गौतम गंभीर को टीम इंडिया का कोच बनाना गलत फैसला, अब नतीजे भुगतने होंगे: मनोज तिवारी

टीम इंडिया के पूर्व बल्लेबाज मनोज तिवारी ने कहा कि गौतम गंभीर के पास भारतीय टीम को कोचिंग देने के लिए कोई अनुभव नहीं हैं और अब आप इसके रिजल्ट देख रहे हैं.

Published date india.com Published: January 10, 2025 9:05 AM IST
Gautam Gambhir Rohit Sharma
टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर (दाएं) कप्तान रोहित शर्मा से चर्चा के दौरान @BCCI

कोलकाता. टीम इंडिया के पूर्व बल्लेबाज मनोज तिवारी (Manoj Tiwary) भारतीय टीम के मौजूदा हेड कोच गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) से खास प्रभावित नहीं हैं और उन्हें लगता है कि वह भारतीय टीम के कोच बनने के लिए सही विकल्प नहीं थे. तिवारी ने कहा कि गंभीर की कोचिंग में टीम को मिल रहे नतीजे साफ बताते हैं कि वह इस स्तर पर कोचिंग करें. उन्होंने दो टूक कहा कि गंभीर टीम की कोचिंग में कैसे फिट हुए यह कोई नहीं जानता, जबकि उनसे पहले कोच बने राहुल द्रविड़ (Rahul Dravid) एक प्रक्रिया के तहत के कोच बने थे.

घरेलू क्रिकेट में बंगाल के लिए खेल चुके मनोज तिवारी अब पश्चिम बंगाल सरकार में खेल मंत्री भी हैं और उन्होंने गंभीर के प्रदर्शन पर सवाल उठाते हुए कहा कि वह इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) फ्रैंचाइजी को सलाह देने में माहिर हो सकते हैं लेकिन राष्ट्रीय टीम के कोच के लिए सही विकल्प नहीं हैं.

गंभीर के कोच बनने के बाद टीम इंडिया को 27 वर्षों में पहली बार श्रीलंका में वनडे सीरीज हार का सामना करना पड़ा. टीम को इसके बाद घरेलू मैदान पर न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में 0-3 की हार मिली और अब ऑस्ट्रेलिया दौरे पर गई टीम इंडिया बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी (BGT 2024-25) में कंगारू टीम से 1-3 से सीरीज हार गई. वह एक दशक बाद ऑस्ट्रेलिया से कोई टेस्ट सीरीज हारी है, जबकि पिछली दो बार टीम इंडिया कंगारुओं को उनकी सरजमीं पर हराकर आई थी.

बता दें आईपीएल खेलने के दिनों में 2013 में तिवारी की गंभीर के साथ ड्रेसिंग रूम में जोरदार तकरार हुई थी. तब दोनों कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) की टीम में शामिल थे. उन्होंने कोच के रूप में गंभीर की असफलता का हवाला देते हुए पीटीआई को दिए इंटरव्यू में कहा, ‘देखिए, रिजल्ट आपके सामने हैं. रिजल्ट झूठ नहीं बोलते. आंकड़े गलत नहीं होते. रिकॉर्ड खुद बोलता है.’

पश्चिम बंगाल सरकार के खेल राज्य मंत्री तिवारी ने गंभीर के कोचिंग के तरीके पर सवाल उठाते हुए कहा, ‘वह राहुल द्रविड़ के अच्छे कामों को आगे नहीं बढ़ा पाए.’ उन्होंने कहा, ‘गंभीर को चीजों को सही करने या जीत की राह पर आने में बहुत समय लगेगा. उन्हें भारत जैसी टीम के खिलाड़ियों को कोचिंग देने का कोई अनुभव नहीं है.’

उन्होंने कहा, ‘मैं ईमानदारी से कहूं तो मुझे नहीं लगता कि उनके पास टेस्ट या वनडे क्रिकेट में कोचिंग देने का कोई अनुभव है.’ तिवारी का मानना है कि वीवीएस लक्ष्मण और साईराज बहुतुले जैसे पूर्व खिलाड़ियों को कोचिंग में पर्याप्त अनुभव है और वे भारतीय टीम के कोच के लिए आदर्श विकल्प होते.

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उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है कि वीवीएस लक्ष्मण और साईराज बहुतुले जैसे पूर्व खिलाड़ी अगले मुख्य कोच बनने की कतार में थे. ये लोग पिछले कई वर्षों से NCA (राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी) के साथ हैं. जब राहुल द्रविड़ उपलब्ध नहीं थे, तो अगला कोच ऐसे ही किसी को होना चाहिए था.’

उन्होंने कहा, ‘द्रविड़ के मामले में उस प्रक्रिया का पालन किया जा रहा था लेकिन इस बार गंभीर कैसे आए, कोई नहीं जानता. इसलिए ऐसा परिणाम मिलना तय था.’ तिवारी ने कहा, ‘जब कोई ऐसा व्यक्ति आता है, जिसके पास कोई अनुभव नहीं है और वह काम करता है तो इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि वह कितना आक्रामक है. ऐसे में यह परिणाम आना तय है.’

(एजेंसी: पीटीआई)

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