एक दिन में बदली किस्मत, श्रीनगर में आराम से लेकर हुबली के सुपरस्टार तक, कामरान ने किया कमाल

कामरान गुलाम अपने घर पर थे. अचानक उनका फोन बजता था. अगले दिन रणजी ट्रॉफी फाइनल के लिए उन्हें टीम के साथ जुड़ना था. श्रीनगर से रात साढ़े 11 बजे फ्लाइट पकड़कर वह अगले दिन मैच शुरू होने से पहले हुबली पहुंचते हैं.

Updated Date:February 28, 2026 7:24 PM IST

By Bharat Malhotra Edited By Bharat Malhotra

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फरवरी 23 तारीख थी. दोपहर को तीन बजे थे. कामरान इकबाल श्रीनगर में अपने घर थे. उनके फोन पर घंटी बजती है. अगले दिन सुबह नौ बजे से पहले टीम के पास पहुंचो. वक्त कम था. और दूरी 2600 से ज्यादा किलोमीटर. लेकिन इकबाल इस मौके को गंवाना नहीं चाहते थे. श्रीनगर के दो डिग्री तापमान से निकलकर हुबली के लिए रवाना हुए. कोई सीधी फ्लाइट नहीं थी. लेकिन इकबाल निकल पड़े. रात साढ़े 11 बजे उन्होंने श्रीनगर से उड़ान भरी. पांच घंटे मुंबई में हॉल्ट था और फिर आगे का सफर तय किया. और सुबह साढ़े सात बजे के करीब हुबली एयरपोर्ट पहुंचे.

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शुभम खजूरिया की जगह कामरान को किया गया था शामिल

चोटिल शुभम खजूरिया की जगह जम्मू-कश्मीर की टीम में कामरना इकबाल को जगह मिली थी. और कामरान को मालूम था कि सफर लंबा है. लेकिन वह टीम के साथ जुड़े. पहली पारी में वह कुछ खास नहीं कर पाए. लेकिन दूसरी पारी में उनका बल्ला खूब चला. 160 रन की नाबाद पारी खेली. और जम्मू-कश्मीर ने इतिहास में पहली बार रणजी ट्रॉफी का खिताब जीता.

इकबाल का रणजी ट्रॉफी फाइनल में शतक जड़ना शानदार रहा. वह श्रीनगर में अपने घर पर आराम कर रहे थे क्योंकि वह टीम का हिस्सा नहीं थे. तभी उन्हें तुरंत टीम में शामिल होने के लिए फोन आया.

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उन्होंने कहा, शुभम खजूरिया चोटिल हो गए थे और मुझे टीम प्रबंधन का फोन आया. मैंने शाम की फ्लाइट ली और सुबह आठ बजे यहां पहुंच गया.’ कर्नाटक के खिलाफ पहली पारी में इकबाल की बल्लेबाजी में जैट लैग’ (फ्लाइट के कारण थकान) का असर साफ दिख रहा था और वह सिर्फ छह रन पर आउट हो गए.

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दूसरी पारी में कामरान ने लगाई सेंचुरी

लेकिन दूसरी पारी में शानदार शतक बनाकर इस मौके का पूरा फायदा उठाया. अपने प्रदर्शन पर इकबाल ने कहा, यह आत्मविश्वास और रणनीति दोनों की वजह से था क्योंकि पहले दिन गेंद नई थी. ’

कर्नाटक के खिलाफ ड्रॉ होने के बाद जम्मू-कश्मीर ने पहली पारी में बढ़त के आधार पर अपना पहला रणजी ट्रॉफी खिताब जीतकर इतिहास में अपना नाम दर्ज करा लिया.

इकबाल ने इस सफर का हिस्सा रहे सभी लोगों का शुक्रिया अदा किया. उन्होंने कहा, जम्मू-कश्मीर क्रिकेट संघ को बधाई जिसकी शुरूआत मैं संघ के प्रशासन से करूंगा. मिथुन (मन्हास) सर भी वहां थे, अजय (कोच शर्मा) सर, माजिद सर. हमने सेशन से पूर्व काफी प्रैक्टिस की, हमें खेलने के लिए बाहर भेजा गया था.’

उन्होंने कहा, राजेश सर टीम के लिए बहुत फोकस्ड’ हैं और किसी भी चीज को हल्के में नहीं लेते. यह उसी का नतीजा है.’

इकबाल ने सीनियर खिलाड़ियों की तारीफ करते हुए कहा, पारस और शुभम जैसे सीनियर खिलाड़ी टीम का माहौल बहुत अच्छा रखते हैं. आकिब तेज रफ्तार से गेंदबाजी कर रहे हैं. सभी ने टीम के लिए अपनी कोशिश की हैं और सभी ने अपना योगदान दिया है.’

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Published Date:February 28, 2026 7:23 PM IST

Updated Date:February 28, 2026 7:24 PM IST