Chhattisgarh, Bastar, Naxal, News: छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बस्तर क्षेत्र में तीन दिनों तक नक्सल विरोधी अभियान के दौरान सुरक्षा बलों ने नक्सलियों के सात शिविरों को ध्वस्त कर दिया है तथा बड़ी संख्या में विस्फोटक पदार्थ और अन्य सामान बरामद किया है.Also Read - फार्मेसी कॉलेज की 21 साल की छात्रा ने हॉस्टल में फांसी लगाकर की सुसाइड

बस्तर क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी ने बृहस्पतिवार को बताया कि छत्तीसगढ़ के नारायणपुर और कांकेर और महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले के सरहदी क्षेत्रों में पिछले तीन दिनों से “ऑपरेशन संगम” चलाया गया. क्षेत्र में अभियान के दौरान अलग-अलग जगहों पर पुलिस और नक्सलियों बीच गोलीबारी हुई और सुरक्षाबलों ने नक्सलियों के सात शिविरों को ध्वस्त कर दिया. सुंदरराज ने बताया कि अभियान के दौरान डीआरजी के एक जवान की मृत्यु हुई है और एक अन्य जवान घायल हुआ है. Also Read - दो कट्टर नक्सलियों ने महाराष्ट्र पुलिस के सामने किया सरेंडर, 12 लाख रुपए का था इनाम

पुलिस अधिकारी ने बताया कि छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र के सीमावर्ती जिलों में नक्सली गतिविधि की सूचना मिलने के बाद मंगलवार को नारायणपुर और कांकेर जिले से डीआरजी, एसटीएफ और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल के संयुक्त दल को गश्त पर रवाना किया गया था. Also Read - छत्तीसगढ़ में ओबीसी वर्ग को 27 फीसदी आरक्षण देने की उठी मांग, भाजपा ने किया प्रदर्शन

सुंदरराज ने बताया कि नक्सल विरोधी इस अभियान का नाम “ऑपरेशन संगम” दिया गया था. इस अभियान में सुरक्षा बलों के 700 जवान शामिल थे. उन्होंने बताया कि वर्ष 2012-13 के बाद पहली बार है कि सुरक्षा बल के जवानों ने नक्सली प्रभाव वाले अबूझमाड़ क्षेत्र में अभियान चलाया है.

पुलिस महानिरीक्षक ने बताया कि अभियान के दौरान बरमटोला, कुदुलपाड़, कुम्मचलमेटा, टेकमेटा और कुकुर गांव के जंगल में पुलिस और नक्सलियों के बीच कई बार गोलीबारी भी हुई. सुरक्षा बलों ने इस क्षेत्र में नक्सलियों के सात शिविरों को नष्ट कर दिया.

पुलिस अधिकारी ने बताया कि बुधवार को अभियान के दौरान कुकुर गांव के करीब नक्सली गोलीबारी में डीआरजी के जवान की मृत्यु हो गई. वहीं बृहस्पतिवार को टेकमेटा गांव के जंगल में मुठभेड़ के दौरान डीआरजी का एक जवान घायल हो गया.

सुंदरराज ने बताया कि इस अभियान के कारण नक्सलियों के दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी को नुकसान पहुंचा है. अभियान के दौरान नक्सलियों के शिविरों से विस्फोटक पदार्थ, टिफिन बम, पाइप बम, तार, नक्सली वर्दी, दवाइयां, नक्सली साहित्य, बैनर, पोस्टर और अन्य सामान बरामद किया गया. पुलिस-नक्सली मुठभेड़ में कुछ माओवादियों के मारे जाने और घायल होने की संभावना है. माओवादियों के संभावित जगह पर सुरक्षाबलों द्वारा खोजी अभियान चलाया जा रहा है.

बता दें कि छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बस्तर क्षेत्र तथा सीमावर्ती तेलंगाना,उड़ीसा और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में नक्सलियों की दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी सक्रिय है. इस कमेटी ने क्षेत्र में कई बड़ी नक्सली घटनाओं को अंजाम दिया है.