टीम इंडिया की इस रणनीति से नाराज चेतेश्वर पुजारा, बोले- इससे हमें नुकसान ही हुआ

WTC Points Table Cheteshwar Pujara: 'टीम इंडिया के पूर्व बल्लेबाज चेतेश्वर पुाजारा ने कहा है कि वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के पॉइंट्स के लिए ऐसी पिचें बनाना जो पहले ही दिन से टर्न लेने लग जाएं उसका भारत को नुकसान हुआ. पुजारा ने 24 अगस्त को क्रिकेट के हर फॉर्मेट से संन्यास का ऐलान कर दिया.

Published date india.com Published: August 27, 2025 5:35 PM IST
टीम इंडिया की इस रणनीति से नाराज चेतेश्वर पुजारा, बोले- इससे हमें नुकसान ही हुआ
Cheteshwar Pujara ने टीम इंडिया की रणनीति पर उठाए सवाल

नई दिल्ली: भारतीय टीम के पूर्व बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा (Cheteshwar Pujara Retirement) ने भारत में बहुत ज्यादा टर्न लेने वाली पिचें बनाने पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि इस तरह की पिचों ने भारतीय टीम की बल्लेबाजी और टेस्ट क्रिकेट (Rank-Turner Pitches India) को नुकसान पहुंचाया. पुजारा ने माना कि वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के अंक सुनिश्चित करने के लिए इस तरह की पिचें जानबूझकर तैयार करवाई जाती थीं. हालांकि पुजारा जोर देकर यह भी कहते हैं कि यह दाव उल्टा साबित पड़ गया.

भारतीय टीम ने पिछले वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के चरण में स्पिनर्स के लिए मददगार पिचें बनाईं. हालांकि यह दाव भारत को उल्टा पड़ गया. और टीम 2025 के वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में जगह नहीं बना पाई. भारत को सबसे बड़ा झटका अक्टूबर 2024 में लगा. जब न्यूजीलैंड ने भारत को घरेलू टेस्ट सीरीज में 0-3 से हराया. यह 2012 के बाद से घरेलू धरती पर भारत की पहली टेस्ट सीरीज हार थी. तब इंग्लैंड ने भारत को टेस्ट सीरीज में हराया था.

भारत को न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू सीरीज में मिली हार

स्पिनर्स के लिए मददगार उन पिचों पर भारतीय बल्लेबाज बुरी तरह संघर्ष करते हुए नजर आए. उस सीरीज में कुल 108 विकेट गिरे. और स्पिनर्स के खाते में 81 विकेट गिए. न्यूजीलैंड के लिए एजाज पटेल और मिशेल सैंटनर ने कमाल की गेंदबाजी की और भारतीय बल्लेबाजी पूरी तरह संघर्ष करते हुए नजर आए.

पुजारा ने जोर देकर कहा कि जब पिचें पहले दिन से ही टर्न होने लग जाती हैं तो बल्लेबाज को अपने कौशल से ज्यादा किस्मत पर भरोसा करना पड़ा है. ऐसे में बल्लेबाज को नजरें जमाने से ज्यादा तेजी से रन बनाने पर काम करना पड़ता है.

इंडिया टुडे के साथ खास बातचीत में पुजारा ने कहा, मुझे लगता है कि इसका भारतीय बल्लेबाजी और कुल मिलाकर टेस्ट क्रिकेट पर काफी नकारात्मक असर पड़ा. उस तरह की पिचें वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के लिए तैयार की गईं. जहां टीमें हर मैच से नतीजा हासिल करना चाहती हैं. लेकिन, मुझे नहीं लगता कि यह टेस्ट क्रिकेट के लिए आदर्श परिस्थिति थी.

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हर मैच का नतीजा निकालने के लिए बनाई गईं ऐसी पिचें

उन्होंने आगे कहा, आप देखिए, मुझे इस बात का पूरा यकीन है कि प्रबंधन उन पिचों को तैयार करने में शामिल हर तरह के लोगों को अहसास था कि जब आप इस तरह की पिचें बनाते हैं तो एक बल्लेबाज को रन बनाने के लिए काफी किस्मत की जरूरत होती है. आपका कौशल अकसर खेल से बाहर हो जाता है. और आपको बहादुरी से खेलना पड़ता है. जब भी आपको मौका मिले तो आपको तेजी से 40, 50 या 60 रन बनाने पड़ते हैं.

37 वर्षीय पुजारा ने कहा, मुझे लगता है कि चीजें अब बदलने लगी हैं. ज्यादातर टीमें अब अच्छी पिचों पर खेल रही हैं. मैं उम्मीद करता हूं कि भारत को भी ऐसा ही करते रहना चाहिए. मैं यह नहीं कह रहा कि पिचें टर्न नहीं करनी चाहिए लेकिन मैच तीन या साढ़े तीन में खत्म नहीं होने चाहिए. आदर्श स्थिति तो यही होगी कि हम अच्छी पिचों पर खेलें जहां मैच चौथे या पांचवें दिन तक चलें.

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