दंतेवाड़ा. छत्तीसगढ़ में सोमवार को विधानसभा के पहले चरण का चुनाव है. इसके मद्देनजर निर्वाचन आयोग ने सुरक्षा व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त रखने का दावा किया है. लेकिन राज्य के जिन इलाकों में ये मतदान होने हैं, उनमें से अधिकतर नक्सल प्रभावित हैं. नक्सलियों ने चुनाव का बहिष्कार किया है. इसलिए सुरक्षा एजेंसियों ने गश्ती बढ़ा दी है. बावजूद इसके रविवार को दंतेवाड़ा इलाके में नक्सलियों की गतिविधि देखी गई. पहले चरण के मतदान से पहले, रविवार को दंतेवाड़ा पुलिस ने ड्रोन कैमरे से नक्सलियों की तस्वीरें कैद की है. तस्वीरें बारसूर थानांतर्गत कोसलनार की है. आठ से 10 की संख्या में नक्सली एक घर में प्रवेश करते दिख रहे हैं. चुनाव से पहले नक्सलियों की मौजूदगी से छत्तीसगढ़ प्रशासन सकते में है और सुरक्षा बढ़ाने के दिशा-निर्देश दिए गए हैं.

बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में नक्सली
सोमवार को होने वाले मतदान के मद्देनजर जहां चुनाव आयोग और सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस विभाग अपनी पूरी ताकत झोंक रही है, वहीं नक्सली भी चुनाव बहिष्कार के तहत अंदरूनी क्षेत्रों में अलग-अलग गुटों में बंटकर बड़ी वारदात को अंजाम देने के फिराक में हैं. सरकारी ड्रोन की गश्त में शनिवार को बारसूर थानांतर्गत कोसलनार गांव में नक्सलियों का एक गुट कैमरे की जद में आ गया. ड्रोन की आवाज सुनकर नक्सली गांव के ही एक घर में भागकर छुपने लगे. इसके बाद क्षेत्र में गश्ती और तेज कर दी गई है. दंतेवाड़ा के पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक पल्लव ने बताया कि चुनाव के मद्देनजर चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है. इसी सिलसिले में शनिवार को ड्रोन बारसूर इलाके में भेजा गया था. नक्सलियों की मौजूदगी देखी गई. नक्सली मूवमेंट की जानकारी के बाद इलाके में सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया गया है, ताकि चुनाव के दौरान कोई विघ्न ना आए.

शांतिपूर्ण मतदान के लिए 650 कंपनियां तैनात
छत्तीसगढ़ में पहले चरण के चुनाव की सुरक्षा के लिए पुख्ता व्यवस्था की गई है. निर्वाचन आयोग ने शांतिपूर्ण मतदान कराने के लिए विभिन्न संवेदनशील इलाकों में 1 लाख से अधिक सुरक्षाबलों के जवानों को तैनात किया है. पिछले एक पखवाड़े में माओवादियों के हमले की तीन घटनाओं को देखते हुए मतदान अधिकारियों को हेलिकॉप्टर की मदद से मतदान स्थलों तक भेजा गया है. नक्सल विरोधी अभियान के विशेष पुलिस महानिदेशक डी.एम. अवस्थी ने बताया कि राज्य में शांतिपूर्ण मतदान के लिए सुरक्षा बलों की 650 कंपनियां आई हैं. सुरक्षा बल के जवानों को राज्य के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में अतिरिक्त सतर्कता बरतने का निर्देश दिया गया है. अवस्थी ने बताया कि सुरक्षाबल के जवानों से कहा गया है कि वे कोई भी सामान लाने या अन्य काम के लिए सड़क का उपयोग तब तक न करें, जब तक कि क्षेत्र में रोड ओपनिंग पार्टी न लगी हो या फिर क्षेत्र को बारूदी सुरंगों से रहित नहीं कर लिया गया हो.

(इनपुट – एजेंसी)