रायपुर: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने असम के बारे में विवादास्पद बयान देने वाले शरजील इमाम के बारे में कहा है कि उसने जेएनयू के पूर्व छात्र नेता कन्हैया कुमार से ज्यादा ”खतरनाक बयान दिया है.” साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि सीएए को लेकर कांग्रेस भ्रम फैला रही है. Also Read - Who Is Paayel Sarkar: कौन हैं पायल सरकार? जिन्होंन आज थाम लिया भाजपा का दामन

शाह ने मंगलवार को यहां भारतीय जनता पार्टी के कार्यालय कुशाभाऊ परिसर में कार्यकताओं को संबोधित करते हुए कहा, ”कांग्रेस पार्टी सीएए पर भ्रम फैला रही है, विरोध कर रही है, लोगों को दंगे के लिए उकसा रही है.” उन्होंने यह भी आरोप लगाया, ‘‘ इस देश के मुसलमान भाइयों को (विपक्षी दल) उकसा रहे हैं कि आपकी नागरिकता चली जाएगी.’’ Also Read - West Bengal: BJP अध्‍यक्ष JP Nadda ने लॉन्‍च किया 'सोनार बांग्‍ला' अभियान, एक्‍ट्रेस Payel Sarkar ने ज्‍वाइन की भाजपा

गृह मंत्री ने कांग्रेस नेता पर निशाना साधते हुए कहा, ”राहुल बाबा बताएं कि आप कानून की कौन सी धारा पढ़ रहे हैं, जिससे इस देश के मुसलमानों की नागरिकता जाएगी. यह भ्रम फैला रहे हैं और लोगों को डरा रहे हैं.” Also Read - Lokkho Sonar Bangla Campaign LIVE: WB Election में BJP ने झोंकी पूरी ताकत, JP Nadda ने लॉन्च किया सोनार बांग्ला

उन्होंने सीएए के विरोध में शरजील इमाम के भड़काऊ भाषण का उल्लेख करते हुए कहा, ”अब शरजील का बयान देखिए. वह कन्हैया कुमार से ज्यादा खतरनाक बोले कि चिकन नेक को काट दो असम भारत से कट जाएगा. सात पुश्तें लग जाएगी असम भारत से ऐसे नहीं कटेगा.”

शाह ने कहा कि जेएनयू में ‘‘भारत तेरे टुकड़े होंगे’’ के नारे लगे. उन्होंने प्रश्न किया, ‘‘ क्या भारत माता के टुकड़े करने के नारे लगाने वालों को जेल में नहीं डाला जाना चाहिए.’’

दिल्ली के शाहीन बाग में सीएए के विरोध में हो रहे प्रदर्शन से जुड़े इमाम का एक वीडियो सामने आया जिसमें वह कथित तौर पर असम को भारत से अलग करने का बयान दे रहा है. इसके बाद उसके खिलाफ कई राज्यों की पुलिस ने मामले दर्ज किये और उसे मंगलवार को बिहार से गिरफ्तार किया गया.

पूर्व बीजेपी अध्‍यक्ष अमित शाह ने कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल कह रहे थे कि भारतीय जनता पार्टी को पाकिस्तानी प्यारे हैं. उन्होंने कहा, ”केजरीवाल जी हमें देशभक्ति ना सिखाओ. हमारा जीवन भारत माता की जयकारे के साथ शुरू हुआ और उसी के साथ समाप्त होगा. यह पाकिस्तानी नहीं है हमारे भाई-बंधु है जो उस समय की आपाधापी में यहां नहीं आ पाए थे. अब आ गए हैं, यह प्रताड़ित हैं, दुखी हैं. आप इनको नागरिकता देने से मना कर रहे हैं क्योंकि आपको वोट बैंक की राजनीति करनी है.”