रायपुर: छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी की स्थिति गंभीर बनी हुई है और वह कोमा में हैं. रायपुर स्थित श्री नारायणा अस्पताल के चिकित्सकीय निदेशक डॉ. सुनील खेमका ने बताया कि अजीत जोगी की स्थिति अत्यंत गंभीर बनी हुई है. उनका इलाज डॉ. पंकज ओमर के नेतृत्व में आठ डॉक्टरों की टीम कर रही है. Also Read - छत्तीसगढ़ में Coronavirus के 15 नए केस, कुल आंकड़ा, 307 लेकिन कोई भी मौत नहीं

खेमका ने कहा, ‘‘अभी उनकी हृदय गति सामान्य है. रक्तचाप भी दवाओं से नियंत्रित है लेकिन शनिवार को उनकी सांस रुक जाने के बाद उनके मस्तिष्क में ऑक्सीजन नहीं जाने की वजह से उनके दिमाग को संभावित नुकसान पहुंचा है. चिकित्सकीय भाषा में इसे हाइपॉक्सिया कहा जाता है.’’ Also Read - छत्तीसगढ़ में कोरोनावायरस: 44 नए मामले, संक्रमितों की संख्या बढ़कर हुई 216, जानें कितने लोगों ने कोरोना को दी मात

उन्होंने कहा, ‘‘वर्तमान में जोगी की न्यूरोलॉजिकल (मष्तिष्क संबंधी) गतिविधियां लगभग नहीं के बराबर है. अजीत जोगी कोमा में हैं. उन्हें वेंटीलेटर पर रखा गया है.’’ चिकित्सक ने बताया कि चिकित्सक जोगी के स्वास्थ्य में सुधार का प्रयास कर रहे हैं लेकिन स्थिति अब भी चिंताजनक है. Also Read - Coronavirus in Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ में चार विकासखंड रेड जोन में शामिल, 44 निषेध क्षेत्र भी हुए घोषित

उन्होंने कहा कि अगले 48 घंटे में यह समझ आएगा कि उनके शरीर पर दवाओं का कितना असर हो रहा है. छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ :जे: के प्रमुख अजीत जोगी की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें शनिवार को अस्पताल में भर्ती कराया गया था. जोगी के परिवार के सदस्यों के अनुसार अजीत जोगी शनिवार सुबह व्हीलचेयर पर गार्डन में घूम रहे थे. इसी दौरान वह अचानक बेहोश हो गए थे.

भारतीय प्रशासनिक सेवा से राजनीति में आए अजीत जोगी वर्तमान में मारवाही क्षेत्र से विधायक हैं. उनकी पत्नी रेनु जोगी कोटा क्षेत्र से विधायक हैं. जोगी वर्ष 2000 में छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के दौरान यहां के पहले मुख्यमंत्री बने तथा वर्ष 2003 तक मुख्यमंत्री रहे. राज्य में वर्ष 2003 में हुए विधानसभा के पहले चुनाव में कांग्रेस, भारतीय जनता पार्टी से पराजित हो गई थी. राज्य में कांग्रेस नेताओं से मतभेद के चलते जोगी ने वर्ष 2016 में नई पार्टी जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) का गठन कर लिया था और वह उसके प्रमुख हैं.