बिलासपुर: छत्तीसगढ़ में हो रहे विधानसभा चुनाव में कांग्रेस से टिकट काटे जाने के बाद कोटा की विधायक एवं पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी की पत्नी रेणु जोगी ने जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ से अपना नामांकन दाखिल किया है. कांग्रेस ने गुरूवार को 19 उम्मीदवारों की अंतिम सूची जारी की थी. पार्टी ने कोटा विधानसभा सीट से रेणु जोगी का टिकट काटते हुए विभोर सिंह को अपना उम्मीदवार बनाया था. इसके बाद रेणु जोगी ने अजीत जोगी की पार्टी से आज अपना नामांकन दाखिल किया. नामांकन पत्र दाखिल करने के बाद रेणु जोगी ने संवाददाताओं से कहा कि उनकी सदैव कांग्रेस के प्रति निष्ठा रही है और उन्हें पूरा विश्वास था कि सोनिया गाँधी और कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व उन्हें एक बार फिर कोटा क्षेत्र के वासियों की सेवा का अवसर देगा, लेकिन टिकट न मिलने से उनकी निष्ठा को आघात लगा है और उन्होंने खिन्न मन से कांग्रेस छोड़ने का फैसला किया है.

जोगी ने कहा कि कोटा वासियों से उनका जीवंत संपर्क बना हुआ है और बना रहेगा. इसलिए उन्होंने अपने पति अजीत जोगी के नेतृत्व वाली जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) से चुनाव लड़ने का फैसला किया है. रेणु जोगी से जब पूछा गया कि क्या कांग्रेस का साथ छूटने से उन्हें दुःख हुआ है, जोगी ने कहा कि दुःख तो है लेकिन साथ नहीं छूटा है. संभव है कि आगामी लोकसभा चुनाव में महागठबंधन के स्वरूप में हम फिर एकसाथ होंगे. हालांकि जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ :जे: के मुखिया अजीत जोगी ने अब तक संकेत नहीं दिया है कि उनका संगठन लोकसभा चुनाव के लिए महागठबंधन का हिस्सा होगा. रेणु जोगी के नामांकन दाखिल करने के बाद उनके पुत्र और मारवाही सीट से विधायक अमित जोगी भी साथ थे. मारवाही सीट से इस बार अजीत जोगी चुनाव मैदान में हैं.

कांग्रेस द्वारा टिकट नहीं दिए जाने के बाद रेणु जोगी ने संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी को लिखे एक पत्र में कहा है कि राज्य में मौजूदा कांग्रेस नेतृत्व द्वारा उन्हें नजरअंदाज किया जा रहा था. उन्होंने लिखा है पार्टी ने उन्हें विपक्ष के उप नेता के पद से हटा दिया और नकली सीडी के माध्यम से कांग्रेस के स्थानीय नेताओं ने उनके पति और बेटे का अपमान करने की कोशिश की थी. जोगी ने गांधी को लिखे पत्र में कहा है कि इन सभी घटनाओं के बावजूद उन्होंने पार्टी में पूरी निष्ठा के साथ अपनी सेवा दी है. छत्तीसगढ़ में अजीत जोगी की पार्टी ने विधानसभा चुनाव के लिए बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के साथ गठबंधन किया है. अजीत जोगी इस गठबंधन से मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार हैं.

उल्लेखनीय है कि 2015—16 में एक आडियो सीडी सामने आयी थी. सीडी में राज्य में वर्ष 2014 में अंतागढ़ विधानसभा सीट के लिए हुए उपचुनाव के दौरान कथित रूप से पैसे के लेनदेन की बात थी. इसके बाद राज्य में कांग्रेस ने अमित जोगी को पार्टी से निकाल दिया था। बाद में पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने भी पार्टी छोड़ दी और जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के नाम से नई पार्टी का गठन कर लिया था. छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव में दो चरणों में होगा. पहले चरण में नक्सल प्रभावित बस्तर क्षेत्र के सात जिले और राजनांदगांव जिले की 18 सीटों के लिए इस महीने की 12 तारीख को मतदान होगा. अन्य 72 सीटों के लिए 20 तारीख को मतदान होगा. वहीं 11 दिसंबर को वोटों की गिनती होगी.