रायपुर: छत्तीसगढ़ में एक महिला जूनियर डाक्टर समेत 44 लोगों में कोरोना वायरस संक्रमण की पुष्टि की गई है. राज्य के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने शनिवार को यहां बताया कि राज्य में 44 लोगों में कोरोना वायरस संक्रमण की पुष्टि की गई है. इससे पहले शुक्रवार को 40 लोगों में इस वायरस के संक्रमण की पुष्टि की गई थी. Also Read - यूपी सरकार ने शॉपिंग मॉल खोलने को लेकर जारी किए दिशानिर्देश, मास्क के बिना अनुमति नहीं

उन्होंने बताया कि राज्य में नए मामले सामने आने के बाद कोरोना वायरस से संक्रमित होने वालों की संख्या 216 हो गई है. इनमें से 64 लोगों को इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है. जबकि 152 सक्रिय मामले हैं. Also Read - Goggle Mask: कोरोना को देने मात, लखनऊ दंपति ने बनाया 'गॉगल मास्क'

अधिकारियों ने बताया कि शनिवार को राज्य के राजनांदगांव जिले में 10 लोगों में, बिलासपुर और मुंगेली जिले में नौ नौ लोगों में, रायगढ़ और कोरिया जिले में चार चार लोगों में तथा सरगुजा और गौरेला—पेंड्रा—मारवाही जिले में तीन तीन लोगों में कोरोना वायरस संक्रमण की पुष्टि की गई है. Also Read - सन फार्मा ने शुरू किया इस दवा के दूसरे चरण का क्लिनिकल ट्रायल, 210 मरीजों पर होगा टेस्ट 

उन्होंने बताया कि राज्य के बलौदाबाजार और जशपुर जिले में एक एक व्यक्ति में कोरोना वायरस संक्रमण की पुष्टि की गई है. राज्य के बिलासपुर में स्थित छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान :सिम्स: की जनसंपर्क अधिकारी डाक्टर आरती पांडेय ने बताया कि सिम्स की 35 वर्षीय एक महिला चिकित्सक में भी कोरोना वायरस संक्रमण की पुष्टि की गई है.

पांडेय ने बताया कि महिला चिकित्सक अस्पताल के कोरोना विभाग में पदस्थ थी. सभी मरीजों को अस्पताल में भर्ती किया जा रहा है. अधिकारियों ने बताया कि जिनमें आज कोरोना वायरस संक्रमण की पुष्टि की गई है उनमें से ज्यादातर प्रवासी मजदूर हैं तथा वह देश के अलग अलग राज्यों से यहां पहुंचे हैं.

उन्होंने बताया कि आदिवासी बाहुल्य जशपुर और गौरेला—पेंड्रा—मारवाही जिले में कोरोना वायरस संक्रमण का यह पहला मामला है. अधिकारियों ने बताया कि शनिवार को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान से बालोद जिले के दो मरीजों को इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई. उन्हें 14 दिनों तक एकांतवास के लिए कहा गया है. उन्होंने बताया कि शनिवार तक राज्य में 49763 लोगों के नमूनों की जांच की गई है. राज्य में इस बीमारी से अभी तक किसी भी व्यक्ति की मृत्यु नहीं हुई है.