रायपुर: छत्तीसगढ़ के मुख्य विपक्षी दल भाजपा ने सोमवार को राज्यपाल अनुसुइया उईके को राज्य में पूर्ण शराब बंदी समेत पांच सूत्रीय मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा. पार्टी ने इन मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन का ऐलान किया है. वरिष्ठ नेताओं ने सोमवार को यहां बताया कि पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को राज्यपाल उईके को पांच सूत्रीय मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा. Also Read - कोरोना वायरस वैक्सीन बनाने में मदद करेगी गुजरात कोविड म्यूटेशन अध्ययन, जानिए क्या है एक्सपर्ट की राय 

ज्ञापन में भाजपा ने कहा है कि श्वेत पत्र जारी कर यह बताया जाना चाहिए कि कोरोना महामारी के बीच मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर खड़े करने के लिए राज्य सरकार ने कितनी राशि खर्च की है. पार्टी ने राज्य में पूर्ण शराबबंदी की मांग करते हुए कहा है कि कोरोना वायरस संक्रमण की आड़ में सरकार शराब पर टैक्स लगाकर पैसा कमाना चाहती है. Also Read - थूक के इस्‍तेमाल पर रोक से बिगड़ेगा गेंद-बल्‍ले का संतुलन, अनिल कुंबले का सुझाव, पिच में हो बदलाव

ज्ञापन सौंपने के बाद मीडिया से बातचीत में पूर्व मुख्यमंत्री सिंह ने कहा कि भाजपा ने राज्यपाल को राज्य सरकार की हर मोर्चे पर विफलता और वादाख़िलाफ़ी की जानकारी दी है. Also Read - Pakistan Coronavirus Update: 24 घंटे में सबसे ज्यादा मामले आए सामने, संक्रमितों की संख्या 80 हजार के पार

उन्होंने आरोप लगाया कि राजस्व बढ़ाने के लिए अधिक कीमत पर शराब बेचकर गरीब से पैसा लिया जा रहा है. सरकार कोरोना वायरस से लड़ाई शराब के पैसे से लड़ना चाहती है. यह सरकार पांच हजार करोड़ के राजस्व के लिए शराब की दुकानें खोलकर बैठी है. इसे तत्काल छत्तीसगढ़ में बंद किया जाना चाहिए. कांग्रेस ने अपने जनघोषण पत्र में ये वादे किए थे.

सिंह ने कहा कि 1.60 लाख से ज्यादा मजदूर अलग-अलग राज्यों में भटक रहे हैं. उनके लिए अभी तक सरकार की कोई कार्ययोजना नहीं बनी है. पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि राज्य में मजदूरों के खाते में अब तक पैसे नहीं डाले गए हैं. मजदूरों की संख्या 1.60 लाख है, लेकिन सिर्फ 800 मजदूरों को 400-400 रुपये दिए गए हैं. उन्होंने राज्य में किसानों की दुर्दशा को लेकर भी राज्य सरकार पर निशाना साधा.

वहीं, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विक्रम उसेंडी ने बताया कि कोरोना वायरस के लिए जारी की गई एडवायजरी को ध्यान में रखते हुए शराब दुकान खोले जाने, दूसरे राज्यों में फंसे मजदूरों के लिए स्पष्ट कार्ययोजना नहीं होने, धान खरीदी में लेटलतीफी समेत विभिन्न मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ 12 मई को राज्य के भाजपा कार्यकर्ता एक दिन का धरना देंगे.

यह धरना भाजपा के नेता-कार्यकर्ता अपने-अपने घरों के बाहर ही देंगे. इस मामले में प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा है कि लॉकडाउन के तीसरे चरण के दौरान देशभर में खुली शराब की दुकानों के लिए केंद्र कि नरेंद्र मोदी सरकार जिम्मेदार है.