क्या भारतीय टीम में शामिल होने का सपना नहीं देख रहे भुवनेश्वर कुमार? कह दी दिल की बात...
टीम इंडिया के तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार करीब 4 साल से टीम इंडिया का हिस्सा नहीं बने हैं. उन्होंने इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास नहीं लिया है लेकिन टीम इंडिया में वापसी पर उन्होंने कहा...
भुवनेश्वर कुमार @ICC
- भुवी बोले- मैं भारत के खेल चुका हूं तो कुछ और अचीव नहीं करना
- क्रिकेट मेरा प्यार इसलिए अभि भी खेल रहा लेकिन वापसी सपना नहीं
- टीम इंडिया में मौका मिला तो अच्छा- मेरे पास इस स्तर का अनुभव
- मैं खुद को फ्रेश रखकर खेलता हूं क्रिकेट, अब यही मेरा प्लान
टीम इंडिया के सीनियर तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार ने कहा कि नेशनल टीम में वापसी अब उनके लिए मुख्य मकसद नहीं है. उन्होंने कहा कि उन्होंने भारतीय टीम से बाहर की जिंदगी को अपना लिया है. अब वे सिर्फ खेल के प्रति अपने जुनून के कारण खेल रहे हैं. वह अभी सिर्फ 36 साल के ही हैं लेकिन उन्होंने आखिरी भारत की जर्सी नवंबर 2022 में पहनी थी. इससे पहले वह ऑस्ट्रेलिया में खेले गए टी20 वर्ल्ड कप का अहम हिस्सा थे.
भुवी का इंटरनेशनल करियर
भुवनेश्वर अपने इंटरनेशनल करियर में अब तक 21 टेस्ट, 121 वनडे और 87 टी20 इंटरनेशनल मैच चुके हैं. दाएं हाथ के इस तेज गेंदबाज ने कहा कि देश का प्रतिनिधित्व करने का अपना सपना पूरा करने के बाद, उन्हें अब खुद को साबित करने का कोई दबाव महसूस नहीं होता.
RCB के पॉडकास्ट में बोले भुवी
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के पॉडकास्ट एपिसोड में बात करते हुए भुवनेश्वर ने कहा, 'मैं आईपीएल और घरेलू क्रिकेट इसलिए खेल रहा हूं क्योंकि मुझे खेल से प्यार है. जब आप युवा होते हैं और भारत के लिए खेलते हैं, तो आप कहते हैं कि आपको खेल से प्यार है. हालांकि, सच कहूं तो, जो आपके नियंत्रण में है उस पर ध्यान दें और ज्यादा न सोचें. करियर के इस पड़ाव पर अब में महसूस कर रहा हूं कि खेल को उसके प्रति जुनून की वजह से भी खेला जाता है.'
'टीम इंडिया में मौका मिला तो अच्छी बात'
अनुभवी भारतीय गेंदबाज ने आगे कहा, 'मैं पहले ही भारत के लिए खेल चुका हूं. अब मुझे कुछ और हासिल नहीं करना. अगर मुझे एक और मौका मिलता है, तो यह बहुत अच्छी बात होगी, लेकिन मैं वह अनुभव ले चुका हूं. मैं अभी जो कुछ भी कर रहा हूं, वह खेल के प्रति मेरे प्यार की वजह से है. मुझे पता है कि मुझे अनुशासित रहना है. मैं घरेलू क्रिकेट खेलता हूं, मैं यूपी टी20 लीग खेलता हूं. मैं यह पक्का करता हूं कि मैं खेल के संपर्क में रहने के लिए काफी क्रिकेट खेलूं, और साथ ही खुद को ठीक होने और तरोताजा रहने के लिए काफी ब्रेक भी दूं.'
'मुझे किसी चीज का पछतावा नहीं'
इंटरनेशनल क्रिकेट से दूर अपनी जिंदगी के बारे में बात करते हुए दाएं हाथ के गेंदबाज ने बिना किसी पछतावे या कड़वाहट के आगे बढ़ने में मदद के लिए अपने परिवार के माहौल को श्रेय दिया. उन्होंने कहा, 'मैं पूरी तरह से सुकून में हूं, और इसका श्रेय मैं अपने परिवार को देता हूं. घर पर हम कभी क्रिकेट के बारे में बात नहीं करते. हम कभी इस बारे में बात नहीं करते कि क्या मैं भारतीय टीम में वापस आऊंगा, मुझे क्यों नहीं चुना गया, या क्या गलत हुआ. इसने एक बड़ी भूमिका निभाई, और मुझे कोई पछतावा नहीं है. जब आप किसी टीम के अहम सदस्य होते हैं, तो हर कोई कहता है कि टीम सबसे पहले आती है. हालांकि, जब आप टीम का हिस्सा नहीं रहते, तो स्वाभाविक रूप से आपको लगता है कि शायद मुझे अभी भी वहां होना चाहिए था.'
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