Aus Vs Ind Now Virat Kohli And Steve Smith Should Not Train Hard Says Ricky Ponting
AUS vs IND: विराट कोहली और स्टीव स्मिथ को रिकी पॉन्टिंग ने दी सलाह, बोले- ये दिन मेहनत के नहीं
ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान और पूर्व दिग्गज बल्लेबाज रिकी पॉन्टिंग ने सलाह दी है कि विराट कोहली और स्टीव स्मिथ को उम्र के इस पड़ाव पर ज्यादा ट्रेनिंग और प्रैक्टिस करने की जरूरत नहीं है.
नई दिल्ली. शुक्रवार से भारत का ऑस्ट्रेलिया दौरा (IND vs AUS Test Series) शुरू हो रहा है और इस सीरीज में दोनों टीमों के संघर्ष के साथ-साथ दो स्टार बल्लेबाजों के प्रदर्शन पर भी नजरें खास होंगी. विराट कोहली (Virat Kohli) और स्टीव स्मिथ (Steve Smith) इन दिनों फॉर्म से कुछ हद तक संघर्ष कर रहे हैं. लेकिन दोनों ही बल्लेबाज इस प्रतिष्ठित सीरीज के लिए मैदान पर खूब पसीना बहा रहे हैं और घंटों तक कड़ी ट्रेनिंग और नेट्स में बैटिंग का अभ्यास कर रहे हैं. इस बीच दुनिया के महान बल्लेबाजों में शुमार ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान रिकी पॉन्टिंग (Ricky Ponting) ने दोनों को सलाह दी है कि अब उम्र के इस पड़ाव पर उन्हें ज्यादा मेहनत करने की जरूरत नहीं है.
बता दें पॉन्टिंग की यह सलाह का मतलब यह नहीं है कि वह ऐसा मान रहे हैं कि इन दोनों खिलाड़ियों के करियर का अंत करीब आ गया है. दरअसल पॉन्टिंग उन्हें अपने अनुभव के आधार पर यह सलाह दे रहे हैं कि कभी-कभी ज्यादा ट्रेनिंग से भी मनचाहे फल नहीं मिलते इसलिए चीजों को आसान रखकर आप बेहतर परिणाम हासिल कर सकते हैं.
पॉन्टिंग ने सिडनी मॉर्निंग हैराल्ड (SMH) से बातचीत करते हुए कहा, ‘मैं अपना उदाहरण रखकर दोनों स्टार खिलाड़ियों को यह कहना चाहूंगा कि वह ट्रेनिंग और प्रैक्टिस में बहुत ज्यादा मेहनत नहीं करें क्योंकि जब मैं भी उनकी तरह उम्र के इस पड़ाव पर था तो मैं टीम में सबसे ज्यादा ट्रेनिंग और प्रैक्टिस करता था. उन दिनों मैं इतना फिट था, जितना अपने पूरे करियर में नहीं था. लेकिन मैं टेस्ट क्रिकेट में रन नहीं बना पा रहा था, जबकि घरेलू क्रिकेट में मैं खूब रन बना रहा था.’
पंटर ने बताया कि टेस्ट क्रिकेट में कामयाब नहीं हो पाने का मानसिक दबाव उन पर इतना हावी हो गया कि उन्होंने साल 2012 में अपने संन्यास का ही मन बना लिया. पॉन्टिंग ने कहा कि वह अब अपने उस अतीत को देखते हैं तो यही सोचते हैं कि काश उन्होंने इतनी मेहनत नहीं की होती. इसलिए वह स्मिथ और विराट से भी ऐसा चाहते हैं.
पॉन्टिंग ने SMH को बताया, ‘मैं टीम में था लेकिन तब कप्तान नहीं था और ऐसे में मैं अपने युवा खिलाड़ियों के सामने उदाहरण रखना चाहता था. मैं उन्हें यह दिखाना चाहता था कि चीजें सही करने का तरीका क्या है. मैं अपने करियर में इतना फिट कभी नहीं था और मैं अपने साथियों से ज्यादा ट्रैनिंग करता था. मैं शील्ड क्रिकेट में खेला तो आसानी से रन बन रहे थे लेकिन टेस्ट क्रिकेट में मुश्किल हो रही थी.’
उन्होंने कहा, ‘अगर मैं अपने उस वक्त को वापस ला सकूं तो मैं बाकी सभी चीजें भूलकर सिर्फ गेंद को देखूंगा और शॉट खेलूंगा. यही मैं अब विराट और स्मिथ से चाहता हूं कि वह इतने अच्छे खिलाड़ी हैं कि चीजों को जल्दी ही पटरी पर ला सकते हैं.’
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