रायपुर। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बस्तर के दूर-दराज के गांवों में प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने के उद्देश्य से सीआरपीएफ ने बाइक एंबुलेंस की सुविधा शुरू की है. सीआरपीएफ गांवों में बीमार और घायलों की मदद के लिए दो पहिया वाहनों का इस्तेमाल करेगी. बाइक एंबुलेंस टीम में एक डॉक्टर, एक चिकित्सा सहायक और एक सहायक होगा. नक्सली हिंसा से सबसे बुरी तरह प्रभावित राज्य के दंतेवाड़ा के साथ अपनी सीमा साझा करने वाले बीजापुर जिले के करीब 70 गांवों में बीमार और घायलों की मदद के लिए मेडिकल टीमें शस्त्रों से लैस सुरक्षाकर्मियों के साथ मोटरसाइकिल पर जाती हैं.

सीआरपीएफ की 85वीं बटालियन के कमांडेंट सुधीर कुमार ने बताया कि ये मोटरसाइकिलें हमें कुछ साल पहले नक्सल विरोधी गश्त और अभियान के लिए मिली थीं क्योंकि चार पहिया वाहनों को निशाना बनाना विद्रोहियों के लिये आसान होता है. तब हमनें सोचा कि क्यों न इन दो पहिया वाहनों का इस्तेमाल उन ग्रामीणों की मदद के लिए किया जाए जो बीमार हैं?’’

यह बटालियन बीजापुर में स्थित है. वे या तो गश्ती दल के साथ जा सकते हैं य फिर जरूरत में ग्रामीण उन्हें बुला सकते हैं. टीम ने बीजापुर-गंगलूर क्षेत्र के 30 किलोमीटर दायरे के गांवों का भी दौरा किया और इस इलाके में पिछले कुछ सालों में 150 सुरक्षाकर्मियों की जान जा चुकी है.

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कुमार ने कहा कि जिले के अंदरूनी इलाकों में सिर्फ दो सरकारी स्वास्थ्य केंद्र हैं. इसलिए हमनें अपने चिकित्सा दल को बाइक पर जरूरतमंदों की मदद के लिए भेजने का फैसला किया. इस दल ने कई मौके पर बीमार ग्रामीणों की मदद की.

भाषा इनपुट