I Got 65 Is Because Of The Way I Batted Do Not Want To Compromise On My Intent Says Rohit Sharma
IND vs SL: रोहित शर्मा की ताबड़तोड़ फिफ्टी के बावजूद हारा भारत, कप्तान बोले- नहीं बदलेंगे अपने इरादे
दूसरे वनडे में भारत की हार पर कप्तान रोहित शर्मा की बैटिंग पर भी कुछ सवाल उठे. कई जानकार मान रहे थे कि अगर रोहित जैसा अनुभवी बल्लेबाज पिच पर टिकने का इरादा दिखाता तो वह टीम को जीत दिला सकते थे...
श्रीलंका के खिलाफ दूसरे वनडे में रोहित शर्मा @BCCI
नई दिल्ली. श्रीलंका के खिलाफ भारतीय टीम दूसरा वनडे मैच हार गई. इसी के साथ श्रीलंका ने 27 साल बाद किसी द्विपक्षीय सीरीज में भारत को जीत से रोक दिया है. दोनों टीमों ने पहला मैच टाई खेला था. रविवार को खेले गए दूसरे वनडे में मेजबान टीम ने भारत के सामने 241 रनों का लक्ष्य रखा था. इसके जवाब में भारत 208 रनों पर सिमट गई. भारत के लिए कप्तान रोहित शर्मा और शुभमन गिल की जोड़ी ने ओपनिंग विकेट के लिए 97 रन जोड़े थे. इसके बावजूद टीम अपना पहले विकेट गंवाने के बाद सिर्फ 111 रन ही और जोड़ पाई और 32 रनों से यह मैच हार गई.
इस मैच के बाद बेहतरीन फिफ्टी जमाने वाले रोहित शर्मा की बैटिंग पर कुछ जानकारों ने सवाल उठाए कि उनके जैसे अनुभवी बल्लेबाज को कोलंबो की इस धीमी पिच पर टिककर बल्लेबाजी करनी चाहिए थी, जिससे वह टीम के लिए कुछ और उपयोगी रन जोड़कर टीम को जीत दिला सकते थे. लेकिन मैच के बाद रोहित शर्मा ने साफ कर दिया कि वह अपने आक्रामक बैटिंग के इरादों में कोई बदलाव नहीं करेंगे.
उन्होंने कहा, ‘मैंने 65 रन बनाए उसका कारण यही था कि मैं जिस ढंग से खेला था. जब मैं इस तरह की बैटिंग कर रहा हूं तो इसमें बहुत सारा जोखिम मैं उठा रहा हूं. लेकिन जब आप जीत नहीं पाते हैं तो आप हमेशा ही दुखी महसूस करते हैं. लेकिन मैं अपने इरादों से कोई समझौता करना नहीं चाहता.’
भारतीय कप्तान ने इस मैच के बाद कहा, ‘जब आप मैच हारते हैं तो सब कुछ दुखी करता है. यह बस उन 10 ओवरों की बात नहीं है. आपको निरंतर क्रिकेट खेलनी होती है और हम इसे करने में नाकाम रहे. थोड़े सा दुखी हूं लेकिन यह सब होता रहता है. आपको वह स्वीकार करना होता है, जो आपके सामने होता है. दाएं-बाएं के साथ यही है कि हम यही सोच रहे हैं कि यहां स्ट्राइक रोटेट करते रहना आसान था. जेफरी वेंडरसे को श्रेय जाता है, जिन्होंने यहां 6 विकेट निकाले.’
उन्होंने कहा, ‘हमें इस सतह की जानकारी है. बीच के ओवरों में यह बहुत ही मुश्किल हो जाती है. आपको पावरप्ले में वह सब कुछ प्रयास करना होता है, जो संभव हो. हम उतने सही नहीं थे. अब इसमें बहुत ज्यादा नहीं पड़ना चाहता कि हम आज कितना सही खेले. लेकिन बीच के ओवरों में हमारी बैटिंग कैसी रही, इस पर बात जरूर होगी.’
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