इंग्लैंड के तेज गेंदबाज स्टुअर्ट ब्रॉड (Stuart Broad) ने कहा वो एशेज सीरीज के लिए ऑस्ट्रेलिया जाने के लिए तैयार है लेकिन उनकी टीम के दूसरे खिलाड़ियों को वहां लागू होने वाले प्रतिबंधों की विस्तृत जानकारी का इंतजार है।Also Read - T20 World Cup: माइकल वॉन ने कहा- यूएई के हालात में किसी भी टीम को हरा सकती है पाकिस्तान

इस बात की संभावना है कि टूर्नामेंट से जुड़ी आखिरी प्रोटोकॉल के जारी होने के बाद इंग्लैंड के कुछ खिलाड़ी इस दौरे से हट जाऐंगे। ब्रॉड सिर्फ टेस्ट फॉर्मेट में राष्ट्रीय टीम का प्रतिनिधित्व करते हैं। Also Read - ऑस्ट्रेलिया कोच के तौर पर अपना कॉन्ट्रेक्ट बढ़ाना चाहते हैं जस्टिन लैंगर, कहा- मुझे खिलाड़ियों का पूरा समर्थन

टीम के नियमित कप्तान जो रूट अगर इस दौरे से हटने का फैसला करते है तो इस बात की भी संभावना है कि ब्रॉड टीम का नेतृत्व करें। भारत के खिलाफ सीरीज के पहले टेस्ट मैच के दौरान पिंडली में चोट लगने के बाद वो बाकी बचे टेस्ट मैचों से बाहर हो गए थे। Also Read - T20 World Cup 2021, ENG vs WI: T20 WC में वेस्टइंडीज का शर्मनाक रिकॉर्ड, 'डिफेंडिंग चैंपियन' का बना मजाक

ब्रॉड ने ‘ईएसपीएनक्रिकइंफो’ को ‘संडे कॉलम’ के लिए भेजे मेल में लिखा, ‘‘अगर आप मुझसे पूछें कि क्या मुझे नवंबर में ऑस्ट्रेलिया जाने के लिए विमान में चढ़ने की खुशी होगी, तो मेरा जवाब हां होगा।’’

इस तेज गेंदबाज ने कहा, ‘‘मैं फिटनेस हासिल करने के लिए पूरी कोशिश कर रहा हूं और ये स्पष्ट है कि इंग्लैंड की एक टीम किसी ना किसी रूप में दौरे पर जाएगी। टीम का चयन होने में अब बस कुछ ही सप्ताह बचे हैं, लेकिन खिलाड़ी तब तक उम्मीद नहीं छोड़ सकते जब तक सब कुछ साफ नहीं हो।’’

विक्टोरिया और न्यू साउथ वेल्स में कोविड-19 के प्रकोप को देखते हुए दौरे पर पृथकवास के नियमों को लेकर ईसीबी (इंग्लैंड एवं वेल्स क्रिकेट बोर्ड) और क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (सीए) के बीच बातचीत जारी है।  हालांकि उम्मीद है कि नवंबर तक प्रतिबंधों में ढील दी जाएगी।

इंग्लैंड के खिलाड़ी ऑस्ट्रेलिया में कड़े क्वारेंटीन और प्रतिबंधों के खिलाफ है। सीए हालांकि ऑस्ट्रेलिया और वहां की प्रांतीय सरकारों से बातचीत कर मामले का हल निकालने की कोशिश कर रहा है।

ब्रॉड ने कहा, ‘‘ईसीबी  सीए से मिली जानकारियों को हमसे साझा कर रहा है। इसे लेकर हालांकि बहुत कम जानकारी मिली है। मुझे नहीं लगता कि कोई भी दिल से कह सकता है कि हम वहां जैव-सुरक्षित माहौल (बायो-बबल)में नहीं रहेंगे और यह बेहद चुनौतीपूर्ण होगा।’’