माराइस इरासमस ने माना- वर्ल्ड कप 2019 में नहीं करते गलती तो न्यूजीलैंड होता वर्ल्ड चैम्पियन

न्यूजीलैंड के फैन इस बयान के बाद एक बार फिर निराश महसूस कर रहे होंगे कि आखिर वह पहला वनडे वर्ल्ड कप खिताब 2019 में जीत गए होते, अगर अंपायर उस मैच में एक बड़ी गलती नहीं करते...

Published date india.com Updated: April 2, 2024 8:16 PM IST
.Marais Erasmus
3- मराइस इरास्मस (दक्षिण अफ्रीका)

लंदन. ICC के अंपायरिंग के एलीट पैनल से हाल ही में संन्यास लेने वाले माराइस इरासमस (Marais Erasmus) ने माना कि 2019 वर्ल्ड कप के फाइनल में उनसे अपने साथी अंपायर के साथ एक बड़ी गलती हुई थी. इंग्लैंड ने लॉर्ड्स के प्रतिष्ठित मैदान पर विवादास्पद अंदाज में वर्ल्ड कप खिताब जीता था.

सुपर ओवर के बाद भी मुकाबला टाई रहने के बाद इंग्लैंड ने अब रद्द कर दिए गए बाउंड्री गिनने के नियम के आधार पर न्यूजीलैंड को हराकर अपना पहला वनडे वर्ल्ड कप खिताब जीता था. हालांकि यदि मैदानी अंपायर इरासमस और कुमार धर्मसेना इंग्लैंड को 50वें ओवर में ओवरथ्रो के लिए 6 रन नहीं देते तो खेल निर्धारित समय में समाप्त हो सकता था. उस समय मेजबान टीम को 3 गेंदों पर 9 रन चाहिए थे.

बाद में यह महसूस किया गया कि इंग्लैंड को केवल 5 रन दिए जाने चाहिए थे क्योंकि ओवर थ्रो होने तक बल्लेबाजों ने दूसरा रन लेते हुए एक दूसरे को पार नहीं किया था.

इरासमस ने ‘द टेलीग्राफ’ से कहा, ‘अगली सुबह (फाइनल के बाद) मैंने नाश्ता करने के लिए जाते हुए अपने होटल के कमरे का दरवाजा खोला और कुमार ने भी उसी समय अपना दरवाजा खोला और उन्होंने कहा, ‘क्या आपने देखा कि हमने एक बड़ी गलती की है?’ तभी मुझे इसके बारे में पता चला.’

उन्होंने कहा, ‘लेकिन मैदान पर उस पल में, जैसा कि आप जानते हैं, हमने एक-दूसरे से सिर्फ इतना कहा, ‘छह, छह, यह छह रन है.’ बिना यह महसूस किए कि उन्होंने एक दूसरे को पार नहीं किया है.’

इरासमस ने 127 टेस्ट, 192 वनडे और 61 टी20 में मैदानी अंपायर की भूमिका निभाई. इस 60 वर्षीय अंपायर ने पांच साल पहले खेले गए फाइनल में एक और गलती स्वीकार की जब उन्होंने मार्क वुड की गेंद पर रोस टेलर को पगबाधा आउट करार दिया था.

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साउथ अफ्रीका के इस पूर्व अंपायर ने कहा, ‘गेंद काफी ऊपर लगी थी लेकिन वे अपने रिव्यू खत्म कर चुके थे. पूरे सात हफ्तों में यह मेरी एकमात्र गलती थी और उसके बाद मैं बहुत निराश हुआ क्योंकि अगर मैंने पूरे विश्व कप में कोई गलती नहीं की होती तो यह शानदार होता. इससे जाहिर तौर पर खेल पर थोड़ा असर पड़ा क्योंकि वह उनके शीर्ष खिलाड़ियों में से एक था.’

अपने लंबे अंपायरिंग करियर के दौरान न्यूजीलैंड ने इरासमस पर सबसे कम दबाव डाला, जबकि रिकी पोंटिंग और महेला जयवर्धने जैसे खिलाड़ियों ने उन्हें और उनके सहयोगियों को डराने की कोशिश की थी.

उन्होंने कहा, ‘वे (न्यूजीलैंड के खिलाड़ी) हमेशा बहुत, बहुत सम्मानजनक होते थे जबकि जबकि पोंटिंग और जयवर्धने ‘हमें डराने की कोशिश’ करते थे.’

(इनपुट: भाषा)

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