
Arun Kumar
नमस्कार! मैं अरुण कुमार, फिलहाल India.com (Zee Media) में सीनियर सब एडिटर के रूप में स्पोर्ट्स डेस्क पर कार्यरत हूं. मैं पिछले 13 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं और ... और पढ़ें
ऑस्ट्रेलिया दौरे पर गई टीम इंडिया वनडे सीरीज में अपने शुरुआती दोनों मैच हारकर सीरीज भले गंवा चुकी है. लेकिन शनिवार को सिडनी में खेले जाने वाले तीसरे और आखिरी वनडे में उसके सामने अपना क्लीन स्वीप बचाने की चुनौती होगी. भारतीय टीम के दो सीनियर बल्लेबाज रोहित शर्मा और विराट कोहली के लिए यह मैच इसलिए भी खास होगा कि दोनों का ऑस्ट्रेलिया में यह आखिरी इंटरनेशनल मैच होगा. अगले 2 साल में ऑस्ट्रेलिया में कोई वनडे सीरीज नहीं होने के कारण यह सोचना असंभव है कि यह जोड़ी इसके बाद भी भारतीय क्रिकेट में एक्टिव होगी.
रोहित शर्मा ने दूसरे वनडे में 97 गेंदों पर 73 रन बनाकर कुछ राहत की सांस ली है, लेकिन कोहली दोनों मैच में खाता भी नहीं खोल पाए हैं. यह वनडे क्रिकेट में पहला अवसर है, जब वह लगातार जो मैच में खाता नहीं खोल पाए. इसने निश्चित रूप से उनके कट्टर प्रशंसकों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या यह अंत की शुरुआत है. रोहित पहली बार 2007-08 में वन डे सीरीज के लिए यहां आए थे, जबकि कोहली का सीनियर टीम के साथ पहला दौरा 2011-12 सत्र में था जब उन्होंने एडिलेड में टेस्ट शतक लगाकर अपना प्रभाव छोड़ा था.
सिडनी क्रिकेट ग्राउंड पर मौजूद दर्शक निश्चित तौर पर इन दोनों से अच्छी पारी की उम्मीद करेंगे. यह मैच इसलिए भी महत्वपूर्ण है. क्योंकि गौतम गंभीर की कोचिंग वाली भारतीय टीम 0-3 से क्लीन स्वीप से बचना चाहती है लेकिन आंकड़े भारतीय टीम के पक्ष में नहीं हैं. उसने यहां जो पिछले पांच वनडे मैच खेले हैं उनमें से उसे केवल एक मैच में जीत मिली है. कप्तान शुभमन गिल और कोहली दोनों से बड़ी पारी दरकार है और गंभीर को अंतिम मैच में दोनों से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद होगी.
पिछले दो मैचों में बुरी तरह से पराजित होने वाली भारतीय टीम गेंदबाजी के अपने संसाधनों के साथ समझौता करने की कीमत पर बल्लेबाजी को मजबूत करने की अपनी रणनीति पर फिर से विचार करना चाहेगी क्योंकि कुलदीप यादव जैसे मैच विजेता खिलाड़ी को नजरअंदाज करना टीम के लिए अभी तक अच्छा साबित नहीं हुआ है. भारत ने अब तक स्पिन विभाग की जिम्मेदारी अक्षर पटेल और वॉशिंगटन सुंदर पर डाली है जो अच्छी बल्लेबाजी भी कर सकते हैं. लेकिन यह दोनों गेंदबाजी में प्रभाव नहीं छोड़ पाए हैं और ऑस्ट्रेलिया के बल्लेबाजों को उन्हें खेलने में किसी तरह की परेशानी नहीं हुई है.
भारत का वर्तमान टीम प्रबंधन ऑलराउंडर को प्राथमिकता देता रहा है लेकिन नीतीश कुमार रेड्डी जैसे बल्लेबाज को 8वें नंबर पर उतारना सही रणनीति नहीं लगती है. गेंदबाजी में भी वह प्रभाव छोड़ने में असफल रहे. हर्षित राणा के मामले में, दूसरे और तीसरे स्पैल में उनकी गति में आई उल्लेखनीय गिरावट इस बात का प्रमाण है कि वह अभी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के लिए पूरी तरह से तैयार नहीं हैं. उनकी जगह पर प्रसिद्ध कृष्णा को अंतिम एकादश में शामिल किया जाना चाहिए.
जहां तक ऑस्ट्रेलियाई टीम का सवाल है, तो साफ नजर आता है कि उसने 2027 में होने वाले वनडे वर्ल्ड कप के लिए अपनी तैयारी शुरू कर दी है. मैथ्यू शॉर्ट, मिशेल ओवेन और कूपर कोनोली जैसे खिलाड़ियों ने दबाव वाली परिस्थितियों में सही रणनीति तैयार करने और उस पर अमल करने के अपने कौशल का अच्छा परिचय दिया है. ऑस्ट्रेलिया इस मैच के लिए मैट कुहनेमैन को अंतिम एकादश में शामिल कर सकता है जिन्होंने पहले मैच में अच्छी गेंदबाजी की थी.
(एजेंसी: आईएएनएस)
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