बिलासपुर: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की एकल पीठ ने असहिष्णुता के संबंध में दिए गए एक कथित बयान के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए फिल्म अभिनेता आमिर खान और राज्य शासन को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. बता दें कि एक्‍टर आ‍मिर खान ने 2015 में एक बयान दिया था, जिसमें उन्होंने कथित रूप से कहा था कि ‘देश में असहिष्णुता के माहौल के चलते उन्हें और उनकी पत्नी को भारत में रहने से डर लगता है.’ Also Read - हार्दिक पांड्या की सर्बियन मंगेतर इस लुक में Vitamin Sea लेते आईं नजर, फैन्स बोले- ये लॉकडाउन हनीमून चल रहा है

अधिवक्ता अमियकांत तिवारी ने मंगलवार को बताया कि अदालत की एकल पीठ ने 2015 में असहिष्णुता को लेकर दिए गए बयान के खिलाफ दायर एक याचिका पर सुनवाई करते हुए फिल्म अभिनेता आमिर खान और राज्य शासन को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है. मामले की अगली सुनवाई 17 अप्रैल को होगी. Also Read - टीवी की इस एक्ट्रेस को एक अच्छे किरदार का है इंतजार, हर कैरेक्टर में खुद को कर लेती हैं फिट  

अधिवक्ता अमियकांत तिवारी ने बताया कि रायपुर के दीपक दीवान ने इस संबंध में याचिका दायर की थी. अभिनेता खान ने 2015 में एक बयान दिया था, जिसमें उन्होंने कथित रूप से कहा था कि ‘देश में असहिष्णुता के माहौल के चलते उन्हें और उनकी पत्नी को भारत में रहने से डर लगता है.’ Also Read - हाथ में बेलन लेकर इस बॉलीवुड एक्ट्रेस ने अपने पति से मंजवाए बर्तन, देखें मज़ेदार वीडियो

वकील ने बताया कि खान के इस बयान के बाद दीवान ने अभिनेता के खिलाफ धारा 153-ए और 153-बी के तहत एक परिवाद दायर किया था. इसपर न्यायिक मजिस्ट्रेट, रायपुर ने मामले को पुरानी बस्ती थाना के पास परिवादी और अन्य का बयान लेकर जांच करने के लिए भेज दिया था.

बाद में न्यायिक मजिस्ट्रेट ने इस आधार पर प्रकरण को ख़ारिज कर दिया था कि इस मामले में केंद्र-राज्य सरकार या जिला मजिस्ट्रेट की पूर्व अनुमति नहीं ली गई थी. बाद में परिवादी ने सत्र अदालत में समीक्षा याचिका दाखिल किया, हालांकि उसे भी समान आधार पर ख़ारिज कर दिया गया था.

अधिवक्ता तिवारी ने बताया कि दीवान ने इसे चुनौती देते हुए मार्च, 2020 में उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी. उच्च न्यायालय में जस्टिस संजय के अग्रवाल की एकल पीठ ने विगत 5 मार्च को फैसला सुरक्षित रख लिया था. सोमवार को उच्च न्यायालय ने याचिका को सुनवाई के लिए स्वीकार करते हुए आमिर खान और राज्य शासन द्वारा कलेक्टर, रायपुर को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है. मामले में अगली सुनवाई 17 अप्रैल को निर्धारित की गई है.