडन पंजाब के उप मुख्यमंत्री सहित विभिन्न पदों पर रहे. 6 बार एमएलए रहे टंडन आपातकाल के दौरान 1975 से 1977 तक जेल में थे. टंडन को जुलाई 2014 में छत्तीसगढ़ का राज्यपाल बनाया गया था. Also Read - तिहाड़ पहुंचा कोरोना वायरस, सामने आया संक्रमण का पहला मामला, सहायक अधीक्षक कोविड-19 पॉजिटिव

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छत्तीसगढ़ के गवर्नर बलरामजी दास टंडन की अचानक तबीयत बिगड़ी, हालत गंभीर Also Read - Jharkhand Coronavirus Update: झारखंड में कोविड-19 संक्रमण के 20 नए मामले, संक्रमितों की संख्या 370 हुई

राज्यपाल के निधन से पूर्व उनके सचिव सुरेंद्र कुमार जायसवाल ने बताया कि टंडन (90) सुबह बेचैनी महसूस कर रहे थे, जिसके बाद उन्हें यहां स्थित डॉ. बी आर अंबेडकर मेमोरियल अस्पताल ले जाया गया. जायसवाल ने बताया कि उन्हें अस्पताल की क्रिटिकल केयर यूनिट (सीसीयू) में रखा गया है और उनके स्वास्थ्य पर लगातार नजर रखी जा रही है. उन्होंने इससे अधिक जानकारी नहीं दी.

बता दें कि टंडन जनसंघ के संस्थापक सदस्यों में से एक हैं. जनसंघ बाद में भारतीय जनता पार्टी बन गया. वे अपने लंबे पालिटिकल कॅरियर में टंडन पंजाब के डिप्टीसीएम सहित विभिन्न पदों पर रहे. 6 बार विधायक रहे टंडन इमरजेंसी के दौरान 1975 से 1977 तक लगभग दो साल जेल में रहे थे.

इस साल छत्तीसगढ़ के राज्यपाल टंडन ने बढ़ी  सैलरी लेने से मना कर दिया था . राज्यपाल टंडन ने छत्तीसगढ़ के महालेखाकार को मई 2018 को पत्र लिखकर पुराना वेतनमान 01 लाख 10 हजार रुपए ही लेने की इच्छा जताई थी. राज्यपाल के पत्र के आधार पर उनका वेतन 1 लाख 10 हजार ही करने पर महालेखाकार द्वारा सहमति प्रदान की गई थी.