रायपुर. नक्सली धमकियों को चुनौती देते हुए छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव (Chhattisgarh assembly election 2018) के पहले चरण में सोमवार को 70 फीसदी से अधिक मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया. प्रदेश में पहले चरण में नक्सल प्रभावित 18 निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान संपन्न हुआ. पांच राज्यों में इस साल हो रहे विधानसभा चुनावों को अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव का सेमीफाइनल माना जाता है. निर्वाचन आयोग ने बताया कि मतदान के अंतिम आंकड़ों में वृद्धि हो सकती है, क्योंकि कुछ जगहों से अभी आंकड़े संग्रहित किए जा रहे हैं.

वरिष्ठ उप चुनाव आयुक्त उमेश सिन्हा ने मीडिया को बताया, “70 फीसदी से ज्यादा मतदाताओं ने मतदान किया है. अंतिम आंकड़ा आने पर यह बढ़कर पिछले चुनाव के 75 फीसदी तक हो सकता है क्योंकि कुछ जगहों से अभी आंकड़े प्राप्त किए जा रहे हैं.” नक्सलियों ने मतदान शुरू होने से चंद मिनट पहले दंतेवाड़ा जिले के कटेकल्याण इलाके में इंप्रोवाइज्ड विस्फोटक उपकरण (आईईडी) में विस्फोट कर दिया था. नक्सलियों ने लोगों से चुनाव का बहिष्कार करने को कहा था. बीजापुर जिले के पामेड़ में उपद्रवियों से मुठभेड़ में सीआरपीएफ के दो जवान घायल हो गए. बीजापुर और सुकमा जिले में मतदान केंद्र के पास आईईडी भी पाए गए. नक्सलियों ने पिछले कुछ सप्ताह से कई हमले किए जिनमें बीएसएफ के एक अधिकारी और एक पत्रकार समेत कई लोग मारे गए.

छत्तीसगढ़ में जिन विधानसभा क्षेत्रों में मतदान हुए उनमें नारायणपुर, दंतेवाड़ा, बीजापुर, कोंटा, मोहला-मानपुर, अंतगढ़, भानुप्रतापपुर, कांकेर, केशकाल, कोंडागांव, डोंगरगांव, खुजी, बस्तर, जगदलपुर और चित्रकूट शामिल हैं. भाजपा को 2013 में यहां 18 में से 12 सीटें गंवानी पड़ी थीं. प्रथम चरण में चुनाव मैदान में उतरे प्रमुख चेहरों में मुख्यमंत्री रमन सिंह भी शामिल हैं, जिनको उनके अपने ही गृह क्षेत्र राजनंदगांव में कांग्रेस उम्मीद करुणा शुक्ला से कड़ी टक्कर मिल रही है. शुक्ला दिवंगत प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की भतीजी हैं जो भारतीय जनता पार्टी को छोड़कर 2014 में कांग्रेस में शामिल हुई थीं. नारायणपुर, दंतेवाड़ा, बीजापुर, कोंटा, मोहला-मानपुर, अंतागढ़, भानुप्रतापपुर, कांकेर, केशकाल और कोंडागांव में मतदान सुबह सात बजे आरंभ हुआ और दोपहर तीन बजे समाप्त हुआ. खरागढ़, डोंगरगढ़, राजनंदगांव, डोंगरगांव, खुजी, बस्तर, जगदलपुर और चित्रकूट में मतदान एक घंटा विलंब से आरंभ हुआ और शाम पांच बजे संपन्न हुआ.

उधर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ में दूसरे चरण के चुनाव के लिए प्रचार अभियान की शुरुआत की. उन्होंने बिलासपुर में चुनावी जनसभा को संबोधित किया. कांग्रेस ने किसानों का कर्ज माफ करने, फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य स्वामीनाथन आयोग की सिफारिश के अनुसार देने और विशेष महिला थाना बनाने का वादा किया है. चौथी बार प्रदेश की सत्ता में काबिज होने की उम्मीद पाल रही भाजपा ने महिलाओं को कारोबार करने के लिए दो लाख रुपये ब्याजमुक्त कर्ज देने का वादा किया है. इसके अलावा, भाजपा ने 12वीं तक के विद्यार्थियों को मुफ्त किताबें और वर्दी बांटने, पत्रकार कल्याण बोर्ड बनाने और राज्य में फिल्म सिटी बनाने का वादा किया है.

छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी की पार्टी छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के साथ गठबंधन में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) भी प्रदेश में चुनाव लड़ रही है. प्रदेश में 18 सीटें अनुसूचित जनजाति के लिए और एक अनुसूचित जाति के लिए सुरक्षित है. छत्तीसगढ़ में दूसरे चरण का मतदान 20 नवंबर को होगा और मतों की गिनती 11 दिसंबर को होगी. वर्ष 2013 के चुनाव में कांग्रेस को 40.3 फीसदी मतों के साथ 39 सीटों पर जीत मिली थी. वहीं, भाजपा को 41.04 फीसदी मतों के साथ 49 सीटें मिली थीं.