By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts Cookies Policy.
- Hindi
- Cricket Hindi
- Danielle Mcgahey Retires After Icc Bans Transgender Cricketers
ICC के ऐतिहासिक फैसले से खत्म हुआ कनाडा की ट्रांसजेंडर क्रिकेटर का करियर, जानें पूरा मामला
ICC के एक बड़े फैसले के बाद कनाडा की क्रिकेटर डेनियल मैकगाहे ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर दिया है.
अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने 21 नवंबर को एक ऐतिहासिक फैसले में ट्रांसजेंडर क्रिकेटरों पर प्रतिबंध लगाने का ऐलान किया जिसके कुछ घंटों बाद ही कनाडाई क्रिकेटर डेनियल मैकगाहे ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर दी. मैकगाहे इस साल की शुरुआत में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने वाले पहली ट्रांसजेंडर खिलाड़ी बनी थी. मैकगाहे ने ICC के फैसले पर निराशा व्यक्त की और कहा कि उनकी लड़ाई जारी रहेगी.
रिटायरमेंट के अलावा कोई और ऑप्शन नहीं
सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट में डेनियल मैकगाहे ने कहा कि मंगलवार को आईसीसी का फैसला आने के बाद उनके पास अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के अलावा कोई अन्य विकल्प नहीं था.
डेनियल मैकगाहे ने कहा, “आज सुबह आईसीसी के फैसले के बाद मुझे बहुत भारी मन से कहना पड़ रहा है कि मेरा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर खत्म हो गया है. जितनी जल्दी यह शुरू हुआ, अब इसे ख़त्म होना ही चाहिए. मेरे सभी साथियों, सभी विपक्षियों, क्रिकेट समुदाय और प्रायोजक सहित मेरी यात्रा में सपोर्ट करने वाले सभी लोगों को बहुत-बहुत धन्यवाद.”
डेनिएल मैकगाहे ने लॉस एंजिल्स में महिला T20 वर्ल्ड कप अमेरिका जोन क्वालीफायर में कनाडा के सभी छह मैच खेले थे. इस दौरान उन्होंने 19.67 की औसत से 118 रन बनाए, जिसमें उनका उच्चतम स्कोर 48 रहा.
ICC का बड़ा फैसला
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने मंगलवार को उन क्रिकेटरों को अंतरराष्ट्रीय महिलाओं के खेल में प्रतिस्पर्धा करने से रोक दिया जो ‘मेल प्यूबर्टी’ (पुरुषों में किशोरावस्था में होने वाला शारीरिक/लैंगिक बदलाव) हासिल कर चुके हैं. इसमें सर्जरी या लिंग परिवर्तन के मामले भी शामिल हैं. आईसीसी ने कहा कि वह अंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट की अखंडता और खिलाड़ियों की सुरक्षा के लिए यह निर्णय ले रहा है.
आईसीसी ने यहां जारी बयान में कहा, ‘‘नई नीति निम्नलिखित सिद्धांतों (प्राथमिकता के क्रम में) पर आधारित है. महिलाओं के खेल की अखंडता, सुरक्षा, निष्पक्षता और समावेशन.इसका मतलब है कि कोई भी पुरुष से महिला बनने वाले प्रतिभागी जो किसी भी प्रकार की ‘मेल प्यूबर्टी’ से गुजर चुके हैं वे सर्जरी या लिंग परिवर्तन उपचार के बावजूद अंतरराष्ट्रीय महिला खेल में भाग लेने के पात्र नहीं होंगे.’’
ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या ट्विटर पर फॉलो करें. India.Com पर विस्तार से पढ़ें Cricket Hindi की और अन्य ताजा-तरीन खबरें