नई दिल्ली/ रायपुर: आयकर विभाग ने गुरुवार को छत्तीगढ़ में सरकार के अधिकारियों और अन्य से जुड़े करीब 25 से ज्‍यादा स्थानों पर छापेमारी की है. एएनआई के मुताबिक, इनकम टैक्‍स विभाग गुरुवार को रायपुर में 25 ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं. Also Read - सीएम भूपेश बघेल ने प्राइवेट स्कूलों को दिए निर्देश, कहा- लॉकडाउन में फीस के लिए अभिभावकों पर नहीं डालें दबाव 

इनकम टैक्‍स डिपार्टमेंट की टीम ने जिन लोगों के यहां छापे मारे हैं, उनमें आईएसएस अनिल टुटेजा, पूर्व आईएएस व पूर्व सीएस विवेक धांड, रायपुर के मेयर ऐजाज ढेबर, उनके भाई अनवर ढेबर और शराब व्‍यवसासी पप्‍पू भाटिया शामिल हैं. बताया जा रहा है कि रायपुर के मेयर मुख्‍यमंत्री भूपेश बघेल के काफी करीबी नेताओं में से हैं. Also Read - Corona Effect: छत्तीसगढ़ सरकार का बड़ा फैसला, पहली से 8वीं और 9वीं व 11वीं कक्षा के छात्रों को सामान्य पदोन्नति मिलेगी

आयकर विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इन लोगों के खिलाफ कर चोरी के मामले में यह छापेमारी की गई. इनमें राज्य में छत्तीसगढ़ सरकार के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी के परिवार भी शामिल हैं.

आयकर विभाग ने छत्तीसगढ़ सरकार के अधिकारियों से जुड़े करीब 25 ठिकानों और अन्य स्थानों पर कर चोरी के मामले में गुरुवार को छापेमारी की, जिन लोगों पर छापे की कार्रवाई हुई है उनमें राज्य के एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी के परिवार के सदस्य भी शामिल हैं और एक सेवानिवृत्‍त आईएएस अधिकारी एवं राज्य के पूर्व मुख्य सचिव पर सीबीआई ने छापेमारी की है.

सूत्रों ने बताया कि राज्य के वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के संयुक्त सचिव ए. के. टुटेजा, सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी एवं राज्य के पूर्व मुख्य सचिव विवेक ढांड और रायपुर के मेयर एजाज ढेबार के परिसरों में छापेमारी की गई. ढांड छत्तीसगढ़ ‘रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी’ (आरईआरए) के अध्यक्ष भी हैं.

शराब कारोबारी अनवर ढेबर (मेयर एजाज ढेबर के भाई) और पप्पू भाटिया के कुछ ठिकानों पर भी छापेमारी की गई.

कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक एवं पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि उन्हें मीडिया के माध्यम से रायपुर में महापौर (एजाज ढेबर) के परिसर सहित विभिन्न स्थानों पर आयकर छापे के बारे में पता चला है. मरकाम ने विधानसभा परिसर में संवाददाताओं से कहा कि यह आयकर विभाग का सर्वेक्षण है और उसके बारे में जानकारी ली जा रही है.

राज्य सरकार के अधिकारियों ने इस पर कोई भी टिप्पणी करने से मना कर दिया. अधिकारियों ने बताया कि केन्द्रीय अर्धसैनिक बलों ने रायपुर और कुछ अन्य स्थानों पर छापेमारी करने में आईटी दल की मदद की.