वीरेंदर सहवाग को यकीन- टी20 के बाद टी10 का दौर आएगा और छाएगा, वनडे और टेस्ट फॉर्मेट पर बोले...

भारत के पूर्व धांसू ओपनर वीरेंदर सहवाग मानते हैं कि टेस्ट और वनडे क्रिकेट हमेशा प्रदर्शन का मजबूत आधार बने रहेंगे. लेकिन टी20 के बाद अगर टी10 का दौर भी आ जाए तो हैरानी नहीं होगी.

Published date india.com Updated: January 6, 2026 9:16 AM IST
Virender Sehwag
वीरेंदर सहवाग @Instagram

भारत के पूर्व विस्फोटक ओपनिंग बल्लेबाज वीरेंदर सहवाग (Virender Sehwag) का मानना है कि अब वह दिन दूर नहीं है, जब टी20 की ही तरह टी10 क्रिकेट का भी दौर आ जाए और वह छा जाए. सहवाग ने यह बात जयपुर में आयोजित ‘राजस्थान डिजिफेस्ट- टाई ग्लोबल समिट 2026’ के दूसरे दिन कही, जब वह यहां आएं दर्शकों के साथ अपने अनुभव साझा कर रहे थे. इस मौके पर उन्होंने यह भी बताया कि आईपीएल की कामयाबी का ही नतीजा है कि अब विदेशी खिलाड़ियों के नजरिए में बदलाव आया है और स्लेजिंग या छींटाकशी जैसी प्रवृत्तियां कम हुई हैं.

क्या टी10 क्रिकेट के आने से टेस्ट या वनडे फॉर्मेट पर और भी असर पड़ेगा? इसके जवाब में इस धांसू ओपनर ने कहा कि टेस्ट और वनडे फॉर्मेट क्रिकेट हमेशा प्रदर्शन का मजबूत आधार बने रहेंगे लेकिन टी20 के बाद टी10 क्रिकेट का दौर भी देखने को मिल सकता है. हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि टी20 के दौर में जैसे वनडे क्रिकेट को चुनौती मिल रही है और वह अब धीरे-धीरे कम लोकप्रिय होता जा रहा है तो क्या टी10 जैसे फॉर्मेट के आने के बाद किसी एक फॉर्मेट (वनडे) की विदाई का समय भी करीब आ जाएगा.

‘नो फियर, नो लिमिट्स: लेसन्स फ्रॉम द वर्ल्ड्स मोस्ट एग्रेसिव ओपनर’ विषय पर आयोजित इस संवाद सत्र में सहवाग ने कहा, ‘साहस और आक्रामक सोच के बिना ना तो खेल में और ना ही जीवन में बड़े लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं. भारत में खेल प्रतिभाओं की अपार संभावनाएं हैं, आवश्यकता केवल प्रतिभाओं की पहचान करने, उन्हें तराशने और सही मार्गदर्शन देने की है.’

उन्होंने कहा, ‘किसी भी टीम या संगठन की सफलता का आधार टीम में विश्वास, पारस्परिक सहयोग और सकारात्मक नेतृत्व होता है. आलोचना से घबराने के बजाए अपने प्रदर्शन से उसका जवाब देना चाहिए.’ सहवाग ने हालांकि कहा कि क्रिकेट के अलावा अन्य खेलों में भी निवेशकों का आना जरूरी है.

उन्होंने कहा, ‘क्रिकेट के अलावा हॉकी सहित अन्य खेलों में खिलाड़ियों को पर्याप्त आर्थिक सुरक्षा नहीं मिल पाती. हर खेल में निवेशकों का आना जरूरी है, ताकि खिलाड़ियों को वित्तीय स्थिरता और सुरक्षा मिल सके.’

बता दें वीरेंदर सहवाग पहले टी20 वर्ल्ड कप 2007 की वर्ल्ड चैम्पियन टीम का हिस्सा रहे हैं. इस टूर्नामेंट की 6 पारियों में 133 रन बनाए थे और वह चोटिल होने के चलते पाकिस्तान के खिलाफ टी20 वर्ल्ड कप फाइनल खेलने से चूक गए थे. इस विस्फोटक ओपनर ने अपने इंटरनेशनल करियर में 104 टेस्ट, 251 वनडे और 19 टी20 इंटरनेशनल मैच खेले. इस दौरान उन्होंने टेस्ट में 8586 रन, वनडे 8273 और टी20I में 394 रन बनाए. टेस्ट में उनके नाम 23, जबकि वनडे में 15 शतक दर्ज हैं.

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