रायपुर: छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले की पुलिस ने झीरम घाटी हमले के सात साल बाद पूर्व नेता प्रतिपक्ष महेंद्र कर्मा के अंग रक्षक से लूटे गए हथियार को नक्सलियों से मुठभेड़ के बाद बरामद किया है. नक्सलियों ने झीरम घाटी हमले के दौरान महेंद्र कर्मा के अंगरक्षक से एके 47 और वर्ष 2006 में सीआइएसएफ के जवानों से एसएलआर रायफल लूटा था. Also Read - Covid-19: देश के इन 10 राज्‍यों में कोरोना वायरस संक्रमण से 77 फीसदी हुईं नई मौतें

राजनांदगांव जिले के पुलिस अधीक्षक जितेंद्र शुक्ला ने शुक्रवार को बताया कि जिले की पुलिस ने नक्सलियों से मुठभेड़ के बाद झीरम घाटी हमले के दौरान लूटे गए और वर्ष 2006 में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) से लूटे गए हथियार को बरामद किया है. Also Read - छत्तीसगढ़ में 18 साल से ऊपर के हर शख्स को फ्री में लगेगी वैक्सीन, कांग्रेस सरकार उठाएगी खर्च, CM ने की घोषणा

8 मई को नक्‍सलियों से हुई मुठभेड़ में मिले थे ये हथियार
जितेंद्र शुक्ला ने बताया कि इस महीने की आठ तारीख को सुरक्षा बल और नक्सलियों के बीच मानपुर पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत परधोनी गांव के जंगल में मुठभेड़ हुई थी. इस दौरान सुरक्षा बलों ने इन दोनों हथियारों समेत चार हथियार बरामद किया था. शुक्ला ने बताया कि दोनों लूटे गए हथियारों की वापसी के लिए कार्यवाही की जा रही है. Also Read - Remdesivir Injection के लिए कोविड मरीजों के परिवारों की लंबी लाइनें लगी, यहां मौतों का आंकड़ा भयावह

एक एके 47 राइफल, एक SLR राइफल और दो 315 बोर बंदूक बरामद
शुक्ला ने बताया कि परधोनी मुठभेड़ के दौरान सुरक्षा बलों ने चार नक्सलियों को मार गिराया था, जबकि इस हमले में पुलिस उपनिरीक्षक शहीद हो गए थे. पुलिस ने घटनास्थल से एक एके 47 रायफल, एक एसएलआर राइफल और दो 315 बोर बंदूक बरामद की थी.

हथियारों की पहचान के ल‍िए नंबर म‍िलान से पता चला 
पुलिस अधिकारी ने बताया कि बरामद हथियार के मिलान के लिए बट नंबर और बॉडी नंबर (पहचान के लिए अंकित विशेष अंक) को पुलिस मुख्यालय (नक्सल अभियान) रायपुर और सीमावर्ती मध्य प्रदेश के बालाघाट और गोंदिया जिला तथा महाराष्ट्र के गडचिरोली जिले में भेजा गया था.

एके 47 राइफल महेंद्र कर्मा के सुरक्षा कर्मी से लूटी गई थी
पुलिस मुख्यालय रायपुर ने हथियारों का मिलान कर जानकारी दी कि एके 47 राइफल महेंद्र कर्मा के सुरक्षा कर्मी सियाराम सिंह का था, जिसे नक्सलियों ने झीरम घाटी हमले के दौरान लूट लिया था. सिंह भी झीरम घाटी हमले में शहीद हुआ था.

झीरम घाटी में विद्याचरण शुक्ल समेत 29 लोग शहीद हुए थे
25 मई वर्ष 2013 को माओवादियों ने प्रदेश कांग्रेस कमेटी के परिवर्तन यात्रा के दौरान बस्तर जिले के दरभा थाना क्षेत्र के अंतर्गत झीरम घाटी में हमला कर कांग्रेस पार्टी के शीर्ष नेताओं और पुलिसकर्मियों की हत्या कर दी थी. इस हमले में प्रदेश अध्यक्ष नंद कुमार पटेल, महेंद्र कर्मा और पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल समेत 29 लोग शहीद हुए थे.

एक अन्‍य नक्‍सली हमले में सीआईएसएफ के 7 जवान शहीद हुए थे
लूटे गए एसएलआर रायफल की भी पहचान कर ली गई है. एसएलआर रायफल को नक्सलियों ने सीआईएसएफ के दल पर हमला कर लूटा गया था. 10 फरवरी वर्ष 2006 को दन्तेवाड़ा जिले के किरन्दुल थाना क्षेत्र में नक्सलियों ने सीआईएसएफ के दल पर हमला कर दिया था. इस घटना में सीआईएसएफ के सात जवान शहीद हुए थे. नक्सली यहां से 14 एसएलआर रायफल और कारतूस, एक 9एमएम पिस्टल और भारी मात्रा में विस्फोटक सामाग्री लूट कर ले गए थे.