AFG vs NZ- इकलौता टेस्ट: बिना बारिश के बावजूद पहले दिन का खेल धुला, सुविधाओं का बुरा हाल

दिल्ली से सटे ग्रेटर नोएडा में अंतरराष्ट्रीय टेस्ट मैच का आयोजन हो रहा है. लेकिन स्टेडियम में बंदइंतजामी देख हर कोई हैरान था. सोमवार को यहां बारिश नहीं होने के बावजूद मैच शुरू नहीं हो सका...

Published: September 9, 2024, 11:46 PM IST

ग्रेटर नोएडा. अफगानिस्तान के खिलाफ पहली बार टेस्ट खेलने आई न्यूजीलैंड की टीम को टेस्ट मैच के पहले दिन घटिया इंतजामों का सामना करना पड़ा. यहां शहीद विजय सिंह पथिक खेल परिसर में घटिया जल निकाली, गीली आउटफील्ड के निपटने के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं थे. सोमवार को मैच के दिन बारिश नहीं हुई इसके बावजूद यहां की दयनीय सुविधाओं के चलते मैच का टॉस तक नहीं हो सका. आयोजकों को पहले दिन का खेल बिना किसी गेंद फेंके ही रद्द करना पड़ा.

इससे पहले दोनों देशों के बीच पहले टेस्ट की तैयारी बारिश से प्रभावित हुई थी और न्यूजीलैंड एक भी अभ्यास सत्र ठीक से पूरा नहीं कर पाया था. रात में हुई बूंदाबांदी के अलावा सोमवार को पूरे दिन बारिश नहीं हुई, लेकिन आधुनिक सुविधाओं की कमी के कारण अनुभवहीन मैदानकर्मियों को मैदान तैयार करने में संघर्ष करना पड़ा.

अंपायरों ने पूरे दिन में छह बार निरीक्षण किया. कप्तान टिम साउथी, ऑलराउंडर मिशेल सेंटनर और रचिन रविंद्र सहित न्यूजीलैंड के कई खिलाड़ी भी मैदान का जायजा लेने आए. लेकिन मिड-ऑन और मिड विकेट चिंता का विषय लग रहा था, जबकि 30 गज के घेरे के अंदर भी कई पैच थे.

धूप निकलने से अच्छी रोशनी से एक बार तो लगा कि मैच शुरू हो सकता है लेकिन ऐसा नहीं हो सका. अफगानिस्तान के कोच जोनाथन ट्रॉट भी मैदानकर्मियों के संघर्ष से नाखुश दिखे. सुपर सोपर्स भी दोपहर एक बजे के बाद ही लगाए गए.

आखिरकार शाम चार बजे पहला दिन रद्द कर दिया गया. कल सुबह 9 बजे टॉस का समय तय किया गया है और बचे हुए चार दिन में 98 ओवर होंगे जो सुबह 10 बजे के बजाए सुबह 9.30 बजे शुरू होंगे. मैदानकर्मियों ने अफगानिस्तान के ट्रेनिंग सत्र के लिए मैदान को सुखाने के लिए टेबल फैन का इस्तेमाल किया था.

आधुनिक सुविधाओं की कमी मैदान के बाहर तक फैली हुई थी जिससे पिच के बाहर के संचालन पर असर पड़ा. इस स्थल पर मीडिया के लिए उचित स्टैंड और प्रशंसकों के लिए बैठने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी. इसके अलावा ‘एक्रिडिटिड’ मीडिया के लिए पानी की कमी, बिजली की आपूर्ति और महिला शौचालय तक की कमी थी, जिससे सभी को कई असुविधाओं का सामना करना पड़ा.

प्रशंसकों को भी पता नहीं था कि क्या हो रहा है क्योंकि घोषणा प्रणाली की कोई व्यवस्था नहीं थी. स्टेडियम प्राधिकरण और अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड (एसीबी) के बीच खराब संचार और पूर्ण कुप्रबंधन था. एसीबी के एक अधिकारी ने कहा, ‘बहुत गड़बड़ी है, हम यहां कभी वापस नहीं आएंगे. खिलाड़ी भी यहां की सुविधाओं से नाखुश हैं.’

उन्होंने कहा, ‘हमने संबंधित लोगों से पहले ही बात कर ली थी और स्टेडियम के लोगों ने हमें आश्वासन दिया था कि मीडिया सुविधाओं के संबंध में सब कुछ ठीक रहेगा.’ हालांकि यह टेस्ट विश्व टेस्ट चैंपियनशिप का हिस्सा नहीं है, लेकिन यह आईसीसी से संबद्ध है. ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण द्वारा चलाए जा रहे इस स्टेडियम ने 2016 में गुलाबी गेंद के दलीप ट्रॉफी मैच की मेजबानी की थी.

(एजेंसी: भाषा)

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