Asia Cup 2025: बचपन से ही... पिता ने खोला अभिषेक की धुआंधार बल्लेबाजी का राज

Abhishek Sharma Father about Batting: अभिषेक शर्मा गेंदबाजों की खूब धुनाई करते हैं. बाएं हाथ के इस सलामी बल्लेबाज के पिता ने बताया कि वह बचपन से ही 150 किलोमीटर प्रति घंटे के रफ्तार की गेंदों का सामना करते थे.

Published date india.com Published: September 16, 2025 11:30 PM IST
Abhishek Sharma
अभिषेक शर्मा @X

दुबई: अभिषेक शर्मा मैदान पर गेंदबाजों का खौफ बनकर उतरते हैं. लेकिन 25 साल के बाएं हाथ के इस बल्लेबाज की इस कामयाबी के पीछे बरसों की कड़ी मेहनत है. वह 16 साल की उम्र से तेज गेंदबाजी का सामना कर रहे हैं. वह 150 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गेंदों का सामना कर रहे हैं. यह खुलासा अभिषेक शर्मा के पिता ने किया है.

अभिषेक के पिता राजकुमार ने कहा अभिषेक बचपन से ही किट के साथ बैटिंग प्रैक्टिस करने पर जोर देते थे. इसके लिए वह अपनी मां से जिद भी करते थे. राजकुमार शर्मा का कहना है कि यहीं से उनका टी20 इंटरनेशनल में टॉप का बल्लेबाज बनने का सफर शुरू हुआ. वह देर रात प्रैक्टिस के लिए अपनी दो बहनों को भी साथ ले जाते थे.

राजकुमार ने बीसीसीआई की ओर से जारी एक वीडियो ‘द मेकिंग ऑफ अभिषेक शर्मा’ में कहा, ‘मेरे घर में क्रिकेट का माहौल था. जब वह बच्चा था तब मेरे बल्ले से खेला करता था. वो अपनी मां को परेशान करता था. मेरी दो बेटियां हैं और वो उनसे अभ्यास में मदद करने और रात में बल्लेबाजी कराने के लिए कहता था.’

उन्होंने कहा, ‘कभी-कभी वो मुझसे कहता था कि मुझे डाइव लगाने के प्रैक्टिस की जरूरत है, मुझे कैच दे दो. उसका जुनून देखकर मुझे लगा कि वह खिलाड़ी बन सकता है, फिर मैं उसे मैदान पर ले आया. सीनियर खिलाड़ी कहते थे, तुम्हारे बेटे में बहुत प्रतिभा है, वो भारत के लिए खेलेगा.’

अभिषेक शर्मा के पिता ने पाकिस्तान के खिलाफ खेले गए मैच से पहले रिकॉर्ड इस वीडियो में कहा, ‘मैं कहता था कि वो अभी बच्चा है, बस बल्ला पकड़ना सीखा है. लेकिन सबका आशीर्वाद, लोगों का प्यार और उसकी कड़ी मेहनत उसे यहां तक ले आई है.’

इस 25 साल के बायें हाथ बल्लेबाज ने पाकिस्तान के अनुभवी तेज गेंदबाज शाहीन शाह अफरीदी के खिलाफ सहजता से चौके और छक्के जड़ 13 गेंद में 31 रन की आक्रामक पारी खेली.

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उन्होंने बताया कि अभिषेक की पावर-हिटिंग उनकी किशोरावस्था में पड़ी ‘निडर’ नींव की वजह से थी. उन्होंने कहा, ‘जब मैं अभिषेक को ट्रेनिंग देता था, तो अंडर-16 के दिनों में मैं उसे ऐसे गेंदबाजों का सामना कराता था जो 150 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गेंद फेंकते थे, मैं उसे ऐसे ही ट्रेनिंग देता था. सभी बच्चे कहते थे, ‘पाजी, उसे चोट लग सकती है’.’

राजकुमार अगर उनके पहले गुरु थे, तो पूर्व भारतीय स्टार युवराज सिंह ने अभिषेक को बड़े मंच के लिए तैयार करने में अहम भूमिका अदा की.

राजकुमार ने कहा, ‘युवराज सिंह का भी उसके क्रिकेट बनने में बहुत बड़ा योगदान है. उन्होंने उसके साथ काफी समय बिताया, उन्हें सलाह और सबक देने के साथ अपना अनुभव साझा किया, इसलिए उनका भी धन्यवाद. युवी ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर का अनुभव देने में बहुत मदद की है.’

उन्होंने कहा, ‘अब कई बड़े खिलाड़ी और कई अच्छे कोच उनके साथ जुड़ गए हैं, उनके पास काफी अनुभव है. मुझे बहुत खुशी है कि अभिषेक को ऐसे गुरु मिले.’

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