रोहित शर्मा और विराट कोहली की ग्रेग चैपल ने की दिल खोलकर तारीफ, बोले- सिर्फ रिकॉर्ड बुक में नहीं फैन्स से दिलों में भी रहेगी छाप

रोहित शर्मा और विरटा कोहली अपने करियर के अंतिम पड़ाव पर हैं और दोनों बल्लेबाजों का भारतीय टीम की जर्सी पहने यह आखिरी ऑस्ट्रेलिया दौरा भी है. ऐसे में फैन्स उनकी ताबड़तोड़ बैटिंग देखने को बेताब हैं...

Published date india.com Published: October 23, 2025 6:39 PM IST
Rohit Sharma Shreyas Iyer
रोहित शर्मा और विराट कोहली @X

Greg Chappell Laud Rohit Sharma an Virat Kohli in Styel: टीम इंडिया के सीनियर बल्लेबाज विराट कोहली और रोहित शर्मा संभवत: आखिरी बार अपने ऑस्ट्रेलिया दौरे पर हैं. इस दौरे पर पहले दो मैच संपन्न हो चुके हैं रोहित शर्मा ने दो पारियों में 81 रन बनाए हैं, जबकि विराट कोहली अब तक अपना खाता भी नहीं खोल पाए हैं और करियर में लगातार दो 0 जुड़ गए हैं, जो उनके नाम वनडे करियर में पहली बार हुआ है.

हालांकि रोहित शर्मा को एडिलेड वनडे में अपनी लय हासिल करने में काफी समय लगा और उन्होंने यहां धीमी पारी खेलकर लय तलाशने में लगा दी. लेकिन बाद में उन्होंने तेजी से भी रन बनाकर यह संदेश देने की कोशिश की है कि अभी वह अपने जूते टांगने के मूड में नहीं हैं. इस बीच टीम इंडिया के पूर्व हेड कोच ग्रेग चैपल भी इन दोनों स्टार बल्लेबाजों से प्रभावित दिखे हैं, जिन्होंने कहा इन खिलाड़ियों के कारनामे सिर्फ रिकॉर्ड बुक में नहीं बल्कि फैन्स के दिलों मे भी अपनी छाप छोड़ेंगे.

चैपल ने कहा कि विराट कोहली का जुनून और व्यक्तिगत गौरव को अधिक तवज्जो नहीं देना तथा रोहित शर्मा की विनम्रता और कलात्मकता सिर्फ रिकॉर्ड बुक में ही नहीं बल्कि फैन्स के दिलों में भी हमेशा के लिए छाप छोड़ जाएगी. चैपल ने ‘ईएसपीएन क्रिकइंफो’ के लिए अपने कॉलम में लिखा, ‘अब जैसे-जैसे क्रिकेट की दुनिया आगे बढ़ेगी तो नए नाम उभरेंगे. नए कप्तान नेतृत्व करेंगे लेकिन यह स्वर्णिम अध्याय ‘कोहली-रोहित युग’ सिर्फ रिकॉर्ड बुक में ही नहीं बल्कि हर उन फैन्स के दिलों में अपनी छाप छोड़ेगा, जो समझता था कि वे किस लिए खड़े हैं.’

पूर्व ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज चैपल का मानना ​​है कि कोहली को सिर्फ महान बल्लेबाजों की श्रेणी में रखना उनके साथ अन्याय होगा. उन्होंने लिखा, ‘कोहली कभी सिर्फ बल्लेबाज नहीं थे. वह एक आंदोलन थे. उन्होंने वो दिखाया जो बहुत कम लोग कर पाते हैं- एक योद्धा जैसी मानसिकता. उन्होंने भारत की एकदिवसीय टीम को एक तेज, केंद्रित और पूरी तरह से फिट टीम में बदल दिया जो घर हो या बाहर, जीतने के लिए खेलती थी.’

इसके बाद उन्होंने उनके खेल और व्यक्तित्व का विश्लेषण किया और बताया कि दोनों किस चीज के प्रतीक थे. चैपल ने लिखा, ‘कोहली का जुनून, उनका समझौता नहीं करना, आंकड़ों से अधिक विरासत में उनका विश्वास. रोहित की शान, उनकी विनम्रता और उनकी वापसी की कहानी जिसने हम सभी को याद दिलाया कि क्रिकेट में और जिंदगी में- टाइमिंग ही सब कुछ है.’

चैपल यह बताना नहीं भूले कि कोहली अपने कुछ पूर्ववर्तियों के विपरीत आंकड़ों के मोह में नहीं थे. उन्होंने लिखा, लेकिन जो बात उन्हें (कोहली) उनसे पहले आए दिग्गजों से अलग करती थी वह थी व्यक्तिगत आंकड़ों को अधिक तवज्जो नहीं देना. जहां दुनिया शतकों और कुल स्कोर की वाहवाही कर रही थी, वहीं कोहली को सिर्फ नतीजों की परवाह थी.’

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(एजेंसी भाषा से)

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