रायपुर. छत्तीसगढ़ और संभवत: पूरे विश्व में ऐसा पहली बार हुआ है, जब एक साथ 2 लाख 10 हजार से ज्यादा मतदाताओं ने मतदान करने का शपथपत्र भरा है. ये अभिनव आयोजन छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में 28 सितंबर को हुआ. इतना ही नहीं, मतदाताओं ने बकायदा अपने ईपिक कार्ड के नंबर सहित शपथपत्र भरा है. इतनी बड़ी संख्या में मतदान के लिए शपथपत्र को जिला निर्वाचन कार्यालय ने गिनीज बुक ऑफ वल्र्ड रिकॉर्ड में नाम दर्ज कराने के लिए आवेदन किया जा रहा है. Also Read - लोकसभा और विधानसभा चुनाव में खर्च सीमा 10 फीसदी बढ़ी, जानिए अब कितना कर सकते हैं खर्च

वहीं शपथपत्र भरने के लिए जिलेभर की सातों विधानसभाओं में कुल 8 सौ 98 केंद्र बनाए गए थे. ये सभी केंद्र सभी ग्राम पंचायतों, नगर पंचायतों और बिलासपुर शहर में बनाए गए. सभी केंद्रों में निगरानी के लिये नोडल ऑफिसर नियुक्त किए गए. केंद्रों में सुबह 11 बजे से 3 बजे तक मतदाताओं को शपथपत्र भरने के लिए पहुंचना था. 11 बजते ही सभी केंद्रों में बड़ी संख्या में मतदाता अपना मतदाता पहचानपत्र लेकर शपथपत्र भरने पहुंचने लगे. Also Read - कमलनाथ के बीजेपी महिला नेता को 'आइटम' कहने पर भड़के ज्योतिरादित्य सिंधिया, दिया करारा जवाब

केंद्रों में शपथपत्र भरने के लिए लंबी-लंबी लाइन लगी रही. बिलासपुर जिले में मतदाता शपथ कार्यक्रम के लिए जिलेभर के प्रत्येक ग्राम पंचायत, नगर पंचायत, बिलासपुर शहर के प्रत्येक वार्ड एवं कॉलेज और विश्वविद्यालयों में आयोजित कार्यक्रम में मतदाता शपथ फॉर्म भरा. प्रत्येक केंद्र में दो गवाह भी मौजूद रहे, जिनकी निगरानी में शपथपत्र भरे गए. मतदाता शपथपत्र भरते समय शपथपत्र में मतदाता पहचानपत्र का नंबर भी लिखवाया गया. शपथपत्र भरवाने के लिए प्रत्येक शिविर के लिए दो अधिकारी और दो कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई. शपथपत्र भरते समय प्रत्येक केंद्र में दो विटनेस मौजूद रहे. इसके लिए अधिकारियों की ड्यूटी विटनेस प्रथम और विटनेस द्वितीय के रूप में लगाई गई, जो सुबह 10 बजे से शिविर स्थलों में मौजूद रहे. शिविर का आयोजन दोपहर 3 बजे तक रहा, इसके बाद शपथपत्रों की विधिवत गणना कर इसे जिला पंचायत में बने कंट्रोल रूम में जमा कराए गए. Also Read - MP: कमलनाथ ने बीजेपी प्रत्याशी इमरती देवी को बताया ‘आइटम’, उपचुनाव में आया भूचाल

शपथपत्र भरने के लिए मतदाता परिचयपत्र में अंकित ईपीक नंबर लिखना आवश्यक किया गया था. शपथपत्र सिर्फ उन्हीं से भरवाया गया जो अपना ईपिक नंबर लेकर आए थे. शिविर स्थल में शपथपत्र भरने के लिए सभी नागरिक मतदाता परिचयपत्र लेकर ही पहुंचे. जिला निर्वाचन अधिकारी पी दयानंद ने कहा कि शपथपत्र भरवाने का उद्देश्य लोगों तक ये संदेश पहुंचाना कि मतदान कितना आवश्यक है. हमें लोगों के मन से झिझक दूर करना है. लोगों को समझाना है कि वे मतदान केंद्र तक जाएं और मतदान करें. जिन अधिकारियों कर्मचारियों की निर्वाचन में ड्यूटी लगेगी उनको भी डाकमतपत्र के जरिये मतदान करना है.