सुकमा: छत्तीसगढ़ के सुकमा में शनिवार देर रात पुलिस-नक्सली मुठभेड़ में नक्सली कमांडर जग्गू को मार गिराया गया. जग्गू का शव रविवार सुबह बरामद किया गया. सुकमा जिले में पुलिस के साथ मुठभेड़ में मारे गए नक्सली कमांडर के सिर पर तीन लाख रुपए का इनाम घोषित था. जिले के बडेसेट्टी इलाके में पुलिस के जवान गश्त पर निकले थे. जंगल के पास घात लगाए बैठे नक्सलियों ने पुलिस पर गोलीबारी की, गोलीबारी में एक नक्सली कमांडर जग्गू मारा गया. वहीं, नारायणपुर जिले में तीन महिलाओं समेत 10 नक्सलियों ने शनिवार को आत्मसमर्पण किया है.Also Read - Maoists called bandh in 4 States: माओवादियों का चार राज्यों में 3 दिन का बंद आज से, झारखंड में सुरक्षा व्यवस्था चौकस

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सुकमा के एसपी अभिषेक मीणा ने बताया कि मुलेर गांव के जंगल में शनिवार शाम उस समय मुठभेड़ हुई, जब जिला रिजर्व गार्ड की टीम नक्सल विरोधी अभियान पर थी. उन्होंने बताया कि जब सुरक्षा बलों ने जंगल में घेराबंदी की तो उग्रवादियों के समूह ने उन पर गोलीबारी शुरू कर दी, जिस कारण दोनों तरफ से मुठभेड़ शुरू हो गई. संक्षिप्त गोलीबारी के बाद उग्रवादी घने जंगल में भाग गए. Also Read - Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ की महुदा पंचायत ने शराब तस्करी एवं जुए पर जुर्माना लगाने का फैसला किया

मीणा ने बताया कि जवानों की गश्ती की खबर नक्सलियों को पहले ही लग गई थी, जिस वजह से घात लगाकर बैठे नक्सलियों ने जवानों पर धावा बोल दिया. पुलिस की जवाबी फायरिंग से नक्सली भाग खड़े हुए और इस दौरान एक नक्सली कमांडर जग्गू मारा गया. घटनास्थल से बड़ी संख्या में नक्सली साहित्य और हथियार बरामद हुए हैं.

एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि माओवादी सुकमा में एक ग्राम सरपंच की हत्या का मुख्य आरोपी था. अधिकारी ने बताया कि घटनास्थल की तलाशी अभियान के दौरान एक उग्रवादी का शव वर्दी में मिला था । एसपी ने बताया कि मारे गए माओवादी की पहचान इलाके में नक्सलियों की ‘छोटी कार्रवाई टीम’ के सक्रिय कमांडर जग्गू के रूप में की गई है. उन्होंने बताया कि इलाके में करीब आधा दर्जन से अधिक माओवादी घटनाओं में भी वह वांछित था.
छत्तीसगढ़ में दस नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया
छत्तीसगढ़ के उग्रवाद प्रभावित नारायणपुर जिले में तीन महिलाओं समेत दस नक्सलियों ने बीते शनिवर को आत्मसमर्पण कर दिया. इनमें से चार के सिर पर नकद इनाम घोषित था. एसपी जितेन्द्र शुक्ला ने को बताया कि इन नक्सलियों ने आईजी (बस्तर रेंज) विवेकानंद सिन्हा और नारायणपुर में भारत – तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के अधिकारियों के समक्ष आत्मसमर्पण किया. आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों ने दो बंदूक भी सौंपी. इन सभी नक्सलियों ने पुलिस को बताया कि वे शीर्ष नक्सली नेताओं के हाथों शोषण , अत्याचार और हिंसा से हताश थे और विकास के क्षेत्र में लौटना चाहते थे.

पांच लाख रुपए का इनामी था 21 साल का नक्सली
इनमें से माओवादियों की दंडकारण्य संचार टीम के डिप्टी कमांडर संटू राम वड्डे उर्फ करन (21) के सिर पर पांच लाख रुपए का इनाम भी घोषित था.
– घासी राम नुरेटी (25) कादेर मिलिशिया कमांडर और एक महिला नक्सली सन्नो नुरेटी (22) कुतुर स्थानीय संगठन दस्ते के एक सदस्य के रूप में सक्रिय थे
– इन दोनों पर एक लाख रुपए का इनाम था
– लखमू नुरेटी (30) के सिर पर भी एक लाख रुपए का इनाम था
– पुलिस अधीक्षक ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले शेष नक्सलियों में दो महिलाएं भी शामिल हैं.
– आत्मसमर्पण करने वाले इन नक्सलियों को राज्य सरकार की आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति के अनुसार मदद उपलब्ध कराई जाएगी

(इनपुट- एजेंसी)