
Bharat Malhotra
भारत मल्होत्रा के पास डिजिटल मीडिया का 17 साल का अनुभव है. आईपीएल 2008 से करियर की विधिवत शुरुआत हुई. तब से कुछ ब्रेक के साथ आईपीएल और क्रिकेट ... और पढ़ें
नई दिल्ली: करुण नायर (Karun Nair) की कहानी कुछ-कुछ फिल्मी है. आठ साल बाद कर्नाटक के इस बल्लेबाज की टीम इंडिया में एंट्री हुई. इंग्लैंड दौरे पर नायर टीम का हिस्सा बने. उन्हें चार टेस्ट मैच खेलने को भी मिले. लेकिन नायर का फॉर्म बहुत अच्छा नहीं रहा. और फिर उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया. लेकिन नायर हार मानने वाले नहीं हैं. वह फिर रन बना रहे हैं और एक बार फिर टीम इंडिया के लिए अपना दावा पेश कर रहे हैं.
25 सितंबर को भारत ने वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट सीरीज के लिए अपनी टीम का ऐलान किया था. नायर का नाम उस टीम में शामिल नहीं था. घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन करने के बाद उन्हें टीम इंडिया में वापस जगह मिली थी. लेकिन इंग्लैंड दौरे पर 205 रन बनाने के बाद नायर को फिर टीम से बाहर कर दिया गया.
चीफ सिलेक्टर अजित अगरकर ने कहा था कि टीम को नायर से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद थी. वेस्टइंडीज के खिलाफ जब टीम में नायर को नहीं चुना गया तो जाहिर सी बात है कि वे निराश थे. हालांकि नायर को और झटका तब लगा जब साउथ अफ्रीका ए के खिलाफ होने वाली घरेलू सीरीज के लिए भारत-ए में उनका नाम नहीं था.
करुण नायर की टीम में वापसी लगातार दो सीजन में विदर्भ के लिए दमदार खेल के दम पर हुई. लेकिन भारतीय टीम से बाहर होने के बाद नायर ने वही किया जो वह करते आए हैं. जी, रन बनाना. नायर ने इस सीजन में कर्नाटक में वापसी कर चुके हैं. सीजन के पहले मैच में उन्होंने सौराष्ट्र के खिलाप 73 और 8 रन बनाए. लेकिन रविवार को गोवा के खिलाफ उन्होंने 174 रन की नाबाद पारी खेली.
अपनी पारी के बाद नायर ने कहा, ‘मैंने अपने जीवन में कुछ लक्ष्य तय किए हैं. जिनके बारे में मैं बात नहीं करना चाहता. लेकिन इसके अलावा पहला लक्ष्य टीम के लिए मैच जीतना है.‘
नायर ने टीम से बाहर होने के बाद हुई निराशा नहीं छुपाई. उन्होंने कहा, ‘टीम से बाहर होना निराशाजनक था. लेकिन मुझे लगता है कि घरेलू क्रिकेट में मैंने दो सीजन में जिस तरह का प्रदर्शन किया था उसके हिसाब से मैं वहां होने का हकदार था. लोगों की अपनी राय हो सकती है लेकिन निजी तौर पर मेरी राय यही है मैं कहीं ज्यादा का हकदार था.‘

Karun-Nair-statement
हालांकि करुण नायर ने टीम प्रबंधन से हुई बातचीत के बारे में नहीं बताया लेकिन उन्होंने कहा, ‘कुछ लोगों ने निजी तौर पर मुझसे बात की थी कि उन्हें कैसा लग रहा है. बस यही बात हुई.‘
करुण ने हालांकि हिम्मत हारने वाले नहीं है. उन्होंने कहा, ‘मैं सिर्फ रन बना सकता हूं. मैं इस बारे में ज्यादा नहीं कह सकता. मैं खुद को बस यही कहता रहता हूं कि मैं एक सीरीज से ज्यादा डिजर्व करता था. मैं खुद को सिर्फ यही बता सकता हूं. लेकिन इसे अपनी सोच पर हावी नहीं होने दे सकता. मैं सिर्फ देश के लिए खेलना चाहता हूं. यही मेरा लक्ष्य है. और अगर मैं ऐसा नहीं कर सकूं तो मेरी कोशिश यही होगी कि जिस भी टीम के लिए मैं खेलूं उसके लिए मैच जीतूं.‘
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