भारत के खिलाफ मिली टेस्ट सीरीज हार की ईमानदारी से समीक्षा करे इंग्लैंड: माइकल वॉन

India vs England: भारत ने शनिवार को धर्मशाला के एचपीसीए स्टेडियम में खेले गए पांचवें और आखिरी टेस्ट मैच में इंग्लैंड को एक पारी और 64 रन से हराकर पांच मैचों की सीरीज 4-1 से जीती.

Published date india.com Published: March 10, 2024 4:12 PM IST
Cricket-WIS-ENG-3RDTEST-DAY4
जो रूट और बेन स्टोक्स (File photo)

भारत के खिलाफ टेस्ट सीरीज 1-4 से मिली करारी हार के बाद इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन (Michael Vaughan) ने कहा है कि इंग्लिश टीम को मशहूर फुटबॉल क्लब मैनचेस्टर सिटी के मैनेजर पेप गार्डियोला से सीख लेते हुए इस हार की ईमानदार समीक्षा कर कुछ कड़े कदम उठाने होंगे.

डेली टेलीग्राफ के लिए अपने कॉलम में वॉन ने लिखा, ‘‘भारत में सीरीज में करारी हार के बाद, मेरा मानना है कि इस समय इंग्लैंड की टीम की ईमानदारी से समीक्षा की जानी चाहिये. मुझे नहीं लगता कि उन्हें सब कुछ तोड़-मरोड़ कर पेश करने की जरूरत है. वे इससे (भारत के खिलाफ मिली हार के परिणाम) बेहतर खिलाड़ी हैं.’’

Also read: इंग्लैड को नहीं रास आ रहा है बैजबॉल; पूर्व कप्तान ने दी निजी प्रदर्शन पर ध्यान देने की सलाह

उन्होंने कहा, ‘‘वे जो करने की कोशिश कर रहे हैं, मैं उसका सम्मान करता हूं और हर दिन जल्दी उठकर उन्हें देखता हूं क्योंकि उन्होंने इस फॉर्मेट को रोचक बनाया है और हमेशा ऐसा लगता है कि मैच में कोई मोड़ आने वाला है.’’

वॉन ने कहा, ‘‘इसमें बड़ी निराशा यह है कि उनके पास वास्तव में दुनिया भर में प्रतिस्पर्धी होने की प्रतिभा है, लेकिन दो बड़ी सीरीज को जीतने में विफल रहे हैं. इस मामले में ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि उनकी बल्लेबाजी बुरी तरह विफल रही.’’

वॉन का ये भी मानना है कि इंग्लैंड टीम का सपोर्ट स्टाफ भारत दौरे पर को असरहीन नजर आया जिस वजह से सभी खिलाड़ी मौजूदा टीम कल्चर को पूरी तरह से नहीं अपना पाए हैं.

Add India.com as a Preferred SourceAdd India.com as a Preferred Source

Also read: जेम्स एंडरसन के 700 टेस्ट विकेटों की बराबरी नहीं कर पाएगा कोई और तेज गेंदबाज: स्टुअर्ट ब्रॉड

पूर्व क्रिकेटर ने टीम मैनेजमेंट पर खिलाड़ियों के प्रति बहुत नरम रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि वह समझते हैं कि कैंप में सकारात्मकता, मौज-मस्ती और हंसी-मजाक की भावना है लेकिन यह हमेशा जरूरी परिणाम नहीं ला सकता है.

उन्होंने कहा, ‘‘हर इंटरव्यू में आप उत्साह, अवसर और मौज-मस्ती के बारे में वही बातें सुनते हैं, मैं पिछले कुछ वर्षों में उनमें से कई खिलाड़ियों और सहयोगी सदस्यों के साथ रहा हूं . उनकी भाषा प्रेरणादायक हो सकती है. मैं उनमें से कुछ की प्रशंसा करता हूं, लेकिन मैं थोड़ा पुराने ख्याल का हो सकता हूं. मुझे चिंता है कि उनका यह रवैया टीम के हित में नहीं है.’’

Also Read:

ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या ट्विटर पर फॉलो करें. India.Com पर विस्तार से पढ़ें Cricket Hindi की और अन्य ताजा-तरीन खबरें

By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts Cookies Policy.