
Arun Kumar
नमस्कार! मैं अरुण कुमार, फिलहाल India.com (Zee Media) में सीनियर सब एडिटर के रूप में स्पोर्ट्स डेस्क पर कार्यरत हूं. मैं पिछले 13 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं और ... और पढ़ें
IND vs SA Sunil Gavaskar on Indian Batters After Eden Gardens Debacle: दिग्गजों की रिटायरमेंट के बाद बदलाव के दौर से गुजर रही टीम इंडिया साउथ अफ्रीका के खिलाफ ईडन गार्डंस टेस्ट में मजबूत स्थिति में होने के बावजूद घुटने टेक गई. टीम की इस हार के बाद हेड कोच गौतम गंभीर ने भी बल्लेबाजों को कटघरे में खड़ा किया था. हालांकि भारत के इस साधारण प्रदर्शन के बाद आलोचकों के निशाने पर कोच गौतम गंभीर हैं. गंभीर के कोच बनने के बाद SENA देशों के खिलाफ भारत की यह घर में लगातार चौथी टेस्ट हार है. इससे पहले पिछले साल वह न्यूजीलैंड के खिलाफ 0-3 से घरेलू सीरीज हार गई थी. हालांकि महान टेस्ट बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने गंभीर का बचाव किया है.
गावस्कर ने कहा, ‘मैं गौतम गंभीर की इस बात से सहमत हूं कि इस पिच पर 124 रनों का टारगेट हासिर किया जा सकता था. इस बारे में कोई सवाल नहीं है.’ बता दें ईडन गार्डंस टेस्ट में साउथ अफ्रीका ने टॉस जीतकर पहले बैटिंग का फैसला किया था. लेकिन उसकी पहली पारी में सिर्फ 159 रनों पर सिमट गई. इसके जवाब में भारत ने अपनी पहली पारी में 189 रन बनाकर 30 रनों की बढ़त हासिल की थी और मेहमान टीम को दूसरी पारी में सिर्फ 153 रनों पर ही समेट दिया था, जिससे भारत को जीत के लिए 124 रनों का साधारण सा लक्ष्य मिला.
भारतीय टीम इस आसान से लक्ष्य का पीछा नहीं कप पाई और साउथ अफ्रीका ने उसे 93 रनों पर ढेर कर दिया, जिससे उसे पहले ही टेस्ट में 30 रनों की हार का सामना करना पड़ा और अब वह 0-1 से पिछड़ गई है. इसके बाद हेड कोच गौतम गंभीर सवालों के घेरे में हैं. लेकिन गावस्कर ने इससे अलग बल्लेबाजों के डिफेंस और तकनीक पर दो टूक बात कही है.
इस पूर्व कप्तान ने इंडिया टुडे से बात करते हुए कहा, ‘कई लोग सवाल कर रहे हैं कि पिच क्या कर रही थी. लेकिन अगर आपने साइम हार्मर के ओवर को देखा हो तो वह क्या कर रहे थे? उनकी गेंदें कितनी टर्न हो रही थीं? वह गेंदबाजी में बहुत अच्छा मिश्रण कर रहे थे. वह सीधी गेंद फेंक रहे थे और उनकी कोई-कोई गेंद ही टर्न ले रही थी.’
उन्होंने आगे कहा, ‘तो टर्न होती पिच को दोषी ठहराना ठीक नहीं है. इस पिच पर आपको ऐसा खेलने की जरूरत थी जैसे आप यहां 5 दिन का मैच खेल रहे हो. न कि कोई 50 ओवर या टी20 क्रिकेट, जहां 3 बॉल डॉट हो जाने के बाद आप बड़े शॉट्स खेलने की कोशिश करते हैं. जिस तरह की बैटिंग भारतीय टीम के पास मौजूद थी वहां 124 का लक्ष्य कम से कम 5 विकेट बाकी रहते उसे हासिल कर सकते थे.’
दुनिया में सबसे पहले 10000 टेस्ट रन बनाने वाले इस पूर्व दिग्गज ने कहा, ‘मैं गौतम गंभीर से पूरी तरह सहमत हूं कि इस पिच में कोई खराबी नहीं थी. तीसरे दिन कोई-कोई गेंद ही टर्न हो रही थी. यह सामान्य है. (केशव) महाराज की कितनी गेंदें टर्न हुईं. अक्षर और जडेजा कि कितनी टर्न हुईं. लोग पिच पर सवाल उठा रहे हैं. उसमें कुछ गलत नहीं था. खराब तकनीक, खराब रवैये ने हमें इस मुकाम पर पहुंचाया है.’
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