BGT 2024-25 ट्रॉफी के बाद कुछ कड़े फैसले लेने की तैयारी में BCCI, कोच-कप्तान से होंगे सवाल

कप्तान रोहित शर्मा और कोच गौतम गंभीर की जोड़ी वैसे परिणाम देने में फेल हो रही है, जिसके लिए उन्हें चुना गया है. टीम को कई मोर्चों पर हार का सामना करना पड़ा है.

Published date india.com Published: January 1, 2025 12:05 PM IST
Gautam Gambhir Rohit Sharma
गौतम गंभीर और रोहित शर्मा @BCCI

नई दिल्ली. भारतीय टीम ने ऑस्ट्रेलिया दौरे पर सभी को निराश किया है. वह वैसा खेल नहीं दिखा पा रही जिसके लिए टीम से उम्मीद थी. स्टार बल्लेबाज विराट कोहली (Virat Kohli) लगातार एक ही स्टाइल में ऑफ स्टंप के बाहर की गेंद को छेड़कर आउट हो रहे हैं, जबकि कप्तान रोहित शर्मा (Rohit Sharma) का फॉर्म से कोई तालमेल नहीं दिख रहा. युवा विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत (Rishabh Pant) लगातार आड़े-टेढ़े शॉट खेलकर आउट हो रहे हैं और टीम की मुश्किलें बढ़ा रहे हैं. इस बीच सीनियर ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन (Ravichandran Ashwin) ने सीरीज के बीच में ही रिटायमेंट लेकर सभी को चौंका दिया.

मेलबर्न टेस्ट में भारत के पास अपनी हार टालने का बढ़िया मौका था लेकिन उसने 5वें दिन के अंतिम सत्र में बचे हुए 7 विकेट गंवाकर ऑस्ट्रेलिया को जीत थाली में परोसकर दे दी. अब भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने कोच और कप्तान से इस प्रदर्शन पर कड़े सवाल पूछने का मन बना लिया है.

मेलबर्न टेस्ट की पहली पारी में रोहित शर्मा के फ्लॉप होने के बाद दो टूक कह दिया था कि अब इस भारतीय टीम में उनकी जगह नहीं बनती और समय आ गया है, जब टीम की कमान जसप्रीत बुमराह को सौंप दी जाए.

मार्क वॉ ने कहा था, ‘अगर मैं टीम इंडिया का सिलेक्टर होता, तो यह मैच की दूसरी पारी पर निर्भर करता, और अगर वह (रोहित शर्मा) वहां भी रन नहीं बनाते तो.. मैं यही कह रहा होता, रोहित आपकी सेवाओं के लिए धन्यवाद. आप एक महान खिलाड़ी रहे हैं लेकिन हम SCG (सिडनी) टेस्ट में जसप्रीत बुमराह को कप्तान बनाने जा रहे हैं.’

मार्क वॉ के अलावा और भी ऐसे कई पूर्व क्रिकेटर और जानकार हैं, जो यह खुलकर कह रहे हैं कि रोहित शर्मा का टेस्ट रिटायरमेंट का समय आ चुका है. ऑस्ट्रेलिया में खेली 5 पारियों में वह सिर्फ 31 रन ही बना पाए हैं. इससे पहले घर में खेलीं 6 टेस्ट पारियों में भी वह सिर्फ 91 रन ही बना पाए हैं. पिछली 15 पारियों को देखें तो वह सिर्फ 164 रन ही जोड़ पाए हैं और उनका औसत इस दौरान सिर्फ 11 का है.

इससे अलावा सवाल टीम के हेड कोच गौतम गंभीर की भूमिका पर भी उठ रहे हैं कि आखिर कैसे भारतीय टीम अपने घर में ही न्यूजीलैंड के खिलाफ 0-3 से टेस्ट सीरीज में अपना सफाया करा बैठी और फिर टीम के मुख्य स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने बीच सीरीज में रिटायरमेंट का ऐलान कर दिया. यह सिलसिला यहीं नहीं रुका मेलबर्न टेस्ट में टीम मैनेजमेंट ने नंबर 3 पर खेल रहे शुभमन गिल को ही प्लेइंग XI से बाहर बैठा दिया गया.

Add India.com as a Preferred SourceAdd India.com as a Preferred Source

टीम के खराब प्रदर्शन के बाद सोशल मीडिया पर यह चर्चाएं खूब चल रही हैं कि टीम के कई निर्णयों को लेकर कप्तान और कोच एकमत नहीं थे. खासतौर से टीम चयन को लेकर. लेकिन इन चर्चों में कितनी सच्चाई है इसका खुलासा शायद ही हो क्योंकि बोर्ड अपने कप्तान और कोच से ये चर्चा बंद दरवाजों के पीछे ही करेगा.

हालांकि यह भी कहा जा रहा है कि इस दौरे के लिए गंभीर अनुभवी बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा को टीम में लाने के पक्ष में थे और उन्होंने टीम मैनेजमेंट से कई बार इस बात की. यहां तक कि पर्थ टेस्ट जीतने के बाद भी गंभीर ने पुजारा को लाने की मांग की थी लेकिन चयनकर्ताओं ने उनकी इस मांग को कोई तवज्जो नहीं दी.

Also Read:

ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या ट्विटर पर फॉलो करें. India.Com पर विस्तार से पढ़ें Cricket Hindi की और अन्य ताजा-तरीन खबरें

By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts Cookies Policy.