
Arun Kumar
नमस्कार! मैं अरुण कुमार, फिलहाल India.com (Zee Media) में सीनियर सब एडिटर के रूप में स्पोर्ट्स डेस्क पर कार्यरत हूं. मैं पिछले 13 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं और ... और पढ़ें
नई दिल्ली. वनडे वर्ल्ड कप का फाइनल खत्म हुए करीब 10 दिन हो गए हैं लेकिन इस हार का मलाल क्रिकेट फैन्स के दिल से अभी तक नहीं गया है. टीम इंडिया के ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन (Ravichandran Ashwin) के मन में थोड़ी सी ज्यादा कसक होगी क्योंकि वह वर्ल्ड कप टीम का हिस्सा होकर भी इस मैच के प्लेइंग XI में अपनी जगह नहीं बना पाए और भारत को यहां हार भी झेलनी पड़ी. लेकिन अश्विन इस बात से नाराज नहीं हैं कि उन्हें कप्तान रोहित शर्मा ने धीमी पिच होने के बावजूद प्लेइंग XI में नहीं चुना.
यह स्टार ऑफ स्पिनर अपने यू्ट्यूब चैनल पर पूर्व क्रिकेटर एस. बद्रीनाथ से बात कर रहा था. इस बातचीत में उन्होंने कहा कि रोहित ने वर्ल्ड कप फाइनल के लिए अपनी प्लेइंग XI चुनने से पहले 100 बार सोचा होगा. लेकिन उन्हें यहां अपना विनिंग कॉम्बिनेशन बदलने का कोई मतलब नहीं दिखा होगा क्योंकि यह टीम टू्र्नामेंट में शानदार खेल दिखा रही थी.
अश्विन ने कहा, ‘जहां तक मेरा सवाल है. मैं फाइनल खेल रहा था. टीम कॉम्बिनेशन और बाकी सभी चीजें बाद में आती हैं. सबसे पहले यह एक जैसे अहसास की बात है, जिस मैं खूब जोर देता हूं. यह ऐसा है कि आप किसी की जगह पर खुद को रखकर देखें और फिर उसके नजरिए से चीजों को देखें. अगर मैं रोहित की जगह होता तो मैंने भी टीम कॉम्बिनेशन को बदलने पर 100 बार सोचा होता. यह टीम के लिए सही जा रहा था. तो मैं क्यों किसी एक तेज गेंदबाज को आराम कराता और 3 स्पिनरों को खिलाता?’
उन्होंने कहा, ‘ईमानदारी से कहता हूं कि मैं रोहित शर्मा के सोचने-समझने को बखूबी समझ रहा था. फाइनल खेलना एक बहुत बड़ा अवसर है. मैं इस मैच से पहले 3 दिन तक यहां खेलने की तैयारी कर रहा था. मैं बहुत सारे लोगों को जवाब नहीं दे रहा था. मैं बस वॉट्सऐप मैसेज के टिकर देख रहा था और अपने फोन को दूर रख रहा था.’
इस 37 वर्षीय सीनियर स्पिन गेंदबाज ने आगे कहा, ‘मैं इस अवसर के लिए खुद को तैयार कर रहा था और इसी समय मैं इसके लिए भी तैयार थी कि मुझे प्लेइंग XI से बाहर बैठकर अपनी टीम के लिए चीयर करना है और टीम के लिए ड्रिंक्स लेकर मैदान पर दौड़ना है. मैं मानसिक रूप से इसके लिए भी तैयार था.’
अश्विन ने इस बातचीत में यह भी बताया कि वर्ल्ड कप जैसे टूर्नामेंट में कोई भी टीम अपनी मर्जी की पिच पर नहीं खेलती. क्योंकि पिच का निर्धारण मैदानकर्मी और आईसीसी की टीम करती है. उन्होंने कहा, ‘जब हम इस पिच पर पाकिस्तान के खिलाफ खेले थे, तब यह सतह इतनी काली नहीं थी, जितनी फाइनल के दिन दिखाई दी. शायद यह उस मैच के बाद बदले मौसम, बदले तापमान के चलते हुआ क्योंकि सतह से घास छोड़ दी थी. मैं नहीं समझता कि यह वैसा खेला जैसा दिख रहा था.’
उन्होंने कहा, ‘यहां एक बड़ा अंतर यह था कि शाम के वक्त पिच पर नमी आ गई. मिट्टी ने नमी को पकड़ लिया और तब यहां बैटिंग करना काफी आसान हो गया था.’
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