
Arun Kumar
नमस्कार! मैं अरुण कुमार, फिलहाल India.com (Zee Media) में सीनियर सब एडिटर के रूप में स्पोर्ट्स डेस्क पर कार्यरत हूं. मैं पिछले 13 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं और ... और पढ़ें
मुस्तफिजुर रहमान को IPL से बाहर करने के बाद भारत पर भड़के हुए बांग्लादेश ने भले ही भारत के खिलाफ मोर्चा खोलने की कोशिश की है. लेकिन इसके गंभीर परिणाम उसे ही भुगतने होंगे. अब बांग्लादेश क्रिकेट टीम के खिलाड़ियों को एक और बड़ा नुकसान उठाना पड़ेगा. भारत की बड़ी स्पोर्ट्स प्रसाधन बनाने वाली कंपनी ‘एसजी’ (SG) ने दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव के बीच बांग्लादेशी क्रिकेटरों के साथ् अपना अनुबंध समाप्त करने का फैसला लिया है.
एसजी बांग्लादेश शीर्ष खिलाड़ियों कप्तान लिटन दास, यासिर रब्बी और मोमिनुल हक को स्पॉन्सर करती है. खिलाड़ियों को अनुबंध का नवीनीकरण न करने के बारे में आधिकारिक तौर पर नहीं बताया गया है, लेकिन उनके एजेंट्स को इस बारे में बता दिया गया है.
यह सारा मामला बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों के खिलाफ हो रही हिंसा से भारत की नाराजगी के बाद शुरू हुआ. भारत के हिंदू संगठनों ने BCCI से अपील की थी कि वह इस समय बांग्लादेशी क्रिकेटर्स को अपनी लीग में भी नहीं खेलने दे, जो इस समय इस हिंसा पर खामोश हैं और उनके मुंह से इसके खिलाफ कुछ नहीं निकल रहा है. इसके बाद बोर्ड ने IPL 2026 में चुने गए एकमात्र खिलाड़ी मुस्तफिजुर को इस लीग से बाहर कर दिया.
इसके बाद मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में चल रही अंतरिम सरकार और बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने भारत के खिलाफ और सख्त रुख दिखाने की कोशिश की. उसने भारत में टी20 वर्ल्ड कप खेलने से इनकार किया और वहीं उसके सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने देश में IPL के प्रसारण पर रोक लगा दी. ऐसे में एसजी कंपनी भी उसके खिलाड़ियों के खिलाफ सख्त फैसला ले लिया है.
आईसीसी ने बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) के अनुरोध को खारिज कर दिया. आईसीसी ने कहा कि बांग्लादेश क्रिकेट टीम को T20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए भारत जाना होगा. खिलाड़ियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी बीसीसीआई की होगी. लेकिन उसने एक और पत्र लिखकर अपनी यह मांग दोहराई है, जिस पर ICC के जवाब का इंतजार है.
टेलिकॉम एशिया नेट के हवाले से एक बांग्लादेशी क्रिकेटर के हवाले से कहा, ‘ऐसा लगता है कि आने वाले दिनों में ऐसा होने की संभावना है.’ एसजी द्वारा अनुबंध रिन्यू न किए जाने से बांग्लादेश स्पोर्ट्स इंडस्ट्री को नुकसान हो सकता है. आने वाले समय में दूसरी कंपनियां भी ये कदम उठा सकती हैं. प्लेयर स्पॉन्सरशिप से जुड़े एक सूत्र ने टेलिकॉम एशिया नेट को बताया, ‘मुझे लगता है कि दूसरी कंपनियां भी हमारे क्रिकेटरों को स्पॉन्सर न करने का विकल्प चुन सकती हैं.’
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