रायपुर: छत्‍तीसगढ़ का सबसे ज्‍यादा नक्‍सल-प्रभावित इलाका- दंतेवाड़ा. अभी दो दिन पहले ही नक्‍सलियों के हमले में दो सुरक्षा कर्मियों की मौत हुई थी. राज्‍य में विधानसभा चुनाव चल रहे हैं लेकिन नक्‍सलियों ने इसका बहिष्‍कार की घोषणा की है. पूरे इलाके में बैनर-पोस्‍टर लगाकर आम लोगों को मतदान से दूर रहने की चेतावनी दी है. लेकिन सोमवार को मतदान के पहले दिन नक्‍सलियों के आतंक का कम ही असर दिखा. अधिकांश इलाकों में आम लोगों ने नक्‍सलियों के डर की अनदेखी कर वोटिंग में जोर-शोर से हिस्‍सा लिया.

नक्‍सली चुनावों का ही विरोध नहीं करते, वे इलाके में विकास कार्यों में भी रुकावट डालते हैं. राज्‍य में चुनावों की घोषणा होने के ठीक बाद ही नक्‍सलियों ने दंतेवाड़ा क्षेत्र में लोगों से मतदान में भाग नहीं लेने की अपील की थी. दंतेवाड़ा के मदेंदा गांव में 263 वोटर हैं. गांव में बनाए गए पोलिंग बूथ पर मतदाताओं के पहुंचने की उम्‍मीद पीठासीन अधिकारी को भी कम ही थी. लेकिन मतदान के दिन सुबह से ही लोगों का आना शुरू हुआ जो दिन भर चलता रहा. हालांकि, अभी मतदान की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई लेकिन नकसल प्रभावित इलाकों से जो खबरें मिल रहीं हैं, वो बता रही हैं कि तीन बजे तक करीब 50 फीसदी मतदान हो चुका था. यानी तमाम चेतावनियों के बावजूद लोकतंत्र के असली सिपाहियों ने नक्‍सलियों के मंसूबों पर पानी फेर दिया.