Yograj Singh on Yuvraj Singh: 'पिता को कुर्ता-पायजामा नहीं, बाबा को 15 लाख की घड़ी...', युवराज सिंह पर पिता योगराज ने उठाए सवाल

भारतीय टीम के पूर्व ऑलराउंडर युवराज सिंह के पिता योगराज सिंह ने एक बार फिर कुछ ऐसा कहा है जो चर्चा में है. योगराज ने कहा है कि उनके बेटे ने उन्हें कभी कोई गिफ्ट नहीं दिया.

Published date india.com Published: October 17, 2025 10:58 PM IST
Yograj Singh, Yuvraj Singh
Yograj Singh, Yuvraj Singh

नई दिल्ली: भारत के पूर्व ऑलराउंडर योगराज सिंह ने एक बार फिर कुछ ऐसा कहा है जिससे उनके और उनके बेटे युवराज सिंह के रिश्तों को लेकर सवाल उठने लगे हैं. युवराज सिंह भारत के सबसे बड़े ऑलराउंडर्स में शामिल रहे हैं. वह भारत के बड़े मैच विजेता रहे लेकिन अपने पिता के साथ उनके संबंध अकसर तनावपूर्ण ही रहे. युवराज ने भी कई बार खुलकर पिता के साथ अपने संबंधों पर बात की है. योगराज किसी भी तरह अपने बेटे को क्रिकेट की दुनिया में सफल बनाना चाहते थे. योगराज ने हाल ही में एक बार फिर अपनी पूर्व-पत्नी पर टिप्पणी की है. उन्होंने कहा है कि किस तरह वह उनके बेटे के साथ घर छोड़कर चली गई थी. इसके साथ ही योगराज ने यह भी कहा कि उनके बेटे ने कभी उन्हें कोई गिफ्ट नहीं दिया.

योगराज सिंह ने हाल ही में उड़ता पंजाब को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि किस तरह उनके बलिदान और काम को अनदेखा कर दिया गया. उनके खून-पसीने और आंसू को नजरअंदाज किया गया. उनका कहना है कि इसी की बदौलत युवराज सिंह इतनी ऊंचाइयों पर पहुंच पाए. उन्होंने कहा कि वह हैरान हैं कि किस तरह उनके बच्चों ने उन्हें छोड़ दिया बावजूद इसके कि उन्होंने कभी खुद पर एक रुपया खर्च नहीं किया और चार लोगों के लिए जिंदगी गुजर-बरस का इंतजाम किया. उन्होंने पूछा कि आखिर बाबा को 15 लाख की घड़ी क्यों दी गई और उन्हें एक कुर्ता भी नहीं दिया गया.

योगराज ने कहा, ‘जिस पिता ने तुम्हें इस मुकाम तक पहुंचाने के लिए अपना खूब-पसीना और आंसू बहाया- वह तुम्हारे बाबा से कम है? वह इनसान जिसने चार परिवारों को सपॉर्ट किया और कभी खुद पर एक रुपया नहीं खर्च किया, तुमने उससे मुंह मोड़ लिया? तुमने अपने पिता को कभी एक कुर्ता-पजामा नहीं लेकर दिया और बाबर को 15 लाख की घड़ी तोहफे में दी?’

इससे पहले भी एक वीडियो मे योगराज ने इच्छा जाहिर की थी कि वह अपनी दो पत्नियों, चारों बच्चों और नाती-पोतों को साथ देखना चाहते हैं. ऐसा होना मुश्किल है क्योंकि उनका परिवार ने उन्हें नजरअंदाज करता है. उन्होंने कहा कि वह खुद को भगवान के नजदीक पाते हैं और उन्हें (परिवार) की कमी उन्हें नहीं खलती.

उन्होंने कहा था, ‘वे जानते हैं कि उनका पिता एक अच्छा इनसान है. लेकिन वे यह भी जानते हैं कि मुझे अपनी कंपनी पसंद है. वे जानते हैं कि मैं उनसे ज्यादा ईश्वर के करीब हूं. वे जानते हैं कि मेरा एक अलग परिवार है. वे इसे जानते हैं. मैंने कभी उनकी कमी नहीं महसूसन की. लेकिन मैं शुक्रगुजार हूं कि मैं उन्हें अच्छी परवरिश दे सका.’

Add India.com as a Preferred SourceAdd India.com as a Preferred Source

Also Read:

ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या ट्विटर पर फॉलो करें. India.Com पर विस्तार से पढ़ें Cricket Hindi की और अन्य ताजा-तरीन खबरें

By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts Cookies Policy.