
Arun Kumar
नमस्कार! मैं अरुण कुमार, फिलहाल India.com (Zee Media) में सीनियर सब एडिटर के रूप में स्पोर्ट्स डेस्क पर कार्यरत हूं. मैं पिछले 13 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं और ... और पढ़ें
नई दिल्ली. पूर्व ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह ने वर्ल्ड कप के फाइनल में इस्तेमाल की गई अहमदाबाद की पिच की आलोचना की है. उन्होंने कहा कि वर्ल्ड कप फाइनल मुकाबले में ऐसी धीमी और सूखी पिच का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए था इसने भारतीय पारी को धीमा कर दिया. इस वर्ल्ड कप में शानदार खेल दिखा रही टीम इंडिया फाइनल में सिर्फ 240 रन बना पाई और ऑस्ट्रेलिया ने 6 विकेट से यह मैच अपने नाम कर लिया. इस पिच का मिजाज खेल के पहले हाफ में कुछ और था, जबकि दूसरे हाफ में कुछ और. भारत के लिए यहां माहौल बैटिंग में भी चुनौतीपूर्ण रहा और बॉलिंग में भी.
भारत के खेल पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए हरभजन सिंह ने कहा कि अगर यहां पिच थोड़ी बेहतर होती और थोड़ी सी तेज होती तो वह भारत को मदद करती. इंडिया टुडे से बात करते हुए इस पूर्व ऑफ स्पिनर ने कहा, ‘मुझे लगता है कि यह काफी धीमी पिच थी और सामान्य पिच की तुलना में सूखी थी. मैं ऐसी पिच देखना पसंद करूंगा, जहां 300 से अधिक जैसे स्कोर बने, जहां खूब सारे चौके-छक्के आते दिखें. उस तरह की पिच भारत के पास कहीं अधिक होंगी लेकिन फिर भी यह मैच ऐसी धीमी पिच पर खेला गया.’
43 वर्षीय भज्जी ने कहा, ‘हमारी टीम इस टूर्नामेंट में शानदार फॉर्म में थी. वे खेल के हर विभाग में बेहतरीन थे, जिस पर बहुत गर्व है. मैंने अपने कई कंगारू दोस्तों से भी बात की थी, जिनके साथ मैंने खेला है. मैच से पहले उन्हें भी यह भरोसा था कि टीम इंडिया ही इस खिताब की दावेदार है और वह यहां जीतेगी. ऐसे में मुझे लगता है कि यह पिच थोड़ा बेहतर होता तो उससे टीम को मदद मिलती और भारत जीत जाता.’
उन्होंने कहा, ‘पहली पारी के दौरान यह पिच बेहद धीमा था, जिस पर रन नहीं बन रहे थे. अंतिम 40 ओवरों में सिर्फ 4 बाउंड्रीज इसी का नतीजा हैं. बढ़े हुए तापमान में यहां बॉल भी नरम हो गया, जिससे बैट पर नहीं आ रहा था, जबकि ऑस्ट्रेलिया की पारी में गिरते तापमान से यहां बैटिंग के लिए हालात बदल गए. ओस नहीं आई थी फिर भी बॉल बैट पर आ रहा था, जिसका ट्रैविस हेड और मार्नस लाबुशेन ने अच्छा फायदा उठाया.’
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