ग्रेटर नोएडा. अफगानिस्तान और न्यूजीलैंड के बीच खेले जाने वाला एकमात्र टेस्ट गलत वजहों के चलते चर्चा में है. शुरुआती दो दिन का खेल मैदान गीला होने के चलते धुल गया है, जबकि मैच के तीसरे दिन भी यहां खेल के कोई आसार नहीं हैं क्योंकि दूसरे दिन की देर शाम और तीसरे दिन की सुबह नोएडा में जमकर बारिश हुई है. स्टेडियम प्रशासन के पास किसी इंटरनेशनल मैच की मेजबान की पर्याप्त इंतजाम नहीं थे, जिसके चलते मैदान को गीला होने से बचाया नहीं जा सका है और यहां जल निकासी के भी इंतजाम अच्छे नहीं हैं.
ऐसे में अब अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड (ACB) भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) पर इसका ठीकर फोड़ रहा है, जबकि BCCI ने उसे कानपुर और बेंगलुरु में मैच आयोजित करने की च्वॉइस दी थी, जिसे अफगानिस्तान ने नहीं माना था. बता दें ग्रेटर नोएडा स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स मैदान को BCCI ने 2019 (विजय हजारे ट्रॉफी) से ही बैन कर दिया था और वह यहां अपने घरेलू स्तर के मैच तक आयोजित नहीं करता है.
Day 2 Abandoned! 😕
Day 2 of the one-off #AFGvNZ Test has officially been called off. Despite multiple efforts to dry the surface, the outfield remained unfit for play.#AfghanAtalan | #AFGvNZ | #GloriousNationVictoriousTeam pic.twitter.com/IB1GpKOZhw
— Afghanistan Cricket Board (@ACBofficials) September 10, 2024
पीटीआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड और स्टेडियम अथॉरिटी के बीच संवाद की कमी और कुप्रबंधन मैच के इस हाल ही बड़ी वजह बना है. इस हाल को देखने के बाद अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड (ACB) के एक अधिकारी ने कहा, ‘यहां सब कुछ बकवास है, हम यहां दोबारा कभी नहीं आएंगे. यहां मिली सुविधाओं से हमारे खिलाड़ी भी नाराज हैं.’
इसके बाद अब खबरें आ रही हैं कि अफगानिस्तान ने BCCI से इस टेस्ट मैच की मेजबानी के लिए देहरादून स्टेडियम या लखनऊ स्टेडियम में से किसी एक पर मैच की इजाजत दे दे. लेकिन BCCI ने इससे मना कर दिया. हालांकि खबरें ये भी हैं कि BCCI ने अफगान क्रिकेट बोर्ड को बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम और कानपुर के ग्रीन पार्क स्टेडियम का विकल्प दिया था, जिसे उसने नहीं माना.
इंडियन एक्सप्रेस में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक, अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड के एक अधिकारी ने बताया, ‘लखनऊ स्टेडियम हमारी पहली पसंद था और देहरादून दूसरी. लेकिन BCCI ने हमारी इस प्रार्थना को यह कहकर अस्वीकार कर दिया कि दोनों ही राज्य अपनी टी20 लीग आयोजित कर रहे हैं. यही इकलौता मैदान बचा था और फिर हमारे पास इसके अलावा कोई च्वॉइस नहीं बची थी.’
इस अधिकारी ने कहा, ‘आप मुझ पर भरोसा नहीं करेंगे लेकिन अफगानिस्तान में मौजूद स्टेडियमों इससे कहीं बेहतर सुविधाए हैं. बीते कुछ सालों में हमने अपने इन्फ्रास्ट्रक्चर पर खूब काम किया है लेकिन यहां जैसा कि शाहिदी (अफगानिस्तान के कप्तान) ने कहा कि यहां कुछ नहीं बदला है.’
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