Icc Becomes Unnecessary If It Cannot Enforce Decisions On Bcci Says Saeed Ajmal
अगर ICC भारत पर अपने फैसले लागू नहीं कर सकती तो उसका कोई मतलब नहीं: पूर्व पाकिस्तानी क्रिकेटर
पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर सईद अजमल को इस बात का बहुत मलाल है कि भारत और पाकिस्तान एक-दूसरे से द्विपक्षीय सीरीज नहीं खेलते हैं. उन्होंने कहा कि भारत सरकार फैसला लेती है और BCCI के दबाव में ICC भी झुक जाता है.
पिछले करीब डेढ़ दशक से भारत और पाकिस्तान ने कोई भी द्विपक्षीय सीरीज नहीं खेली है. दोनों देशों ने आखिरी बार 2012 में कोई द्विपक्षीय सीरीज खेली थी, जब पाकिस्तान की टीम भारत दौरे पर आई थी. इतना ही नहीं ये दोनों देश अब सिर्फ ICC या एशिया कप जैसे बहुदेशीय टूर्नामेंट में ही एक-दूसरे के साथ खेलते दिखते हैं. पिछले साल से दोनों के रिश्तों में तनाव इतना बढ़ गया है कि अब दोनों ने एक-दूसरे के खिलाफ किसी तटस्थ देश में ही खेलने का निर्णय लिया है. इस पर पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर सईद अजमल को मिर्ची लगी है. उन्होंने कहा कि ऐसा सिर्फ और सिर्फ ICC में भारत का दखल बढ़ने से हो रहा है क्योंकि ICC अब भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के दबाव में झुकने लगा है.
भारत ने बीते साल ICC चैम्पियन्स ट्रॉफी के लिए पाकिस्तान जाने से इनकार कर दिया था. उसने ICC को बताया कि सुरक्षा कारणों से उसे भारत सरकार ने अपनी टीम पाकिस्तान भेजने की इजाजत नहीं दी है. अजमल ने कहा कि आईसीसी को उसके दबाव में ये मैच किसी तटस्थ देश में आयोजित करने पड़े. भारत ने ऐसा ही वनडे वर्ल्ड कप 2023 से पहले आयोजित हुए एशिया कप में भी किया था, जब भारत के मैचों का आयोजन पाकिस्तान की बजाए श्रीलंका में हुआ था.
पाकिस्तान के पूर्व ऑफ स्पिनर सईद अजमल ने कहा कि अगर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) अपने कामकाज में भारतीय क्रिकेट बोर्ड (BCCI) के मौजूदा ‘वर्चस्व’ से निपटने में नाकाम रहती है तो उसके अस्तित्व का कोई मतलब नहीं है. अजमल कराची में पत्रकारों से बात कर रहे थे. इस दौरान उन्होंने कहा, ‘अगर आईसीसी वर्ल्ड क्रिकेट के समग्र हित में निष्पक्ष और सैद्धांतिक फैसला नहीं कर सकती है तो उसे अपना कामकाज बंद कर देना चाहिए.’
उन्होंने कहा, ‘अगर आईसीसी भारतीय बोर्ड पर अपने फैसले लागू नहीं करा सकती तो उसके अस्तित्व का कोई मतलब नहीं बनता है.’ अजमल ने दावा किया कि टेस्ट खेलने वाले अधिकतर देश इस भावना से सहमत हैं, लेकिन वे सार्वजनिक रूप से अपना रुख स्पष्ट नहीं कर पाएंगे. उन्होंने कहा कि भारत का वैश्विक प्रतियोगिताओं में भी पाकिस्तान में खेलने से इनकार करना आईसीसी की ‘बेबसी‘ का एक प्रमुख उदाहरण है.
अजमल ने कहा, ‘भारत के पाकिस्तान में नहीं खेलने का कोई तार्किक कारण नहीं है, लेकिन आईसीसी बेबस है क्योंकि अब इस पर भारतीयों का वर्चस्व है.’
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