ग्रेटर नोएडा. बारिश और बदइंतजामी के चलते विवादों में रहा अफगानिस्तान बनाम न्यूजीलैंड (AFG vs NZ) टेस्ट मैच बिना कोई गेंद के ही आखिरकार रद्द हो गया. मैच के पहले दो दिन तब धुल गए थे, जब मैच के समय बारिश नहीं हो रही थी लेकिन देर रात और सुबह हुई बारिश के चलते मैदान गीला ही रहा और. इसके बाद तीसरे और चौथे दिन दिल्ली-एनसीआर में रुक-रुककर तेज बारिश होती रही, जिसके चलते यह मैच बिना कोई गेंद फेंके या बिना टॉस के ही रद्द हो गया. टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में यह 8वां मौका है, जब कोई मैच बिना कोई बॉल फेंके ही रद्द हो गया.
इस टेस्ट मैच के दौरान शहीद विजय सिंह पथिक स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स की मैच की मेजबानी की क्षमता पर सवाल उठे हैं. मैच के 5वें और आखिरी दिन शुक्रवार की सुबह पिच का मुआयना किया गया. लेकिन अभी भी आउटफील्ड में उन जगहों पर पानी जमा है, जो ढकी नहीं हैं. इससे मैच का रद्द होना तय हो गया जिसमें टॉस तक नहीं कराया जा सका. इससे पहले आखिरी बार कोई टेस्ट मैच 1998 में भारत और न्यूजीलैंड के बीज खेले जाने वाला डुनेडिन टेस्ट बिना कोई बॉल फेंके रद्द हुआ था.
The highly anticipated #AFGvNZ Test match was called off without a ball being bowled due to persistent rains in Greater Noida.
While the inaugural #AFGvNZ Test didn’t proceed as expected, #AfghanAtalan look forward to engaging in more bilateral cricket with @BLACKCAPS in future. pic.twitter.com/zSVE5Hn2cF
— Afghanistan Cricket Board (@ACBofficials) September 13, 2024
अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने एक बयान में कहा, ‘ग्रेटर नोएडा में अभी भी बारिश हो रही है. लगातार बारिश के कारण अफगानिस्तान और न्यूजीलैंड के बीच टेस्ट के 5वें दिन का खेल रद्द कर दिया गया.’ टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में सात बार ही ऐसा हुआ है, जब एक भी गेंद फेंके बिना मैच रद्द हुआ हो. पिछली बार ऐसा 26 साल पहले 1998 में हुआ था. उस समय भी न्यूजीलैंड टीम ही थी, जिसे डुनेडिन में भारत से खेलना था. भारत में ऐसा पहली बार हुआ है. अब अफगानिस्तान की टीम साउथ अफ्रीका के खिलाफ सीमित ओवरों की सीरीज के लिए UAE जाएगी, जबकि मेहमान न्यूजीलैंड की टीम श्रीलंका दौरे पर रवाना होगी.
पिछले दो सप्ताह से लगातार बारिश हो रही है. उसके अलावा सुविधाओं के अभाव, ग्राउंड कवर की कमी, खराब ड्रेनेज, कुशल मैदानकर्मियों के अभाव और सुपर सोपर पर्याप्त संख्या में नहीं होने से समस्या बढ़ी है. पहले दो दिन सूरज निकलने के बावजूद खिलाड़ियों की सुरक्षा को देखते हुए अंपायरों ने खेल नहीं कराने का फैसला लिया.
सूत्रों की माने तो ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने उत्तर प्रदेश क्रिकेट संघ (UPCA) से दो सुपर सोपर मांगे थे जो मेरठ स्टेडियम से भेजे गए. दिन में विवाह में इस्तेमाल होने वाले पारंपरिक शामियाने का इस्तेमाल आउटफील्ड ढंकने के लिए किया गया और शाम को बरसाती लगाई गई. कोटला से डीडीसीए अधिकारियों ने आउटफील्ड कवर भेजे लेकिन वह काफी नहीं थे. ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के पास कुशल मैदानकर्मी भी नहीं थे, जिसकी वजह से मजदूरों को काम पर लगाया गया.
बीसीसीआई ने अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड को कानपुर, बेंगलुरू और ग्रेटर नोएडा के विकल्प दिए थे. एसीबी ने लॉजिस्टिक कारणों से ग्रेटर नोएडा को चुना. अफगानिस्तान इस मैच की मेजबान था, जिसे शीर्ष टीमों के खिलाफ खेलने का मौका नहीं मिलता. आईसीसी से 2017 में टेस्ट टीम का दर्जा मिलने के बाद यह उसका 10वां टेस्ट था. यह टेस्ट आईसीसी विश्व चैम्पियनशिप चक्र का हिस्सा नहीं है. स्टेडियम के भविष्य पर फैसला मैच रैफरी जवागल श्रीनाथ की रिपोर्ट आने के बाद होगा.
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