Ind vs Pak 1999: शोएब-सचिन टकराव से क्यों हिला था पूरा Eden Gardens, एशियाई ट्रॉफी में भड़क गया था दंगा?

IND vs PAK 1999: भारत और पाकिस्तान के बीच वो मैच 1999 में हुआ था, जब स्टेडियम अचानक दंगाग्रस्त एरिया में बदल गया था.

Published date india.com Published: September 15, 2025 1:39 PM IST
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(By कुलदीप पंवार)

IND vs PAK: भारत-पाकिस्तान के बीच एशिया कप 2025 में मैच को लेकर बेहद हंगामा हुआ है. इस मैच में टीम इंडिया के खेलने के विरोध में लगभग पूरे भारत में प्रदर्शन हुए हैं. प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना है कि पाकिस्तान आतंकियों को पनाह देता है, जो पहलगाम आतंकी हमले (Pahalgam Terror Attack) जैसी घटनाएं अंजाम देते हैं, इसलिए भारत को पाकिस्तान के साथ क्रिकेट मैच भी नहीं खेलना चाहिए. यह प्रदर्शन देश के कई हिस्सों में हिंसक भी होता दिखाई दिया, लेकिन भारत-पाकिस्तान के बीच मुकाबले को लेकर भावनाएं भड़कने का यह पहला मौका नहीं है.

याद कीजिए उस दिन को जब पाकिस्तान को मुंबई में आकर खेलने से रोकने के लिए शिवसेना ने वानखेड़े स्टेडियम की पिच ही खोद दी थी. इसके अलावा भी कई मौकों पर दोनों देशों के क्रिकेट फैंस उग्र होते हुए दिखाई दिए हैं. ऐसे ही एक वाकये का जिक्र हम कर रहे हैं, जब भारत-पाकिस्तान के बीच मुकाबला देख रहे दर्शक इतने भड़क गए थे कि स्टेडियम में ही दंगे जैसा माहौल बन गया था. यह घटना भी एक एशियाई ट्रॉफी के मुकाबले के दौरान ही हुई थी.

1999 में हुआ था वो मैच, जिसमें दंगाग्रस्त क्षेत्र बन गया था स्टेडियम

भारत और पाकिस्तान के बीच वो मैच 1999 में हुआ था, जब स्टेडियम अचानक दंगाग्रस्त एरिया में बदल गया था. दरअसल यह घटना हुई थी एशियाई टेस्ट चैंपियनशिप (Asian Test Championship 1999) के मुकाबले में. भारत-पाकिस्तान के बीच सीरीज का तीसरा टेस्ट मैच एशियाई टेस्ट चैंपियनशिप (Ind vs Pak Asian Test Championship 1999) के मुकाबले के तौर पर खेला गया था. यह इस टेस्ट चैंपियनशिप का उद्घाटन मैच भी था, जिसे एशिया में क्रिकेट खेलने वाले देशों की इनकम बढ़ाने वाली टूर्नामेंट मानते हुए अचानक शुरू करने की तैयारी कर ली गई थी. यह टेस्ट मैच फरवरी, 1999 में कोलकाता (तब कलकत्ता) के इडेन गार्डन्स स्टेडियम (Eden Garden Stadium) में खेला जाना था.

भीड़ ने तोड़ दिए थे 63 साल के रिकॉर्ड

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भारत-पाकिस्तान के बीच इस टेस्ट मैच को लेकर क्रिकेट फैंस में इतना क्रेज था कि सारे रिकॉर्ड ध्वस्त होते हुए दिखाई दिए थे. टेस्ट मैच के पहले चार दिन रोजाना करीब 1,00,000 लोगों की भीड़ स्टेडियम में पहुंची थी, जबकि आखिरी दिन जब भारतीय टीम की दूसरी पारी में महज 4 विकेट बचे होने के बावजूद करीब 65,000 लोग स्टेडियम में मौजूद थे. टेस्ट मैच के पहले दिन पाकिस्तान के 26 रन पर 6 विकेट गिरने के बाद भारतीय दर्शकों का उत्साह चरम पर था.

हालांकि विकेटकीपर मोइन खान ने उनकी खुशियों पर तुषारापात करते हुए बेहतरीन 70 रन बनाकर टीम की पहली पारी 185 रन तक पहुंचने में अहम भूमिका निभाई. दर्शकों को उस समय निराशा हुई, जब पाकिस्तानी टीम के नए-नवेले तेज गेंदबाज शोएब अख्तर (Shoaib Akhtar) ने ‘क्रिकेट के भगवान (God Of Cricket)’ सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) को 0 के स्कोर पर पवेलियन लौटा दिया.

जवागल श्रीनाथ ने पैदा कर दिया मैच में रोमांच

पाकिस्तान की दूसरी पारी में एकतरफ सईद अनवर (Saeed Anwar) ने अपनी करियर बेस्ट पारी खेली, जो पारी की शुरुआत करने के बावजूद 188 रन बनाकर नॉटआउट वापस लौटे. वहीं दूसरी तरफ भारतीय टीम (Indian Cricket Team) की तरफ से तेज गेंदबाज जवागल श्रीनाथ (Javagal Srinath) ने अपनी करियर बेस्ट बॉलिंग की. श्रीनाथ ने 86 रन देकर 8 विकेट लिए और टेस्ट में 132 रन देकर कुल 13 विकेट अपने नाम कर लिए. पाकिस्तान ने 316 रन बनाए और भारत को जीत के लिये 279 रन बनाने का टारगेट मिला.

अब बारी थी स्टेडियम में दंगा होने की

टीम इंडिया ने चौथे दिन की दोपहर तक 2 विकेट पर 143 रन बना लिए थे और उसकी जीत तय नजर आ रही थी. सचिन तेंदुलकर ने वसीम अकरम (Wasim Akram) पर डीप मिडविकेट में शॉट लगाया और तेजी से दौड़ते हुए अपने 5,000 टेस्ट रन पूरे कर लिए. सचिन तीसरा रन लेने के लिए भी दौड़ पड़े. इडेन गार्डन्स को जिन लोगों ने देखा है, वो जानते हैं कि उस मैदान में डीप मिडविकेट में गेंद बाउंड्री तक जाने पर आसानी से 3 रन दौड़कर लिए जा सकते हैं. सचिन तेंदुलकर भी तीसरा रन बेहद आसानी से पूरा कर रहे थे, लेकिन तभी कुछ ऐसा हुआ, जिससे स्टेडियम में दंगा भड़क गया.

शोएब ने गिराया सचिन को?

दरअसल तीसरा रन लेते समय सचिन गेंद की तरफ देख रहे थे ताकि थ्रो के हिसाब से दौड़कर खुद को बचा सकें. नदीम खान (Nadeem Khan) ने बॉलिंग एंड की तरफ थ्रो मारी. गेंद को देखकर दौड़ रहे सचिन विकेट के पास खड़े शोएब से टकरा गए, जो थ्रो पकड़ने के लिए वहां पहुंचे थे. हालांकि दर्शकों का कहना था कि शोएब ने जानबूझकर सचिन को गिराया था. गिरने के बाद भी सचिन क्रीज में पहुंच गए, लेकिन तब तक गेंद विकेट पर लग चुकी थी. पाकिस्तानी टीम ने अपील की और अंपायर स्टीव बकनर (Steve Bucknor) ने उसे थर्ड अंपायर को सौंप दिया. थर्ड अंपायर केटी फ्रांसिस (KT Francis) ने कई बार रिप्ले देखने के बाद बहुत देर में सचिन को आउट दिया. यह पहला टेस्ट मैच था, जिसमें सभी अंपायर न्यूट्रल यानी तीसरे देश के थे.

तेंदुलकर चले गए सीधे थर्ड अंपायर के रूम में

तेंदुलकर के आउट घोषित होते ही दर्शकों ने हंगामा शुरू कर दिया. सचिन भी ड्रेसिंग रूम में जाने के बजाय सीधे थर्ड अंपायर के रूम में चले गए ताकि रिप्ले को खुद देख सकें. वहां उन्होंने रिप्ले देखा और कुछ नहीं कहा, लेकिन अपने आउट होने के तरीके से वे नाखुश दिखाई दिए. पिच पर आए राहुल द्रविड़ (Rahul Dravid) ने अकरम के ओवर की बची हुई तीन गेंद खेली. तब तक दर्शकों ने ‘चीटर-चीटर’ चिल्लाना शुरू कर दिया और डीप मिडविकेट पर खड़े शोएब अख्तर को बोतलें व अन्य चीजें फेंककर मारनी शुरू कर दी. दर्शकों को भड़कते देखकर अंपायरों ने समय से पहले टी-ब्रेक घोषित कर दिया. तब तक स्टेडियम में जबरदस्त हंगामा छिड़ चुका था.

पूरे ग्राउंड में बाउंड्री लाइन के करीब पानी की खाली बोतलें बिखरी दिख रही थीं, जो दर्शकों ने गुस्से में फेंकी थीं. Espncricinfo की रिपोर्ट के मुताबिक, कोलकाता के पुलिस चीफ दिनेश वाजपेयी तब ICC प्रेसिडेंट जगमोहन डालमिया (Jagmohan Dalmiya) और सचिन तेंदुलकर के पास गए. डालमिया कोलकाता के स्थानीय निवासी भी थे और लोगों के बीच उनका बेहद सम्मान भी था. वाजपेयी के कहने पर डालमिया और सचिन ग्राउंड में चारों तरफ घूमे और दर्शकों से शांत होने की अपील की.

दोबारा शुरू हुआ खेल, असली दंगा अगले दिन भड़का

सचिन-डालमिया की अपील से दर्शक शांत हो गए और करीब 65 मिनट बाद मैच फिर से शुरू हुआ. मैच थमे रहने का नुकसान भारत को हुआ, क्योंकि पाकिस्तानी गेंदबाजों को रेस्ट करने का मौका मिल गया. वापस आते ही शोएब अख्तर ने राहुल द्रविड़ को आउट किया. फिर मोहम्मद अजहरुद्दीन और नयन मोंगिया भी 7 रन के अंदर आउट हो गए. यहीं पर दिन का खेल खत्म हो गया. टीम इंडिया को आखिरी दिन 65 रन जीतने के लिए चाहिए थे और 4 विकेट बचे हुए थे. आखिरी दिन मैच शुरू होते ही ‘लोकल बॉय’ सौरव गांगुली 9वीं गेंद पर आउट हो गए और 20 मिनट बाद जवागल श्रीनाथ को भी वसीम अकरम ने वापस लौटा दिया. स्कोर 231 रन पर 9 विकेट हो गया. इसके बाद दर्शक फिर भड़क गए.

बच्चे-बूढ़े और औरतें, सब पीटे गए

भड़के दर्शक स्टैंड्स में न्यूजपेपर जलाकर फेंकने लगे. खिलाड़ियों पर पत्थर, खाली बोतलें और फल फेंके जाने लगे. इससे मैच थम गया. पुलिस को स्टैंड में भेजा गया, जिसने लाठीचार्ज कर दिया. इससे माहौल और ज्यादा भड़क गया. चंद पुलिसवाले करीब 65,000 दर्शकों को संभालने की कोशिश कर रहे थे. करीब 3 घंटे तक स्टेडियम में दंगे जैसा माहौल बना रहा. किसी तरह और ज्यादा फोर्स बुलाकर दर्शकों को बाहर निकाला गया.

गार्जियन न्यूजपेपर की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने किसी का लिहाज नहीं किया. बच्चे, बूढ़े और औरतों तक को लात, मुक्कों और डंडों से पीटकर बाहर निकाला गया. इसके बाद मैच दोबारा शुरू हुआ और महज 10 गेंद में पाकिस्तान ने 46 रन से टेस्ट मैच जीत लिया, लेकिन इडेन गार्डन्स पर मैच के दौरान दंगे का ऐसा दाग लग गया, जो शायद ही कभी भुलाया जा सकेगा.

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