
Rishabh Kumar
ऋषभ कुमार पाण्डेय डिजिटल मीडिया और खबरों की दुनिया में एक साल से अधिक समय का अनुभव रखते हैं. ऋषभ राजनीति, राष्ट्रीय-अंतराष्ट्रीय घटनाओं और Off-Beat से जुड़ी खबरों में ... और पढ़ें
IND vs SA: भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच विशाखापट्टनम में खेले गए तीसरे और आखिरी वनडे मैच में भारतीय टीम के स्पिनर कुलदीप यादव ने शानदार प्रदर्शन किया. यह मैच शुरू से ही रोमांचक रहा, क्योंकि दक्षिण अफ्रीका ने तेज शुरुआत कर ली थी और ऐसा लग रहा था कि वे एक बड़ा स्कोर खड़ा कर देंगे. भारत ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला लिया था, लेकिन शुरुआती ओवरों में दक्षिण अफ्रीका के बल्लेबाजों ने आक्रामक खेल दिखाया. खासतौर पर क्विंटन डी कॉक ने बेहतरीन बल्लेबाजी करते हुए 106 रन बनाए और भारतीय गेंदबाजों पर दबाव बना दिया. इस वजह से शुरुआत में मैच पूरी तरह दक्षिण अफ्रीका के पक्ष में जाता दिख रहा था.
मैच के 38वें ओवर तक दक्षिण अफ्रीका पांच विकेट पर 234 रन बना चुकी थी और वे 300 से ज्यादा का स्कोर बनाने की तैयारी में थे. डेवाल्ड ब्रेविस और मार्को जानसेन क्रीज पर मौजूद थे और दोनों तेजी से रन बटोर रहे थे. उनकी बल्लेबाजी देखकर लग रहा था कि भारत को बड़े लक्ष्य का पीछा करना पड़ेगा. उसी समय भारतीय कप्तान ने गेंद कुलदीप यादव को थमाई और यही वह पल था जिसने मैच का पूरा रुख बदल दिया. कुलदीप यादव ने अपने ओवर की पहली ही गेंद पर ब्रेविस को आउट कर दिया और फिर तीसरी गेंद पर मार्को जानसेन को भी पवेलियन भेज दिया. एक ही ओवर में दो बड़े विकेट गिरने से दक्षिण अफ्रीका अचानक दबाव में आ गई और उनकी रन बनाने की गति रुक गई.
इन दो विकेटों के बाद दक्षिण अफ्रीका की टीम बैकफुट पर चली गई. पहले जो बल्लेबाज तेजी से रन बना रहे थे, अब सावधानी से खेलने को मजबूर हो गए. कुलदीप यादव ने इसके बाद भी अपनी सटीक लाइन और लेंथ से दक्षिण अफ्रीका को बांधे रखा. उन्होंने अपने अगले ओवरों में कार्बिन बॉश और लुंगी एनगिडी को भी आउट कर दिया. कुलदीप ने अपने 10 ओवर में एक मेडन डालते हुए सिर्फ 41 रन दिए और शानदार तरीके से चार विकेट चटकाए. उनकी गेंदबाजी के कारण दक्षिण अफ्रीका 270 रन पर ही ऑलआउट हो गई, जबकि एक समय वे 300 से ऊपर जाने की स्थिति में थे. कुलदीप की यह गेंदबाजी भारतीय टीम के लिए मैच में टर्निंग प्वॉइंट साबित हुई.
कुलदीप यादव का बेहद खास रहा है. वनडे करियर में यह 11वां मौका है जब उन्होंने एक मैच में चार या उससे ज्यादा विकेट लिए हैं. इस प्रदर्शन के साथ उन्होंने भारत के दिग्गज गेंदबाज अनिल कुंबले और जवागल श्रीनाथ को पीछे छोड़ दिया, जिनके नाम यह उपलब्धि 10 बार थी. इसके अलावा, दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ कुलदीप यादव के अब कुल पांच बार 4-विकेट हॉल हो चुके हैं, जो एक ही टीम के खिलाफ किसी भी भारतीय गेंदबाज का सबसे बड़ा रिकॉर्ड है. इस तरह कुलदीप ने न केवल टीम को जीत की राह पर लौटाया, बल्कि अपने करियर में एक और बड़ा मील का पत्थर भी हासिल किया.
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