रायपुर : छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए तीन जिलों के चार विकासखंडों को रेड जोन घोषित किया है. साथ ही राज्य में 80 विकासखंड ऑरेंज जोन में हैं. राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों ने शनिवार को यहां बताया कि स्वास्थ्य विभाग ने राज्य के सभी विकासखंडों को रेड, ऑरेंज और ग्रीन जोन में वर्गीकृत किया है. विभाग ने इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है. Also Read - योगी आदित्यनाथ बोले- अनलॉक 1.0 का मतलब आजादी नहीं है, सार्वजनिक स्थानों पर पांच से अधिक लोग एकत्र ना हों

अधिकारियों ने बताया कि केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के मुताबिक राज्य के सभी विकासखंडों और शहरी क्षेत्रों में कोविड-19 के सक्रिय मामलों की संख्या, इनके दोगुने होने की दर तथा प्रति एक लाख जनसंख्या पर नमूनों की जांच के आधार पर उन्हें रेड, ऑरेंज और ग्रीन जोन में वर्गीकृत किया गया है. Also Read - बीएसएफ जवान ने की सुसाइड, सर्विस राइफल AK- 47 से खुद को गोली मारी

उन्होंने बताया कि राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने बालोद जिले के डौंडी लोहारा, बिलासपुर जिले के तखतपुर और मस्तूरी तथा कोरबा जिले के कोरबा विकासखंड को रेड जोन घोषित किया है. वहीं 25 जिलों के 80 विकासखंड को ऑरेंज जोन में रखा गया है जबकि शेष विकासखंड ग्रीन जोन में हैं. राज्य में कुल 146 विकासखंड हैं. Also Read - Hajj Yatra 2020: आखिर क्यों कैंसिल हुई हज यात्रा, कमेटी वापस करेगी जमा पैसे, जानें क्या है बड़ी वजह

अधिकारियों ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग ने 22 मई की स्थिति के आधार पर यह वर्गीकरण किया है. इसमें हर सोमवार को बदलाव किया जाएगा. उन्होंने बताया कि राज्य के कुछ विकासखंडों में किसी भी व्यक्ति में कोरोना वायरस संक्रमण की पुष्टि नहीं होने के बाद भी उसे आरेंज जोन में रखा गया है क्योंकि उन विकासखंडों में प्रति लाख जनसंख्या पर नमूनों की जांच दर कम है.

अधिकारियों ने बताया कि राज्य में कोविड-19 प्रभावित निषेध क्षेत्र की सूची भी जारी की गई है. राज्य में 21 मई की स्थिति के आधार पर 21 जिले के 44 स्थानों को निषेध क्षेत्र घोषित किया गया है.

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि राज्य में अब तक कुल 172 में लोगों में कोरोना वायरस की पुष्टि की गई है. इनमें से 62 लोगों को इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है. वहीं 110 मरीजों का अब भी इलाज चल रहा है. जिन लोगों में कोरोना वायरस संक्रमण की पुष्टि की गई है उनमें से ज्यादातर लोग प्रवासी मजदूर हैं तथा वह अन्य राज्यों से लौटे हैं.
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